आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

विज्ञान से चलती है सरकार

अरविंद तिवारी

Updated Tue, 04 Dec 2012 01:49 AM IST
government is moving from science
हमारी सरकार विज्ञान के नियमों से संचालित हो रही है। उस पर आरोप लगाने वाले लोग कला वर्ग से पढ़े हुए लोग हैं, अतः सरकार और विपक्ष में टकराव लाजिमी है। विज्ञान और सरकार, दोनों ही एक यंत्र की तरह हैं, जो आंसुओं से नहीं, बल्कि किसी बटन से संचालित होते हैं।सरकार के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को एक-दो उदाहरणों से उसी तरह समझा जा सकता है, जैसे हांडी में पकने वाले चावल के एक दाने को देखकर पूरी हांडी का हाल जाना जाता है।
किसी स्कूल में जब नई बनी छत एक सप्ताह में ही जमीन पर आ जाती है, तो लोगों के साथ विपक्षी पार्टियां भी हाय-तौबा मचाने लगती हैं। सरकार साफ-साफ कह देती है कि उसने तो छात्रों को विज्ञान पढ़ाने के लिए ही ऐसी छत तैयार की थी। गांवों में चूंकि प्रयोगशालाएं नहीं हैं, अतः वह स्कूल की छत ढहाकर विज्ञान के ‘गुरुत्वाकर्षण’ के नियम को समझाना चाहती है। हां, यह बात अलग है कि इस प्रकार के शिक्षण में कभी-कभी दो-चार छात्र छत के नीचे दब जाते हैं।  

इसी तरह, जब कर्मचारी सरकार को परेशान करते हैं, तो वह उन्हें भी विज्ञान पढ़ा देती है। सरकार की एक सनातन नीति के बरक्स कुछ कर्मचारी हमेशा मलाइदार पदों पर एक ही जगह बने रहते हैं, जबकि अन्य कर्मचारी हर साल तबादलों में ताश के पत्तों की तरह फेंटे जाते हैं। कर्मचारी संगठन ने जब इस नीति का विरोध किया, तो सरकार समझ गई कि आंदोलनकारियों को भी साइंस पढ़ाने की जरूरत है।

वार्ता के दौरान कर्मचारी नेता ने सरकार से कहा, आपकी व्यवस्था में मलाइदार पदों पर कुछ लोग बीस-बीस साल से जमे हैं, ऐसा क्यों? सरकार ने मासूमियत से जबाब दिया, न्यूटन के गति के नियम के कारण। नियम यह है कि कोई वस्तु स्थिर है, तो हमेशा स्थिर रहेगी। कर्मचारी नेता ने अगला सवाल दागा, लेकिन कुछ कर्मचारियों का हर वर्ष तबादला कर दिया जाता है। इस बार सरकार ने साधू-संतों वाले भाव से जवाब दिया, न्यूटन के गति के नियम के कारण। यदि कोई वस्तु सीधी रेखा में गति कर रही है, तो हमेशा करती रहेगी, जब तक कि उस पर बाहरी बल न लगाया जाए। कर्मचारी नेता सरकार का जवाब सुनकर हतप्रभ रह गए।  

कर्मचारी नेता साइंस समझकर, मुंह लटकाए हुए सचिवालय से बाहर आ गए। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि आंदोलनरत हजारों कर्मचारियों को यह साइंस कैसे समझाई जाए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

government science

स्पॉटलाइट

ICC रैंकिंग: स्टीव ओ'कीफ की ऊंची छलांग, अश्विन-जडेजा और विराट को हुआ नुकसान

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट्स से निपटेगा गूगल का नया टूल

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

LG G6 लॉन्च, 30 मिनट तक पानी में रह सकता है फोन

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सावधान ! चीनी के सेवन से जा सकती है याददाश्त

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

तारिक फतह की जगह

Place of Tariq fatah
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

कांग्रेस के हाथ से निकलता वक्त

Time out from the hands of Congress
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

पाकिस्तान पर कैसे भरोसा करें

How Trust on Pakistan
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

नेताओं की नई फसल

The new crop of leaders
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

भद्र देश की अभद्र राजनीति

Vulgar politics of the Gentle country
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पड़ोस में आईएस, भारत को खतरा

IS in neighbor, India threat
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top