आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

किराये की कोख से जुड़े कई अकथ रहस्य भी हैं

Varun Kumar

Varun Kumar

Updated Thu, 16 Aug 2012 01:57 PM IST
Rental Womb Surrogate Mother Inexplicable Secret
कुछ बरस पहले तक वंध्यापन के समाधान पर बहुत कम, परिवार नियोजन पर ही ज्यादा ध्यान दिया जाता था। पर आज यह एक दु:खद वैज्ञानिक सचाई है कि दुनिया भर में उत्कट तनावों तथा पर्यावरण प्रदूषण के बीच जीने वाले अनेकों युवा जोड़े सफल सहवास क्षमता के बावजूद संतान उत्पादन में असमर्थ होते जा रहे हैं। लिहाजा उनकी कामनापूर्ति के लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेकनीक (एआरटी) नाम की तकनीक से लैस फर्टिलिटी क्लिनिकों का इन दिनों भारत समेत दुनिया भर में विस्तार हो चला है।
'विक्की डोनर' साल की सफलतम फिल्मों में से है, जो रोचक तरीके से बताती है कि अब प्रयोगशाला में एक तकनीकी कौशल के सहारे किसी डोनर से निकाले गए डिंबाणु/ शुक्राणु के सीधे मानव शरीर में निषेचन से संतानोत्पत्ति संभव है। भारतीय दर्शकों को यह फिल्म सीधे उस दुनिया में ले जाती है, जहां फर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉक्टर एक अचकचाते युवा को पैसे का ऑफर देकर अपने शुक्राणु बेचने को कहता है। उसकी राय है कि स्वस्थ युवाओं के लिए बेऔलाद लोगों को अपने भरपूर शुक्राणु या डिंबाणुओं का एक छोटा हिस्सा बेचना पुण्याई तो है ही, एक चोखा धंधा भी है।

आज पति की नाकामी का ही उपचार नहीं खरीदा जा रहा, जो पत्नियां किसी कारण नौ माह की पूरी अवधि तक गर्भधारण करने में असमर्थ थीं, उनके लिए भी हमारे कई नगरों में डिंब और शुक्राणु बैंक से लैस फर्टिलिटी क्लिनिक लगातार खोले जा रहे हैं। इनके विज्ञापन तथा होर्डिंग्स अन्य परिवार नियोजन उपकरणों की ही तरह तमाम सार्वजनिक जगहों तथा मीडिया में देखे भी जा सकते हैं।

विज्ञापित क्लिनिकों के एजेंटों के पास रजामंद महिलाओं की फेहरिस्त रहती है और डॉक्टरी जांच के बाद अपनी मनपसंद महिला को छांट कर भारत ही नहीं विदेश से आए कई दंपति भी, अपना भ्रूण किराये की कोख में प्रत्यारोपित करवा लेते हैं। डॉक्टर निषेचन के लिहाज से यदि उनके शुक्राणु या डिंबाणु कमजोर पायें, तो वे भी दाम देकर खरीदे जा सकते हैं। लक्ष्य सबका यही है कि उनकी गोद में यथासंभव पराया नहीं, उनका ही जैविक शिशु खेले। हाल में एक मशहूर फिल्मी सितारे तथा उनकी पत्नी ने भी इसी तकनीक की मदद से एक संतान पाई है।

यहां तक कहानी कतई सुखांत लगती है। अब खबरों में इसी तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है। मुंबई की झोंपड़पट्टियों में अपने गरीब माता-पिता के साथ रहने वाली लड़की सुषमा की पिछले महीने अचानक मौत हो गई। कचड़ा बीन कर 4500 रुपये प्रतिमाह कमाने वाली सुषमा की उम्र थी सिर्फ सत्रह वर्ष। उसके माता-पिता का कहना था कि उनकी बेटी की मौत की वजह एक फिर्टलिटी क्लिनिक द्वारा उनकी बेटी का डिंबाणु निकालने में बरती गई लापरवाही थी। अभियोग की उच्च न्यायालय द्वारा करवाई पूछताछ के दौरान पता चला कि सुषमा पिछले डेढ़ साल से, यानी जब से वह कुल सोलह साल की थी, इलाके में एक फर्टिलिटी क्लिनिक के बैंक में अपने डिंबाणु बेच रही थी।

