आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मुकेश सर की जेब में

रोमेश जोशी

Updated Mon, 05 Nov 2012 11:17 PM IST
in mukesh sir pockets
उस दिन बड़ा गजब हो गया, बल्कि गजब होते-होते रह गया। इतना जान लें कि गजब हो गया होता, तो देश की किस्मत बदल जाती। मतलब किस्मत सुधर भी सकती थी और ज्यादा बिगड़ भी सकती थी। असल में क्या हुआ कि मैंने मुकेश सर से मिलने का समय मांगा। थोड़ी-बहुत पहचान है, इसलिए उन्होंने समय दे भी दिया। और ऑफिस में आते ही उन्होंने मुझे देख पूछा, कहिए?
उनके इस 'कहिए' में 'क्या काम है, जल्दी बोलो' और 'क्या सेवा है' दोनों ही भाव निहित थे। तत्काल जवाब देना था, लेकिन अचानक मुकेश सर का एक हाथ जेब पर गया। वह परेशान से हो गए। उन्होंने झटके से दूसरी जेब को थपथपाया। मुझे लगा, वह कोई जरूरी चीज तलाश रहे हैं। अस्तु, मैं जो कहना चाहता था, वह नहीं कहा।

शायद वह नहाने के बाद कपड़े बदलते वक्त कोई जरूरी चीज जेब में रखना भूल गए थे। वह कुरसी से खड़े होकर बाकी जेबें टटोलने लगे। चेहरे की परेशानी और बढ़ गई, फिर उन्होंने मुझे देख कहा, एक मिनिट।

अब इस एक मिनिट का मतलब यह भी हो सकता था कि 'एक मिनट जरा मेरे साथ आओ' और यह भी कि 'एक मिनट रुको'। मैंने पहले वाला अर्थ लगाया और उनके पीछे चल पड़ा। रास्ते में जो भी मिला, सब चकित। आज सोचता हूं, तो लगता है, मामला कितना संगीन था। चलते-चलते मुकेश सर उस जगह पहुंचे, जहां उनके कपड़े धुलते हैं। जैसे ही वह अंदर गए, तो देखते हैं कि एक आदमी उनकी ही पेंट लिए खड़ा है और मशीन में डालने वाला है। उन्होंने चिल्लाकर कहा, रुको। फिर उन्होंने पेंट छीन ली और उसकी जेब में हाथ डालते हुए बोले, अगर यह धुल जाती, तो आज तो तुम्हारी...।

शायद उसकी नौकरी चली जाती, बच गया बेचारा। जल्दी से मुकेश सर ने जेब में रखा सामान निकाला। दो चीजें थीं। अच्छी तरह से तो नहीं देख पाया, बस इतना पढ़ सका कि एक पर कांग्रेस और दूसरी पर भाजपा जैसा कुछ लिखा था। अब जब आरोप लगे हैं कि भाजपा और कांग्रेस उनकी जेब में हैं, तो समझ में आता है कि उस दिन मुकेश सर अगर समय पर नहीं पहुंचते, तो कैसा गजब हो जाता?

खुद मुकेश सर उस दिन इतने उत्तेजित हो गए थे कि मुझे बाद में कभी आने को कह दिया। मेरा काम तो नहीं हुआ, लेकिन जरा सोचिए, अगर दोनों पार्टियां धुल जातीं, तो अच्छा होता या बुरा?
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

'इंदु सरकार' का फर्स्ट लुक रिलीज, कीर्ति कुल्हारी बनीं ‌इंदिरा गांधी

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

बच्चों की प्री-मैच्योर डिलीवरी पर बोले करण जौहर, कहा- उन्हें देख घबरा गया था

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

नहीं पसंद है इंजीनियरिंग? तो कुछ अलग कोर्स पर तैयार करें करियर

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

स्टीलबर्ड के एमडी राजीव कपूर की ये बातें आपको भी बना सकती हैं सफल

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

क्या करण जौहर के हीरोइनों से लड़ने में मजा आने लगा है?

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

Most Read

मिल-बैठकर सुलझाएं यह विवाद

Settle this dispute by dialough
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

ईवीएम पर संदेह करने वाले

Skeptics on EVMs
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

कुदरती खेती में ही सबकी भलाई

Natural agriculture is beneficial to all
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम बनाने का क्षण

The moment to make Uttar Pradesh the best
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

हिंदुओं के करीब जाते शरीफ

Sharif gets closer to Hindus
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

भारतीय विदेश नीति में नेपाल

Nepal in India's foreign Policy
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top