आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

एक युग की लड़ाई के बारह बरस

कृपाशंकर चौबे

Updated Mon, 05 Nov 2012 11:03 PM IST
irom sharmila completes 12 years of fast
उत्तर-पूर्व में पहला शब्द उत्तर है और उत्तर के पहले प्रश्न होता है और उत्तर-पूर्व आज भी पूरे भारत के लिए प्रश्न बना हुआ है। प्रश्न इसलिए बना हुआ है, क्योंकि दिल्ली से देश का शासन करने वाले पूर्वोत्तर के प्रति अकसर अनुदारता और उपेक्षा का भाव रखते रहे हैं। अनुदारता और उपेक्षा ही पूर्वोत्तर में अस्मिताओं की टकराहट की जमीन तैयार करती रही है।
पूर्वोत्तर की उपेक्षा और अनुदारता का सबसे बड़ा दृष्टांत बारह वर्ष से इरोम चानू शर्मिला का अनशन बना हुआ है। इरोम चानू शर्मिला के अनशन के बारह वर्ष पूरे हो गए। एक युग बीत जाने के बावजूद इरोम की मांग दिल्ली के लिए आज भी अनसुनी है। युग की लड़ाई लड़ रहीं इरोम की आवाज नहीं सुनकर दिल्ली ने प्रकारांतर से अहिंसा के रास्ते चलने वाले लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रति उदासीनता ही प्रदर्शित की है।

याद दिला दें कि दो नवंबर, 2000 को मणिपुर के मालोम में सुरक्षा बलों ने सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून की आड़ लेकर दस बेगुनाहों को मार डाला था। उस घटना ने इरोम चानू शर्मिला को इस कदर विचलित किया कि वह पांच नवंबर, 2000 को आमरण अनशन पर बैठ गईं। उनकी एकमात्र मांग थी- 'मणिपुर में लागू सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून हटाया जाए।'

अनशन पर बैठने के कारण इरोम पर पहली बार वर्ष 2000 में आत्महत्या की कोशिश का आरोप लगा और सजा के रूप में एक वर्ष की जेल हुई। जेल में भी इरोम का अनशन जारी रहा। उसके बाद हर वर्ष वह रिहा होती हैं और फिर अनशन पर बैठने के जुर्म में पुनः गिरफ्तार कर ली जाती हैं। बारह साल पहले उन्होंने जब अनशन शुरू किया था, तो उनकी उम्र 28 साल थी। आज 40 साल है।

पिछले 12 साल के दौरान इरोम चानू शर्मिला अपनी मां इरोम शखी देवी तक से नहीं मिल पाई हैं। लेकिन उनकी चेतना में मां हमेशा रहती हैं। इरोम चानू शर्मिला ने अपने एक कविता संग्रह का शीर्षक मां रखा है, जिसका प्रकाशन चार वर्ष पहले डॉ थियम सुरेश सिंह ने किया था। मां की तरह अपनी मातृभूमि को इरोम चानू शर्मिला पलभर के लिए भी विस्मृत नहीं करतीं।

इरोम चानू शर्मिला का आरोप है कि सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून की आड़ में पूर्वोत्तर में तैनात सशस्त्र बलों के जवान निर्दोष लोगों के साथ गुलामों जैसा बरताव करते हैं। सुरक्षा बलों द्वारा महिलाओं का अपहरण और बलात्कार किया जाना आम बात है। इरोम के आरोपों की जांच करने की जहमत आज तक केंद्र सरकार ने क्यों नहीं उठाई? इरोम के आरोपों की जांच की मांग पर सरकार का घिसापिटा बयान होता है कि ऐसा करने से सुरक्षा बलों का मनोबल गिरेगा। सवाल है कि सरकार पूर्वोत्तर की जनता के मनोबल के बारे में क्यों नहीं सोचती?

क्या यह सही नहीं कि पूर्वोत्तर के प्रति शासन के इसी उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण ही पूर्वोत्तर भारत का अंग होकर भी कई बार भारत का अंग नहीं लगता। मुख्य भूमि में रहकर देश का शासन चलाने वाले पूर्वोत्तर के प्रदेशों और वहां के बाशिंदों की पीड़ा को जानने-समझने का प्रयास करने से परहेज क्यों करते हैं? कहने की जरूरत नहीं कि यदि पूर्वोत्तर के लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा होती और उनके आत्मगौरव व आत्म पहचान को मर्यादा मिलती, तो देश की विशालता-विविधता से वहां के लोग सामंजस्य बिठा भी लेते।

तब अलगाववाद को बढ़ावा भी नहीं मिलता और पूर्वोत्तर में शांति की स्थापना में भी मदद  मिलती। पूर्वोत्तर में शांति, न्याय और मानवाधिकारों के लिए ही इरोम चानू शर्मिला संघर्षरत हैं। उन्होंने अपनी एक कविता में कहा है, जब जीवन मंजिल तक पहुंच जाए/ तुम मेरे निर्जीव शरीर को ले जाना/ बाबा कोबरू की माटी पर रख देना/ शव को अग्नि की लपटों में, जलकर राख बनने देना/ कुल्हाड़ी से शरीर काट देने से मन में नफरत भर जाती है/ बाहरी आवरण जरूर सूख जाएगा/ इसे जमीन के भीतर सड़ने देना/ भावी पीढ़ियों के काम आने देना/ खानों में धातु में परिवर्तित होने देना/ मैं तो शांति की सुगंध फैलाऊंगी/ अपने जन्मस्थान खांग्लेई से/ आनेवाले युगों में यह सारी दुनिया में फैल जाएगी।  इरोम शर्मिला उसी बेहतर कल के इंतजार में हैं।
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

लव लाइफ होगी और भी मजेदार, रोज खाएं ये चीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

जूते, पर्स या जूलरी ही नहीं, फोन के कवर भी बन गए हैं फैशन एक्सेसरीज

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

BSF में पायलट और इंजीनियर समेत 47 पदों पर वैकेंसी, 67 हजार तक सैलरी

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

इन तीन चीजों से 5 मिनट में चमकने लगेगा चेहरा

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

नवरात्रि 2017: इस बार वार्डरोब में नारंगी रंग को करें शामिल, दीपिका से लें इंसपिरेशन

  • रविवार, 24 सितंबर 2017
  • +

Most Read

फौज के नियंत्रण में है पाकिस्तान

Pakistan is under the control of the army
  • गुरुवार, 21 सितंबर 2017
  • +

कश्मीर की हकीकत को समझें

Understand the reality of Kashmir
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

निर्यात बन सकता है विकास का इंजन

Export can become engine of development
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

द. एशिया में भारत की नई भागीदारी

India's new partnership in South Asia
  • सोमवार, 18 सितंबर 2017
  • +

धार्मिक डेरे और सियासी बिसात

Religious tent and political chess
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

बढ़ती बेरोजगारी है बड़ी चुनौती

Growing Unemployment Is Big Challenge
  • सोमवार, 18 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!