आपका शहर Close

यथार्थ का धरातल, मुग्ध करती भाषा

कल्लोल चक्रवर्ती

Updated Thu, 06 Sep 2012 06:33 PM IST
Surface of reality language spell
यह अद्भुत संयोग है कि श्याम विमल ने उम्र के इस मोड़ पर रोमांटिक उपन्यास की ओर रुख किया है। उन्हें एक ऐसे संवेदनशील लेखक के तौर पर जाना जाता है, जिसे विभाजन की पीड़ा ने शब्द दिए हैं। विभाजन के दौर और मनोदशा को चित्रित करते उनके उपन्यास 'अनुस्मृति' को इस विषय पर हिंदी के कुछ श्रेष्ठ उपन्यासों की सूची में बेझिझक रखा जा सकता है।
श्याम विमल का समूचा लेखन उनके यथार्थवादी अनुभव से जुड़ा हुआ है, चाहे वह 'व्यामोह' हो या 'अनुस्मृति', 'प्रतिस्मरण' हो या 'पांचवां धाम' या यह उपन्यास। ऐसे लेखन का खतरा यह है कि लेखकीय कौशल-कल्पना के बगैर कई बार वह प्रभावहीन हो जाता है। इस लिहाज से देखें, तो श्याम विमल का समूचा लेखन बहुत पठनीय रहा है, यह अलग बात है कि उखाड़-पछाड़ की साहित्यिक दुनिया में वह ज्यादातर अचर्चित और अलक्षित ही रहे हैं।

'आपकी प्रतीक्षा' अगर 'अनुस्मृति' के स्तर का उपन्यास नहीं है, तो इसलिए कि इसका प्रतिपाद्य कुछ और है। पुणे की पृष्ठभूमि पर आधारित यह उपन्यास दो-तीन दशक पहले की कथा है, जिसमें एक उत्तर भारतीय युवक मराठी प्रशिक्षण योजना के तहत एक स्थानीय युवती के संसर्ग में आता है। हालांकि यह सीधे-सीधे कोई प्रेमकथा नहीं है; बल्कि यह दो संस्कृतियों की कथा है, जिसमें उपन्यासकार ने कई दुस्साहसी कहानियां जोड़ी हैं, जो परंपराप्रेमियों को शायद अच्छी न लगें। पर नायिका का अद्भुत चित्रण यहां है।

वह उत्तर भारतीय लड़कियों की तरह छुई-मुई नहीं है और सामने वाले से दोटूक बात कर सकती है, लेकिन उतनी ही शालीन और साहित्य-संस्कृति में रुचि रखने वाली है। वह मुक्तिबोध की कविता मांगकर पढ़ सकती है, तो मराठी के मंगेश पाडगावर की कविता सुना सकती है। पर उसके चरित्र के भीतर जाने पर असहाय भाव दिखता है, जो करुणा ही पैदा करता है। यानी खुले और स्वतंत्र समाज की भारतीय नारियों की नियति भी कोई बहुत अलग नहीं है। चिट्ठियों के जरिये उपन्यास की शुरुआत और अंत में भी जिस तरह का कौतूहल बनाए रखा गया है, वह उपन्यासकार की क्षमता का ही सुबूत है।

श्याम विमल की कहानियां भी कोई कम प्रभावित नहीं करतीं, हालांकि विभाजन की छाया यहां भी दिखती है। शीर्षक कहानी के अलावा भी कई कहानियां इस विषय पर हैं। शीर्षक कहानी अगर लेखकीय कल्पना का कमाल है, तो विभाजन पर आधारित उनकी दूसरी कहानियां उपन्यासों का ही हिस्सा हैं। 'इन्सान का अंतिम बयान' को इसलिए याद किया जाना चाहिए कि इसमें विभाजन की व्यर्थता को बहुत तीखे और असरदार ढंग से कहा गया है। उनकी कहानियां अपेक्षया छोटी हैं, लेकिन असर करती हैं। स्त्रियों की पीड़ा उनकी कई कहानियों में दिखती है। खासकर 'तेरा नाम क्या है' कहानी में वेश्या का जवाब तो झकझोर देने वाला है। इन कहानियों में अपनी मातृभूमि छोड़कर आने का दर्द है, तो वहां से जुड़ने का रोमांच भी।

कई कहानियों में महानगरीय अमानीवयता का जिक्र है, तो कहीं दिल्ली की हृदयहीन साहित्यिक दुनिया का वर्णन है, जहां लेखक और कलाकार मिलते तो हैं, लेकिन वे दंभ और औपचारिकता की अपनी दुनिया से बाहर नहीं निकलना चाहते। लेखक अपनी कहानियों में जीवन की विषमता को भी प्रभावी तरीके से दिखाता है। मसलन, 'दो रात' कहानी में दो अलग-अलग जीवन स्थितियों से मुठभेड़ है, तो 'दो चित्रों में चरित्र' कहानी दो चित्रों के व्यापक फर्क को दिखाती है, जबकि 'देहात में दो वक्त' दो समयांतरालों में मनुष्यता में आए फर्क के बारे में बताती है।

लेखक का भाषा ज्ञान मुग्ध करता है। उनके उपन्यास में मराठी वार्तालाप की भरमार है, तो कहानियों में मुल्तान से लेकर दिल्ली की बोलियों की बानगी है। अलबत्ता हिंदी के दिग्गज कथालोचक की खिल्ली उड़ाती कहानी बहुत अच्छी नहीं बन पड़ी है। कहानियों की शैली भी कई बार कथा रस में बाधक ही साबित होती है। इन सबके बावजूद इन दो किताबों के जरिये श्याम विमल हमारे समय के एक महत्वपूर्ण साहित्यकार के रूप में तो सामने आते ही हैं।
Comments

स्पॉटलाइट

ऐसे करेंगे भाईजान आपका 'स्वैग से स्वागत' तो धड़कनें बढ़ना तय है, देखें वीडियो

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

सलमान खान के शो 'Bigg Boss' का असली चेहरा आया सामने, घर में रहते हैं पर दिखते नहीं

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

आखिर क्यों पश्चिम दिशा की तरफ अदा की जाती है नमाज

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

सलमान खान को इंप्रेस करने के चक्कर में रणवीर ने ये क्या कर डाला? देखें तस्वीरें

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में निकली वैकेंसी, मुफ्त में करें आवेदन

  • सोमवार, 20 नवंबर 2017
  • +

Most Read

इतिहास तय करेगा इंदिरा की शख्सियत

 History will decide Indira's personality
  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

सेना को मिले ज्यादा स्वतंत्रता

More independence for army
  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी

Modi-Trump's Jugalbandi
  • गुरुवार, 16 नवंबर 2017
  • +

मानवाधिकार पर घिरता पाकिस्तान

Pakistan suffers human rights
  • मंगलवार, 14 नवंबर 2017
  • +

युवाओं को कब मिलेगी कमान?

When will the youth get the command?
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

जनप्रतिनिधियों का आचरण

Behavior of people's representatives
  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!