आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

अब क्या जान लोगे बच्चे की!

मूलचंद गौतम

Updated Tue, 06 Nov 2012 09:57 PM IST
people struggle for gutkha
पहले के लोग रामायण के अलावा किसी गुटखा को नहीं जानते थे। नित्य पारायण करने के लिए था, यह चलता-फिरता गुटका। जैसे अब वेदांता कंपनी और वेदांत दर्शन में कोई फर्क नहीं रह गया है, उसी तरह आज गुटखे का मतलब नशे की पुड़िया हो गया है, जो पान का तुरंत विकल्प है। अब जमाना वस्तुओं का नहीं, ब्रांडों का है। जैसे ठंडा मतलब कोकाकोला है। आशीर्वाद और शक्तिभोग आज आटे के पर्याय हो गए हैं।
यही हाल गुटखे का है। पान पराग से लेकर राज दरबार, दिलबहार और भी न जाने क्या-क्या। गगन गुटखे ने तो नकली घी के एक मशहूर ब्रांड को ही पीट दिया है। डालडा अपने आप में एक ब्रांड हो गया है। गुटखे के हर ब्रांड के चाहने वाले। सबका अलग-अलग मजा। खातिरदारी का यह नया तरीका है, जिसमें पाउच को फाड़कर मुंह में डालने की एक खास शैली है। एक से मेरा क्या होगा? तो तुम दो लो। इसके बिना दिमाग काम नहीं करता। पहले दारू से दिमाग चलता था-उच्च विचारों का सृजन होता था। उसकी जगह अब गुटखे ने ले ली है। इसके साथ हैसियत का तंबाकू-तुलसी-बाबा आदि सब कितने सात्विक नाम हैं।

ऐसे परम पदार्थ पर प्रतिबंध लगाने वाले नेताओं के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। आखिर भारत वेदांतियों का देश है। सिर पर कफन बांधकर कुछ भी करने वालों का देश। ऐसे देश में गुटखे पर प्रतिबंध? कौन नहीं जानता कि चीन कभी अफीमचियों का देश था। दूसरा नंबर तंबाकू का था। क्रांति के बाद सबसे पहले इन्हें खत्म किया गया, तब कहीं पिनकी चीनी सुधरे और आज दुनिया की एक नंबर की अर्थव्यवस्था के संचालक हैं। जबकि भारत ने आजाद होते ही नशे का सेवन बढ़ा दिया। शराब-विरोधी गांधी को धता बता दी, क्योंकि शराब और तंबाकू राजस्व के सबसे बड़े साधन हैं और इनके ज्यादातर कारोबारी विदेशी हैं। चीन ने बुद्ध को छोड़कर माओ को अपनाया और भारत ने गांधी को नकारकर उलटी दिशा में चलना शुरू कर दिया।
 
भारत अब तंबाकू युद्ध के कगार पर है। सरकार लगा दे गुटखे पर प्रतिबंध-हम गुटखा के पक्ष में करोड़ों के विज्ञापन देंगे। सिगरेट-शराब को भी बंद करो, वरना हमें भी छूट दो। इन्हें बंद करोगे, तो ब्लैक में हम चार गुना दामों पर बेचेंगे।  
गुटखा लॉबी ऐसे ही हथियार नहीं डाल देगी युद्ध में। आखिर जान थोड़े ही लोगे बच्चे की?
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

शरद से ब्रेकअप के बाद टूट गई थी दिव्यांका, इस एक्टर ने बदल दी जिंदगी

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

फिल्में न होने के बावजूद करोड़ों की मालकिन हैं रेखा, लाइफस्टाइल देख होगी जलन

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

इस नक्षत्र में जन्मे लोग आम और आंवले के पेड़ से रहें दूर, फायदे में रहेंगे

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

गॉडफादर न होने पर क्या होता है, कोई इस हीरोइन से पूछे! पहली फिल्म में कुछ यूं हुई थी बेबस

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

ईद पर सलमान खान से लेकर शबाना आजमी के घर बनता है ये लजीज खाना

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

Most Read

भारतीय राजनीति में बेनामी संपत्ति

Anonymous property in Indian politics
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

राष्ट्रप‌ति के तौर पर प्रणब दा

Presidency of Pranab Da
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

रणनीतिक नेपाल नीति की जरूरत

Needs strategic Nepal policy
  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

विराट का खतरा

risk of virat
  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

जब म‌िलेंगे मोदी और ट्रंप

When Modi and Trump will meet
  • मंगलवार, 20 जून 2017
  • +

भीड़ के जानलेवा फैसले

Deadly decisions of the crowd
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top