आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हे नीति के ईश्वरो, आग बहुत मुलायम है!

यश्‍ावंत व्यास

Updated Fri, 14 Sep 2012 12:41 PM IST
o god policy fire is so soft
देश में जितने भी भावी प्रधानमंत्री हैं, वे अचानक प्रसन्न हो उठे हैं। हमारे एक पुराने साथी का विचार है कि वे भी प्रधानमंत्री हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल बाकी को मौका देना चाहते हैं। तब तक वे एक साबुन फैक्टरी की योजना बना रहे हैं। 'आप प्रधानमंत्री कैसे हो सकते हैं? आप तो कांग्रेस में कभी रहे नहीं।' मैंने पूछा। 'जो भी प्रधानमंत्री होगा, वह अंततः कांग्रेसी ही होगा। क्योंकि, कोई भी उत्तम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री अंततः मूल कांग्रेस या कांग्रेस की खराब फोटोकॉपी बन चुकी पार्टी का ही हो सकता है।' उन्होंने साबुन फैक्टरी का नक्शा दिखाते हुए कहा।
'यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कई ऐसे प्रधानमंत्री हुए हैं, जिन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उन्हें टिकट भी मिलेगा, लेकिन वे प्रधानमंत्री हो गए।' उन्होंने आग तथा डिटर्जेंट के साथ गंदगी और विज्ञापन का अंतर्संबंध समझाते हुए स्पष्ट किया, 'लेकिन ऐसा भी है कि कई ऐसे हैं जिन्होंने सोचा कि उन्हें हर हाल में प्रधानमंत्री बनना है, इसलिए वे कांग्रेस या कांग्रेस जैसों की मदद से प्रधानमंत्री बन गए।'

'आप विचारों की मिलावट कर रहे हैं।' मैंने उन्हें रोका। 'विचार क्या है?' उन्होंने एक सुप्रसिद्ध साबुन का रैपर हटाकर दिखाते हुए कहा, 'निरंतर सिद्धांतों की क्रमबद्ध मिलावट का नाम विचार है। अब अगर यह साबुन शिवसेना के लोग लगाएंगे, तो आप उसे सेक्यूलर मानेंगे या नहीं?' 'पता नहीं। अब तक तो वह सांप्रदायिकता के खाते में गरियाई जाती रही है।'

'वह भावी राष्ट्रपति बनाने में सेक्यूलर कांग्रेस की मदद करेगी और कांग्रेस प्रसन्न है। कांगेस का साबुन बिक रहा है।' 'लेकिन आपको भी प्रसन्न होना चाहिए। स्वच्छता तंत्र का मूल है। यह सर्वोच्च पद के लिए सर्वानुमति का सुंदर आधार है।' 'यह सुंदर आधार ही है, कि अयोध्या रथयात्री आडवाणी के साथ सालों साल आनंद भाव में प्रकाशमान होते गए एक भावी प्रधानमंत्री भी अचानक सर्वोच्च पद के लिए विचारों के उसी बिंदु पर प्रस्थान कर गए हैं, जहां शिवसेना ने विश्राम पाया है।''इसका साबुन, स्वच्छता और सेक्यूलर होने से क्या संबंध है? '

'मैं आपको समझाता हूं।' कहकर वे भीतर गए और बाहर आए, तो कई डिटर्जेंट पाउडर के थैले, साबुन के रैपर और बाल्टियां साथ थीं। उन्होंने एक-एक करके रहस्य खोलना शुरू किया। मान लीजिए, आपको प्यास लगी है, डकैत को भी प्यास लगी है और गंगा मैली करने वाले को भी प्यास लगी है। तीनों एक ही पानी से एक-सी प्यास बुझा सकते हैं। इसी तरह मान लो, आग लगी है। वह फैलती जाएगी तो विवाह पत्रिका, मार्क्सवादी किताब या हिटलरवादी दर्शन को समान भाव से जलाती हुई निकल जाएगी।

आग और पानी, वर्ग चेतना से मुक्त होते हैं। उसी तरह साबुन भी क्षुद्र चीजों से ऊपर होता है। उन्होंने बताया कि बाल्टी में डिटर्जेंट गिरते ही अपने ब्रांड से मुक्त हो जाता है। इसी तरह रैपर से निकलते ही साबुन अपने ब्रांड से मुक्त हो जाता है। मैं जो प्रधानमंत्री बनना छोड़ साबुन फैक्टरी लगाने की सोच रहा हूं, वह इसीलिए महत्वपूर्ण है। मैं अपने ब्रांड से मुक्त हूं इसलिए प्रधानमंत्री होने में मुक्ति का शास्त्र रच सकता हूं।

मुझे हैरत हुई। वे नीतियों का ईश्वर होना चाहते थे, पर नीतीश कुमार के बारे में नहीं बोलते थे। वे आग पर बात कर रहे थे, पर बताते नहीं थे कि आग विचार कर लगाई जाए तो वह चुनकर कुछ फाइलों को जलाती, कुछ को छोड़ती निकल जाती है। वे आग के मुलायम मुहावरे गढ़ते थे, पर उनके बयान में मुलायम सिंह यादव का नाम नहीं था। वे उन ठंडे अंगारों के जिक्र को भी उड़ा गए, जो बिना ब्रांड के करुणानिधि के घर से जनपथ तक बिछे जाते हैं। वे प्रधानमंत्री की रेस में नहीं है, बस अपनी साबुन फैक्टरी पर काम कर रहा है। हे नीति के ईश्वरो, आग बहुत मुलायम है। वे उसकी आंच पर जो साबुन पकाएंगे उसका ब्रांड 2014 में पूछना।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

रात को सोने से पहले पार्टनर के साथ भूलकर भी न करें ये 5 बातें

  • मंगलवार, 30 मई 2017
  • +

प्राकृतिक गर्भनिरोधक है अरंडी का बीज, ऐसे खाएंगे तो नहीं ठहरेगी प्रेगनेंसी

  • मंगलवार, 30 मई 2017
  • +

रोज शाम को जलाते हैं घर में अगरबत्ती, तो जान लीजिए इसके नुकसान

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

आपके मां बाप ने भी जमकर बोले होंगे ये झूठ, जानिए और पकड़ लीजिए

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

पंजाबी फिल्मों का सुपरस्टार था धर्मेंद्र का ये भाई, शूट के दौरान ही कर दी गई हत्या

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

Most Read

सामरिक आत्मनिर्भरता की ओर

Toward strategic self-reliance
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

पत्थरबाज और मेजर गोगोई

Stone-pelter and Mejor Gogoi
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

दूसरी पारी में चुनौती अमेरिका से भी

Challenge in second term from US too
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

विपक्षी एकता की परीक्षा

Test of Unity of Oppositions
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

आरती और विलाप के बीच

Between aarti and moan
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

नक्सलवाद: पचास साल और आगे?

Naxalism: 50 years and henceforth?
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top