आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पहले नेताओं की बेरोजगारी दूर करो

सहीराम

Updated Thu, 15 Nov 2012 01:12 AM IST
kill leaders unemployment
देखो जी, अगर सरकार चाहे, तो बेरोजगारी दूर करने का कोई न कोई तरीका निकाल ही सकती है। वह खाली पड़े सरकारी पद चाहे न भरे, पर खाली पड़े मंत्री पद देर-सबेर जरूर भर लेती है। जो मंत्री नहीं रहे, वे यह भ्रम पाल सकते हैं कि हम पार्टी संगठन के लिए काम करेंगे। इस जमाने में जब सरकार के पास ही घोटाला करने के अलावा कोई काम नहीं बचा है, तो पार्टी संगठन के लिए क्या काम बचा होगा। फिर भी संगठन के लिए काम करने का भ्रम पालना ऐसा है, जैसे आदमी स्वरोजगार का भ्रम पालता है।
पर बेरोजगारी के इस गहन मौसम में जब ओबामा तक इस समस्या से पीड़ित हैं, तब ममता दीदी ने बेरोजगारी दूर करने का एक नया मंत्र दिया है। उनकी पार्टी के जो लोग हाल-फिलहाल तक केंद्र में मंत्री पदों पर विराजमान थे और रेलवे वगैरह में लोगों को तरह-तरह के रोजगार भी दे रहे थे, वे तब अचानक ही बेरोजगार हो गए, जब दीदी ने सरकार से बाहर निकलने का निर्णय ले लिया।

बताते हैं कि उनकी पार्टी में कई ऐसे नेता भी थे, जो बेरोजगार होने के डर से सरकार से निकलना नहीं चाहते थे। पर जो मान जाए, उसका नाम ममता नहीं हो सकता। वह निकल गईं और उनके वे सब नेता बेरोजगार हो गए, जो अभी तक मंत्री थे। पर वह तो ठहरीं नवोन्मेषकारी। उन्होंने उनका दर्द समझा और उनकी बेरोजगारी दूर करने का रास्ता निकाल लिया। उन्होंने उन सभी बेरोजगारों को राज्य में सलाहकार के पद पर नियुक्त कर दिया। उन्हें मंत्री का दरजा दिया और वे तमाम सुविधाएं भी मुहैया करा दीं, जो वे केंद्र में मंत्री रहते हुए पा रहे थे। रिंद के रिंद रहे और हाथ से जन्नत भी न गई।

दीदी बेरोजगारी दूर करने के ऐसे तरीके पहले भी निकालती रही हैं। जब वह रेल मंत्री बनी थीं, तो उन्होंने सिविल सोसाइटी के उन तमाम लोगों और उन कलाकारों को रेल मंत्रालय में इसी तरह सलाहकार टाइप के पदों पर रख लिया था, जिन्होंने वाम मोरचा के खिलाफ उनके आंदोलन को सक्रिय समर्थन दिया था।

अपनी पसंद के लोगों को दीदी कहीं न कहीं रोजगार से लगा ही देती हैं। उनके हाथों बस एक ही आदमी बेरोजगार हुआ। वह थे दिनेश त्रिवेदी। उनका मंत्री पद ही नहीं छीना, बल्कि बाद में ऐसा कोई रोजगार भी उन्हें नहीं दिया गया। सो तमाम सरकारों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। देश की बेरोजगारी तो जब दूर होगी, तब होगी, फिलहाल कम से कम नेताओं की बेरोजगारी तो दूर हो।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

leaders unemployment

स्पॉटलाइट

जानिए किसने खोजी थी बाबा अमरनाथ की गुफा ?

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

इस NRI लड़की के लिए जॉन ने बिपाशा को दिया था धोखा, गुपचुप तरीके से कर ली थी शादी

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

नहाते वक्त कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

अबकी गुस्सा हो जाऊं तो ऐसे मनाना...डियर ब्वाय फ्रेंड

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

सलमान जैसे कई स्टार्स की ये गंदी आदतें भूलकर भी न अपनाएं, कर देंगी आपकी हेल्थ चौपट

  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

Most Read

भारतीय राजनीति में बेनामी संपत्ति

Anonymous property in Indian politics
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

राष्ट्रप‌ति के तौर पर प्रणब दा

Presidency of Pranab Da
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

रणनीतिक नेपाल नीति की जरूरत

Needs strategic Nepal policy
  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

तमिलनाडु में मजबूत होती भाजपा

BJP becomimg strong in Tamil Nadu
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

भीड़ के जानलेवा फैसले

Deadly decisions of the crowd
  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

जब मिले दो सच्चे मित्र

When met two true friends
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top