आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

लोकोपकार भी है ईश्वर भजन

शिवकुमार गोयल

Updated Fri, 16 Nov 2012 08:41 PM IST
philanthropic also god pray
हमारे नीतिशास्त्रों में कहा गया है कि लौकिक कर्मकांड भगवद्भजन का प्रदर्शन मात्र है। अगर हम वाकई प्रभु की भक्ति करना चाहते हैं, तो हमें कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे लोग सद्कर्मों की ओर उन्मुख हों। इसी से जुड़ा एक प्रसंग महान बांग्ला नाटककार गिरीश घोष से संबंधित है, जो स्वामी रामकृष्ण परमहंस के अनन्य भक्त थे।
घोष के लिखे शिवाजी काव्य को पढ़कर रवींद्रनाथ ठाकुर गद्गद हो उठे थे। एक दिन श्री घोष स्वामी रामकृष्ण की धर्मपत्नी शारदा मां से मिलने जयरामवाटी आश्रम पहुंचे। मां का सारगर्भित प्रवचन सुना, तो उन्हें लगा कि सब व्यर्थ है। ऐसे में संन्यास लेकर भगवान की उपासना में जीवन बिता देना ही उचित है।

सुबह वह मां शारदामणि के चरणों में बैठकर बोले, मां, अब तक मैं नाटक और कविताएं लिखने और थिएटरों में अभिनय करने में अपना समय गंवाता रहा हूं। लेकिन अब संन्यास लेकर भगवान की उपासना में जीवन लगाना चाहता हूं।

मां ने यह सुना, तो मुसकराकर बोलीं, तुम्हारे लेखन से असंख्य पाठक प्रेरणा लेते हैं। तुम लोकोपकार के कार्य में लगे हुए हो। लोकोपकार से बढ़कर भला कौन-सा ईश्वर भजन है। मनुष्य के हर सुकृत्य के साथ स्वयमेव ईश्वर का भजन हो जाता है। गिरीश बाबू मां शारदा का मार्गदर्शन प्राप्त कर कृतकृत्य हो उठे। उनकी आंखों से अश्रुधारा बह निकली।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

philanthropic god

स्पॉटलाइट

Open Letter: हीरोइन का अपडेटेड वर्जन नाकाबिले बर्दाश्त क्यों?

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

'रामायण' बनाने वाले की पोती तस्वीरें वायरल

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

यह खिलाड़ी साबित हुआ भारत के लिए विभीषण

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

खुले में नहाती हैं सुष्मिता, सैफ को है बाथरूम से प्यार

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

ऑस्कर की 'कीमत' सिर्फ 10 अमेरिकी डॉलर

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Most Read

कांग्रेस के हाथ से निकलता वक्त

Time out from the hands of Congress
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

पाकिस्तान पर कैसे भरोसा करें

How Trust on Pakistan
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

नेताओं की नई फसल

The new crop of leaders
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

भद्र देश की अभद्र राजनीति

Vulgar politics of the Gentle country
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पड़ोस में आईएस, भारत को खतरा

IS in neighbor, India threat
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

वंशवादी राजनीति और शशिकला

Dynastic politics and Shashikala
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top