आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

आदमी गड्ढा देखेगा या पानी

प्रकाश पुरोहित

Updated Thu, 08 Nov 2012 09:24 PM IST
man sees pit or water
अधिकारी इस बात पर हैरान हैं कि मंत्री जी को पूरी जानकारी नहीं है, वरना वह यह बात कतई नहीं कहते कि प्रदेश में ऐसी सड़कें बनाई जाएंगी कि पेट का पानी भी नहीं हिलेगा। ऐसा तो आज भी हो रहा है। एक तो पूरे रास्तों में पानी की गुंजाइश ही नहीं रहने दी गई है, तो पेट में पानी हिलेगा कैसे? पानी को तरस रहा यात्री सड़क के गड्ढों में इतना गहरे उतर जाता है कि भूल ही जाता है कि उसके होंठ सूख रहे हैं, तो उसकी वजह यह है कि उसे पानी नजर ही नहीं आ रहा। आदमी या तो गड्ढे देख ले या पानी! अगर पानी पीने लगा, तो चार घंटे का रास्ता सुबह से शाम तक ही पूरा हो सकेगा।
अधिकारियों की नाराजगी वाजिब है कि जब पानी को ही तरसते रहते हैं सड़क पर चलने वाले, तो पेट में हिलेगा क्या। अच्छी या बेहतर सड़क की बात तो अधिकारी फूटे मुंह से भी नहीं करते। जो काम अपने बस का है ही नहीं, उधर हाथ डालना ही क्यों? रही बात पेट का पानी न हिलने की, तो इस दिशा में बहुत पहले काम शुरू कर दिया गया है। कहने को रास्ते में हर पांच किलोमीटर पर एक हैंडपंप है, मगर मजाल है कि वहां से एक बूंद पानी भी निकलता हो। जब तक सड़कें मुकम्मल नहीं होती हैं, इतनी तैयारी तो की ही जा सकती है कि पानी पेट तक तो क्या, मुंह तक भी नहीं पहुंचे।

बीच में कुछ हैंडपंपों में अपने आप पानी आने लगा था, हैंडल टूटे तो जमाना हो गया था। अब आप तो जानते हैं कि पानी बचाने की जिम्मेदारी भी सरकारी अधिकारियों के कंधों पर ही होती है। तो राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनते हुए उन बहते हुए हैंडपंपों को बगैर हिचक के बंद कर दिया गया।

मीटिंग में भी यही तय पाया गया कि पेट का पानी, हो सकता है, उन स्वावलंबी हैंडपंपों की वजह से हिला होगा। वरना सरकार तो चाक-चौबंद है। लोगों को गड्ढों से निकलने की मोहलत नहीं देती कि रुककर गला तर कर लें। हां, रास्ते में सरकारी शराब के ठेके जरूर चालू हैं। उनकी वजह से भी पेट में शराब हिल जाती होगी, पानी की तो कतई गुंजाइश नहीं है। हां, ठेकेदार बदमाशी कर सकते हैं कि शराब में पानी इतना मिला देते हों कि प्यासे लोग उससे ही काम चला लेते हों। अधिकारी कहां-कहां हाथ लगाएं। यही वजह रही होगी कि मंत्री जी को शिकायत मिली होगी कि प्रदेश की सड़कों पर पेट का पानी हिलता है। वरना तो कोई वजह नहीं है ऐसी!
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

road water squid system

स्पॉटलाइट

विक्रम भट्ट ने किया कबूल, सुष्मिता सेन से अफेयर के चलते पत्नी ने छोड़ा

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

कैटरीना ने दीपिका से पहले छीना ब्वॉयफ्रेंड और अब लाइमलाइट, आखिर क्यों ?

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

पांच ऐसे स्मार्टफोन, कीमत 5000 रुपये से कम लेकिन 4जी का है दम

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

'ट्यूबलाइट' का नया पोस्टर, सलमान के साथ खड़ा ये शख्स कौन?

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

आमिर, सलमान और शाहरुख को 'बाहुबली 2' से लेने चाहिए ये 5 सबक

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

बुद्धिजीवियों की चुप्पी

Silence of intellectuals
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार

A nation, a tax, a market
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

एक बार फिर बस्तर में

Once again in Bastar
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

आप की असलियत समझती है दिल्ली

Delhi understands the reality of Aam adami Party
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

खेती लाभ का सौदा कैसे बने

 How to become a farming profit deal
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

अर्धसैनिक बलों की मजबूरियां

Compulsions of paramilitary forces
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top