आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

रहिमन टांका राखिए...

अशोक गौतम

Updated Wed, 07 Nov 2012 10:56 PM IST
glory of stitches
पंडित जी ने काजू अपने मुंह में डाले और भक्तों की ओर मूंगफलियां उछालीं। जिन भक्तों तक मूंगफलियों के आधे-पौने दाने पहुंचे, वे धन्य हुए। उन्हें लगा, आज वे अपने जीवन का लक्ष्य पा गए, अमृत पा गए। भक्तों का जीवन धन्य हुआ। कुछ देर तक काजू चबाते रहने के बाद भक्तों को मूंगफलियों में बादाम का स्वाद होने का एहसास होते देख पंडित जी आनंदित होकर बोले, हे भक्तो! आज मैं सबसे बड़ा सच बोल रहा हूं। वह सच, जो भगवान ने भी नहीं कहा। पंडित जी ने ऐसे लहजे में कहा, मानो केजरीवाल कोई नया खुलासा करने वाले हों। भक्तों की सांसें वहीं की वहीं रुक गईं।
यह देश बस एक शक्ति द्वारा चल रहा है, पंडित जी ने भक्तों में असमंजस की स्थिति पैदा की, तो उनकी पंडिताई धन्य हुई। और वह अजर, अमर शक्ति है टांका। टांके का मतलब तो आप सब समझते ही होंगे। यह देश ही टांकामय है। इसका धर्म टांका है, कर्म टांका है। यहां स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद एक से एक महान टांकामार अवतरित हुए। इस देश में मेहनत नहीं, टांका महान है। टांका लग गया, तो गधा ही बुद्धिमान है। बिन टांके यहां कुछ नहीं होने वाला। यहां न कोई मंदबुद्धि है, न कुशाग्र बुद्धि। बुद्धि का निर्धारण यहां टांका ही करता है। टांका न लगे, तो तोड़ते रहो दिन-रात अपने हाड़।

यहां जीव का निर्माता कर्म नहीं, टांका है। जिनका टांका लगा, वे चिटों पर ही नौकरियां पा रातोंरात बुद्धिमान हो गए, भेड़ चरावक से चतुर सुजान हो गए। इसीलिए समझदार जीव कुछ करे या न करे, टांके का काम पूरी आस्था से करता है। टांका है, तो जीवन है। राशन कार्ड चाहिए, तो टांका फिट कीजिए। पानी चाहिए, तो टांका फिट कीजिए। बिजली का मीटर चाहिए, तो टांका भिड़ाइए। पिछले दिनों अपने एक रिश्तेदार यहां से तंग आकर आगे हो लिए, और श्मशान घाट पर उन्हें जलाने के लिए जब लकड़ियां लीं, तो कमेटी का चौकीदार लकड़ियों में भी हंसते हुए टांका मार गया। बोलो, टांके की जय!

इधर गंदी नाली पर बैठा सब्जी वाला तक भाव किलो का बताता है, लेकिन खरीदार की आंख बचाकर पूरे आत्मविश्वास से आठ सौ ग्राम ही तोलता है और इस तरह दो सौ ग्राम का टांका मारकर राष्ट्रीय चरित्र को सलाम करता है। सार रूप में-रहिमन टांका राखिए, बिन टांका सब सून! बिन टांके जग काटन दौड़े, क्या दिल्ली क्या देहरादून।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

आपकी स्किन खराब कर रहे हैं ये ब्यूटी ट्रीटमेंट, कहीं आप भी तो नहीं करवा रहे हैं?

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

शरद से ब्रेकअप के बाद टूट गई थी दिव्यांका, इस एक्टर ने बदल दी जिंदगी

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

फिल्में न होने के बावजूद करोड़ों की मालकिन हैं रेखा, लाइफस्टाइल देख होगी जलन

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

इस नक्षत्र में जन्मे लोग आम और आंवले के पेड़ से रहें दूर, फायदे में रहेंगे

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

गॉडफादर न होने पर क्या होता है, कोई इस हीरोइन से पूछे! पहली फिल्म में कुछ यूं हुई थी बेबस

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

Most Read

भारतीय राजनीति में बेनामी संपत्ति

Anonymous property in Indian politics
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

राष्ट्रप‌ति के तौर पर प्रणब दा

Presidency of Pranab Da
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

रणनीतिक नेपाल नीति की जरूरत

Needs strategic Nepal policy
  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

विराट का खतरा

risk of virat
  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

जब म‌िलेंगे मोदी और ट्रंप

When Modi and Trump will meet
  • मंगलवार, 20 जून 2017
  • +

भीड़ के जानलेवा फैसले

Deadly decisions of the crowd
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top