आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

यहां तो लोहिया के सपने टूट रहे हैं

श्यौराज सिंह बेचैन

Updated Fri, 14 Dec 2012 08:47 PM IST
here lohia dreams are broken
उत्तर प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है। राज्य में न तो अमन है, न ही जान-माल की सुरक्षा की गारंटी। फुले-अंबेडकर की तो बात छोड़िए, लोहिया के सपने भी टूट रहे हैं। जिधर जाइए, उधर पिछली सरकारों से तुलना, समीक्षा और अनौपचारिक मूल्यांकन का दौर जारी है। अपराधों के ग्राफ में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। समाजवाद तो शोषण विहीन व्यवस्था का नाम है, लेकिन इस शासन में तो एक खास वर्ग ही समृद्ध हो रहा है।

हाल ही में बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, बुलंदशहर आदि जाने का मौका मिला, जहां के अनुभव कुछ अच्छे नहीं रहे। उदाहरण के लिए, ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की घटना को लिया जा सकता है। वहां एक ओर तो माननीय राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाई। दूसरी ओर, छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर विजयी हुए दलित छात्र नेता पर खुलेआम हमला किया गया। हमलावर सत्तारूढ़ पार्टी की छात्र इकाई के दबंग बताए गए। यह ऐसी अकेली घटना नहीं है, लेकिन पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। थानों में भी सबकी शिकायत नहीं सुनी जाती, सबकी एफआईआर नहीं लिखी जाती।

हालांकि रुहेलखंड विश्वविद्यालय की घटना को लोगों ने गंभीरता से लिया है। सत्तारूढ़ पार्टी की दबंगई का मुकाबला करने के लिए केवल दलित छात्र संगठन ही नहीं, बल्कि एनएसयूआई और एबीवीपी भी आगे आई है। दरअसल राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही दलितों का जीवन मुश्किल हो गया है। चुनावी नतीजे के बाद सपा से जुड़े लोगों ने सबसे पहले दलितों पर हमले किए थे। लुटे-पिटे दलितों को ढाढस बंधाने मायावती नहीं पहुंच पाईं, तो उनका मनोबल और गिरा। मामला केवल दलितों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं है। घूस और रिश्वत का बाजार तेज हुआ है।

दबंगों के अत्याचारों को कोई रोकने वाला नहीं है। शासन-व्यवस्था की खामियों की कीमत व्यापारी समुदाय भुगत रहा है। उसे राज्य की पिछली सरकार की याद आ रही है। हाल के दिनों की सांप्रदायिक हिंसा ने अल्पसंख्यक समुदाय को तबाह कर दिया है। सपा के बारे में आम धारणा यह है कि वह मुस्लिमों की पक्षधर है। लेकिन मौजूदा राज में उनकी भी कमर टूट रही है।\

कई शहरों में सुनियोजित ढंग से सांप्रदायिक हिंसा भड़काई गई। आम जनता कहीं कर्फ्यू से परेशान है, तो कहीं बंद से। दिक्कत यह है कि पीड़ितों के जख्म पर मरहम लगाने की कोई कोशिश बसपा की ओर से भी नहीं हो रही। पदोन्नति में आरक्षण के मसले को मायावती संसद में बेशक प्रभावी रूप से उठा रही हैं, लेकिन यह भी सच है कि वह दिल्ली में सिमट कर रह गई हैं।

सवाल दलितों या पिछड़ी जातियों की सत्ता का नहीं है। सवाल सरकार की कार्यकुशलता का है। लेकिन यहां तो परिवारवाद हावी है। बल्कि मौजूदा मुख्यमंत्री तो सिर्फ प्रतीकात्मक हैं। सपा में निर्णायक शक्तियां कुछ और ही हैं। अलबत्ता सपा के बराबर की दोषी कांग्रेस भी है, जो सपा और बसपा का सिर्फ इस्तेमाल कर रही है। वह उत्तर प्रदेश में अपना खोया जनाधार वापस पाने की बातें तो करती है, पर उसे इससे कोई मतलब नहीं कि राज्य में प्रशासन-व्यवस्था किस हालत में है।

उसे सिर्फ अपनी सरकार बचाने की चिंता है। दलितों के मामले में तो कांग्रेस के अंतर्विरोध छिपाए नहीं छिपते। उसे उत्तर प्रदेश के बजाय महाराष्ट्र का दलित चाहिए। वह उत्तर प्रदेश के दलित को कुलपति, राज्यपाल या यूजीसी चेयरमैन बनाना जरूरी नहीं समझती। ऐसे में इस राज्य के दलित अगर मायावती की ओर ही उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो आश्चर्य नहीं। पर मायावती को डुबाने वाले उनके वे करीबी हैं, जिन्होंने उनके ग्रामांचल और जनपदों के दौरे रुकवा कर उन्हें कार्यालयी नेता बनाकर कमजोर कर दिया। जबकि मायावती की असली ताकत उनके दौरों और रैलियों में है।

पिछले दिनों जब उन्होंने हर जनपद में रैलियां आयोजित करने का ऐलान किया, तो सत्ता से जुड़े समाज-विरोधियों के चेहरे मुरझाने लगे थे और दलित, अल्पसंख्यक और अति पिछड़े तबकों में जोश आने लगा था। अगर वह प्रदेश का सघन दौरा शुरू करती हैं, तो फौरी तौर पर राज्य सरकार पर दबाव तो बनेगा ही।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

अपनी इस फिल्म के लिए अनिल कपूर ने दी थी इतनी बड़ी कुर्बानी, बाद में मिला धोखा

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

तलाक के चार दिन बाद ही अरबाज ने लिया ऐसा फैसला, मलाइका के पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

फिर जुड़वा बच्चों की मां बनने वाली है गुमनाम हुई ये हीरोइन, अरबों की मालकिन बन दुबई में रह रही

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

नीरस होते रोमांस में गर्माहट ला देंगे ये तेल, रानियां भी करती थीं इस्तेमाल

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

Modi@3: मोस्ट स्टाइलिश पीएम ऑफ द वर्ल्ड, देखें जानदार 'Look'

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

Most Read

ये तय करेंगे लोकसभा चुनाव के नतीजे

Four Implications Leading Up to India’s 2019 General Election
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

विपक्षी एकता की परीक्षा

Test of Unity of Oppositions
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

दूसरी पारी में चुनौती अमेरिका से भी

Challenge in second term from US too
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

ऐसे में कैसे पढ़ेंगी बेटियां

How to read daughters in this situations
  • शनिवार, 20 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश का भविष्य

Future of Uttar Pradesh
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +

सरकार की कमी पूरी करते एनजीओ

NGOs Doing government works in pakistan
  • शुक्रवार, 19 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top