18 महीनों में जब डिंबाणु निकालने को उसका तीसरी बार आपरेशन किया गया, तो क्लिनिक से आकर उसके पेट में अचानक तेज दर्द उठा। माता-पिता उसे हस्पताल ले गए पर 'डोनेशन' के कुल दो दिन बाद रात को वह चल बसी। अदालत को क्लिनिक ने सफाई दी कि उनको सुषमा के माता-पिता ने भरपूर फीस (25 हजार रुपया फी ऑपरेशन) पाने के लालच में अपनी बेटी की उम्र का गलत सर्टिफिकेट दिखाया था। इंडियन मेडिकल काउंसिल के बनाए कानून के तहत 21 साल से कम उम्र की महिला डोनर नहीं बन सकती और कुल मिला कर वह छ: बार से अधिक यह खतरा नहीं उठा सकती। सुषमा के अभिभावकों का कहना है कि उनको एजेंट ने कुछ नहीं बताया था और उनको कथित फीस का एक पैसा भी अब तक नहीं दिया गया है, जबकि क्लिनिक लाखों रुपये वसूल रहे हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार गरीब परिवारों की कुपोषित लड़कियों के लिए डिंबाणु बेचना काफी खतरनाक और तकलीफदेह तो होता ही है, चूंकि अधिकतर महिला डोनर तथा किराये पर कोख देने वाली महिलायें अनपढ़ तथा बेसहारा होती हैं, कई क्लिनिक भले अपने गाहकों से लाखों की फीस वसूल करें , वाजिब फीस मांगने पर पुलिस की धमकी देकर गरीब डोनरों का जमकर दोहन और आर्थिक शोषण करते हैं। आज मेडिकल टूरिज्म के तहत भारत में बाहर से कई दंपति भी अपेक्षया सस्ते भ्रूण या सस्ती कोख का लाभ लेने आने लगे हैं। उनके साक्षात्कार बताते हैं कि उन्होंने किस तरह 'अपने' होने वाले शिशु की सरोगेट माता का गर्भावस्था में खास खयाल रखने को क्लिनिक को विशेष फीस दी और उसे पूरी अवधि एक खास फ्लैट में रखा।

कई दंपति तो पूरी अवधि भारत में रहते हैं, ताकि गर्भवती महिला की देखभाल में उनके शिशु की गर्भ में मौजूदगी के दौरान कोई कमी न हो। लेकिन क्या इस सब में उस महिला की शेष जिंदगी और निजी अस्मिता के प्रति एक अनैतिक निर्ममता की झलक नहीं आती, जिसे वे बच्चा जनवाने के बाद भूल जाते हैं? क्या कभी वे उस महिला की मानसिक दशा पर गौर करते हैं, जो उन दस महीनों में अपने परिवार से अलग-थलग बस एक बच्चा जनने की मशीन बन कर रह गई थी। शिशु किसका अधिक ठहरता है? पैसा देनेवालों का या उसका जिसने उस को नौ माह तक अपने रक्तमांस से सींचा और तकलीफ सह कर जना?

मान लें गरीबों की दुनिया में ममत्व एक लक्जरी है, पर अपनी कोख को किराये पर देने वाली अधिकतर गरीब महिलायें खुद अपनी दो तीन या चार औलादें जन चुकी होती हैं। क्या उनका कोई हक नहीं? स्वेच्छा से ही सही (वैसे गरीब औरत के जीवन में इस शब्द का कोई मतलब नहीं बचा होता) फीस लेकर कराये गए इन गर्भाधानों जिनका (अकसर शिशु की सुरक्षा की दृष्टि से) सिजेरियन प्रसव में समापन होना उसके शरीर पर वैसा ही अत्याचार नहीं, जैसा डिंबाणु के लिए सत्रह बरस की सुषमा की कोख की खतरनाक सर्जरी? यह भी गौरतलब है कि हर सरोगेट बेबी की गारंटी के लिए अकसर एकाधिक भ्रूणों को कोख में रोपा जाता है। इसके कारण या तो उस सरोगेट माता को जुड़वां बच्चे होते हैं या कुछ सप्ताह बाद (एक ही स्वस्थ शिशु के ऑर्डर तले) एक शिशु को कोख में ही नष्ट कर दिया जाता है। यह सब क्या उसकी प्रजनन शक्ति पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालता?

यह सही है कि प्रयोगशाला में भ्रूण बनाना और प्रत्यारोपित करना कानूनन वैध है। पर इस इलाके में खड़े डॉक्टर दलाल तथा गाहक कुदरत की ताकत और गरीब महिलाओं की देह व मन से खिलवाड़ न करें, इसके लिए अब एक सुविचारित विशेष कानून जरूरी है, वरना इस अपरिभाषित धूसर इलाके से प्रयोगशालाई जन्म तकनीकी पर तकलीफदेह नैतिक सवाल उठते रहेंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

अगर बाइक पर पीछे बैठती हैं तो हो जाएं सावधान

  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

सैफ ने किया खुलासा, आखिर क्यों रखा बेटे का नाम तैमूर...

  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

Viral Video: स्वामी ओम का बड़ा दावा, कहा सलमान को है एड्स की बीमारी

  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

बॉलीवुड से खुश हैं आमिर खान, कहा 'हॉलीवुड में जाने का कोई इरादा नहीं'

  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

सैमसंग ने लॉन्च किया 6GB रैम वाला दमदार फोन, कैमरा भी है शानदार

  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

Most Read

कैसे रुकेगी हथियारों की होड़

How to stop the arms race
  • सोमवार, 16 जनवरी 2017
  • +

इस पृथ्वी पर मेरा कोई घर नहीं

I have no home on this earth
  • रविवार, 15 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान में चीन की ताकत

China's strength in Pakistan
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

संक्रमण के दौर में तमिल राजनीति

Tamil politics in transition stage
  • शुक्रवार, 13 जनवरी 2017
  • +

सच क्यों नहीं बोलते राहुल

Why Rahul does not speak the truth
  • रविवार, 15 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान में आवाजों पर पहरा

In Pakistan voices are guarded
  • गुरुवार, 12 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top