आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

दूसरों की जेब से सिगरेट जलाने वाले, लड्डू बांट रहे हैं?

Varun Kumar

Varun Kumar

Updated Thu, 16 Aug 2012 02:59 PM IST
Laddu Politics Scam Congress
वे चांदनी चौक में खड़े-खड़े लड्डू बांट रहे थे। सिर से पैर तक बम-बम! कई बच्चों के हाथों से बस्ते छीन कर उनकी पीठ पर मिठाई के डिब्बे लादने को तत्पर। लाल किले के रास्ते पर भरपूर नजर डालकर अपने घर की तरफ ताकने में मगन। हाथों में लड्डू, आंखों में लाल किला, जुबान पर जय-जय! मैंने पूछा, ये दूसरों की जेब से नोट निकाल कर अपनी सिगरेट जलाने वाले आज दोनों हाथों से लड्डू कैसे बांट रहे हैं?
लड्डू खाने वाले एक सज्जन ने कहा, 'बढ़िया हैं, कराची-लाहौर के दिनों की याद दिला दी। हमें इससे क्या मतलब कि ये लड्डू क्यों बांट रहे हैं?' भीड़ में काफी लोग थे, जो मुफ्त के लड्डू के लिए जयकारा भी लगाते थे और कुछ ऐसे भी थे, जो दोनों हाथ में लड्डू लेकर निकल जाते थे। कुछ ऐसे थे, जो लड्डू बांटने वाले के गले लगाना चाहते थे। कुछ ऐसे थे, जो बार-बार एक बैनर उठाते थे, जिस पर उस हलवाई का नाम लिखा था जिसने लड्डू प्रायोजित किए थे।

ऐसे ही एक बैनर पकड़ने वाले को मैंने इशारे से बुलाया और इन्टरव्यू के बहाने कोने में ले गया। 'ये इतने प्रसन्न क्यों हैं? क्या किसी केस में छूट गए?' 'केस में तो ये छूटते ही रहते हैं। आज तक कोई केस इन पर नहीं टिका। आज इनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण केस खुला है। उन्होंने ईमान के गांव में बेईमानी के न्याय के अधिकार का झंडा बुलंद किया है।'

'क्या मतलब? क्या यह और बड़ी बेईमानी नहीं है?' 'ईमानदारी और बेईमानी भले ही दो अलग-अलग चीजें हों। लेकिन आप ईमानदारी से बताइए, मुकाबला हो तो सभी नियम और शर्तें समान होना चाहिए कि नहीं? न्याय का अधिकार सभी को है। या तो ईमानदारी मैदान से हट जाए या बेईमानी से मुकाबले के लिए बेईमानी के स्तर पर आकर लड़े। आप ऐसा नहीं कर सकते कि बेईमानी को खत्म भी कर दें और ईमानदारी को भी बचा लें।'

'आपकी बात समझ में नहीं आ रही है। आखिरकार बेईमानी को तो खत्म होना ही चाहिए। ईमानदारी को बचना ही चाहिए। दोनों खत्म और दोनों जीवित कैसे रह सकती हैं?' 'यही तो आप नहीं जानते।' उसने जेब से कुछ तस्वीरें निकालीं। एक नेता, एक स्वामी और तीन चार अद्भुत सौंदर्यशाली चेहरे, जो हर समस्या के वक्त 'हमें तो पता था' के अंदाज में टीवी पर दर्शन देते रहते थे, उसके हाथ में थे। 'आपको याद है मुंबई, बाटला हाउस, भट्टा-पारसौल?' 'मुझे तो रायबरेली-अमेठी में कांग्रेस की गति भी याद है।'

'पर आप नहीं जानते कि इन्हें पहले से पता था कि पब्लिक को न कॉमनवेल्‍थ का भ्रष्टाचार याद रहना चाहिए, न टूजी का घोटाला, न आदर्श सोसाइटी याद रखने की जरूरत है, न महंगाई, न किसानों की आत्महत्याएं। पब्लिक को सिर्फ यह याद रहना चाहिए कि तंत्र रहेगा, तो पब्लिक रहेगी। अगर देश को बचाना है, तो तंत्र को बचाओ। तंत्र को बचाना हो, तो तंत्र चलाने वालों को बचाओ। आज हम सब आनंदित हैं। जो एक आंख वालों के दरबार पर मनमाना कह सकते थे, उन दो आंख वालों पर न्याय का सिद्धांत कायम होने जा रहा है। उनकी एक आंख खत्म करके चीजें बराबर की जा सकती हैं, यह उम्मीद दिख रही है। देश को इस घड़ी में तबियत से लड्डू खाना चाहिए।'

उन्होंने फिर से प्रायोजक का बैनर उठाया और देश की खातिर चौक पर लग गए। अब लड्डू बांटने वाले संत उनके कंधों पर चढ़कर भाषण दे रहे थे। वे ऐसे पुलकित होकर बोल रहे थे, जैसे विरोधी की श्रद्धांजलि सभा में अपने भविष्य का सैद्धांतिक आनंद बिखेर रहे हों। उन्होंने जनपथ का नाम लिया। उन्होंने लड्डू उछालकर चांदनी चौक की अखंड सत्ता का नारा बुलंद किया। अंततः उन्होंने कारों और सरकारों के अंतर्संबंध पर सांगीतिक नारे उछालते हुए इंडिया गेट की मोमबत्तियों पर जोरदार लतीफा सुनाया।

पूरी भीड़ हंसी पर दो लोग नहीं हंसे। वे भी पब्लिक में से ही आते थे। एक संसद के इलाके में चाय बेचता था। दूसरा एक महीने से एम्स में इलाज के लिए मां को उठाए-उठाए घूम रहा था। पब्लिक चुनाव में वोट देती है, तो देश बनता है। पब्लिक लड्डू खाती है, तो जयघोष होता है। फिर ये दोनों कौन हैं, जिन्हें लड्डू के प्रायोजक का नाम तक पता नहीं और लड्डू वालों के लतीफों पर हंसना भी नहीं आता?
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

लव लाइफ होगी और भी मजेदार, रोज खाएं ये चीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

जूते, पर्स या जूलरी ही नहीं, फोन के कवर भी बन गए हैं फैशन एक्सेसरीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

BSF में पायलट और इंजीनियर समेत 47 पदों पर वैकेंसी, 67 हजार तक सैलरी

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

इन तीन चीजों से 5 मिनट में चमकने लगेगा चेहरा

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

नवरात्रि 2017: इस बार वार्डरोब में नारंगी रंग को करें शामिल, दीपिका से लें इंसपिरेशन

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

Most Read

फौज के नियंत्रण में है पाकिस्तान

Pakistan is under the control of the army
  • गुरुवार, 21 सितंबर 2017
  • +

कश्मीर की हकीकत को समझें

Understand the reality of Kashmir
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

निर्यात बन सकता है विकास का इंजन

Export can become engine of development
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

द. एशिया में भारत की नई भागीदारी

India's new partnership in South Asia
  • सोमवार, 18 सितंबर 2017
  • +

धार्मिक डेरे और सियासी बिसात

Religious tent and political chess
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

स्कूलों का हाल इतना बुरा क्यों है?

Why school's situation is so bad?
  • रविवार, 17 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!