आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

प्राइमरी स्कूल की इमारत में भैंस

सुधीर विद्यार्थी

Updated Wed, 31 Oct 2012 09:52 PM IST
vyang of sudheer vidyarthi
साधो, सरकारी स्कूलों के एक अधिकारी देहात के दौरे पर गए, तो प्राइमरी स्कूल की इमारत में भैंस बंधी देखी। वह आग बबूला हो गए। एक छात्र ने बताया कि भैंस ग्राम प्रधान की है। उनके चेहरे के भाव बदल गए, पर उन्होंने जाहिर नहीं होने दिया। वह बोले, प्रधान जी को बुलाओ। अब वह हेड मास्टर की तरफ मुखाबित थे, भैंस किस नस्ल की है, कितना दूध देती है? भैंस देखकर वह खुश होने लगे, तो मास्टरों की जान में जान आ गई। प्रधान आए, तो लोटे में गरम दूध साथ में था। अधिकारी ने दूध पीकर तारीफ की, ऐसा दूध शहर में नहीं मिलता। एक भैंस हमें भी चाहिए।
अधिकारी महोदय अब कुछ मूड में थे। मास्टरों की ओर देखकर वह बोले, क्या आप लोगों ने कभी भैंस के आगे बीन बजाई है? सुनकर सब हे-हे करने लगे। बोले कुछ नहीं।  अब अध्यापकों की परीक्षा की घड़ी थी। अधिकारी ने सवाल दागा, बताओ, गाय और भैंस के दूध में क्या फर्क है? कौन-सा दूध ज्यादा लाभदायक है? अध्यापकों ने सामने खड़े-खड़े उत्तर दिया, गाय का दूध बच्चों के लिए अधिक फायदेमंद है, पर स्वाद में भैंस का दूध अच्छा होता है। वह गाढ़ा भी होता है।

इसके बाद दूसरा सवाल आया, दुधारू गाय किसे कहते हैं? प्रधान अध्यापक ने मुसकरा कर उत्तर दिया, वह जो दूध देती हो। क्या बिना दूध देने वाली गाय या भैंस को खूंटे से बांधकर रखा जा सकता है? इस बार अधिकारी महोदय का सवाल अध्यापकों को कुछ कठिन-सा प्रतीत हुआ। फिर भी एक सहायक अध्यापक ने सहज होकर कहा, ऐसे जानवर को कोई खूंटे से बांधकर नहीं रखना चाहेगा।

तो फिर आप लोग इस विद्यालय में कब तक रहना चाहते हैं और क्यों? आप यहां अपने घरों के नजदीक रहकर आरामतलब बन गए हैं, खेती-बाड़ी और परिवार-बच्चों की देखभाल में समय बिताते हैं। विद्यालय कभी आते हैं, कभी नहीं। मैं जानता हूं कि आप सब गाय और भैंस की तरह सीधे-सादे जानवर हैं।

पर सिर्फ सीधा होना कोई गुण नहीं। आप सबको दुधारू बनना होगा। मैं जब तक अध्यापक रहा, किसी सवाल को कक्षा में दोबारा नहीं समझाता था। मैं हमेशा उन छात्रों को बाहर निकाल देता था, जो एक बार में कोई प्रमेय नहीं समझ पाते थे। अगर दूर-दराज पोस्टिंग नहीं चाहते, तो आप सबको दूध देना पडे़गा। सभी अध्यापक अब दुधारू जानवर बनकर निरीक्षण करने वाले अधिकारी के सम्मुख सिर झुकाए खड़े थे।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

World Photography Day:दुनिया की बेहतरीन 10 तस्वीरें जिन्हें देखकर आपकी नजरें टिक जाएंगी

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

इस हीरोइन को सचमुच की देवी मान पैर छूते थे लोग, अमिताभ और शशि कपूर भी थे कायल

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

Video: 'मम्मी सेहत के लिए तू तो हानिकारक है...'

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

World Photography Day : ये बनारस है, यहां की हर तस्वीर में भक्ति है...

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

मस्ती के मूड में नजर आए 'टाइटैनिक' के जैक और रोज, देखें तस्वीरें

  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

Most Read

स्त्री का प्रेम और पुरुष की उम्र

Woman's love and age of man
  • बुधवार, 16 अगस्त 2017
  • +

मोदी से कैसे मुकाबला करेगा विपक्ष

How opposition counter Modi
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

पाकिस्तान की सियासत में महिलाएं

Women in Pakistan's Politics
  • शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
  • +

गांधी जैसा भारत चाहते थे

Gandi's Dream India
  • सोमवार, 14 अगस्त 2017
  • +

जवाबी आक्रामकता समाधान नहीं

Counter-aggressiveness is not solution
  • सोमवार, 14 अगस्त 2017
  • +

हमारी कामयाबी पर दुनिया का अचंभा

World wonder about our success
  • बुधवार, 16 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!