आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

कथा / लघुकथाः कहीं विश्वास ही उठ जाए

Varun Kumar

Varun Kumar

Updated Tue, 14 Aug 2012 05:31 PM IST
Faith
ब्रजेश कानूनगो
भगवान महावीर की विशाल प्रतिमा को प्रणाम करके मंदिर से बाहर आकर भारतीदेवी धीरे-धीरे अपने घर की ओर बढ़ने लगीं। सत्तर वर्ष की विदुषी का यह नित्य कर्म था। जब से इस कॉलोनी के मकान में रहने आए, वे अकेले ही दर्शन को चली आती हैं। यह बड़ा अच्छा रहा कि यहां पहले से मंदिर बना हुआ था, अन्यथा शहर के मकान से तो किसी को रोज साथ लेकर ही जाना पड़ता था।

अपने विचारों मे डूबी वे मंदिर से कोई सौ कदम आगे जैसे ही अपनी गली में दाखिल होने के लिए मुड़ने लगीं, सामने से मोटर साइकिल पर दो पुलिस जवान आते दिखाई दिए। दोनों बड़ी हड़बडी और जल्दबाजी में लग रहे थे। उन्होने भारतीदेवी के समीप आकर अंपनी बाइक रोक दी और कहने लगे, ' माताजी कुछ खबर है कि नहीं, इसी गली में पुष्पा मैडम की किसी ने हत्या कर दी है, डाका भी पड़ा है, जरा सावधान रहना और हां, ये आपके कंगन, चेन भी निकालकर अलग रख लो, कहीं भगदड़ में कोई झपट न ले।'

पुष्पा मैडम की हत्या! भारतीदेवी हतप्रभ रह गईं, अरे वह तो उनकी पड़ोसी है! सुधबुध खोकर वे गले में पहनी चेन खोलकर जल्दी-जल्दी हाथों के कंगन उतारने लगीं। एक पुलिसकर्मी ने उनके गहने लेकर अपने रुमाल में लपेटकर भारतीदेवी को थमा दिए। इसके पहले कि वह गहनों की पोटली अपने पल्लू में बांधतीं, बाइक चौराहे की ओर तेजी से दौड़ गई।

कुछ देर बाद भारतीदेवी ने अपने को संभाला, तो आशंका से भर गईं कि कहीं वे भी उन ठगों का शिकार तो नहीं हो गई हैं, जो पुलिस बनकर बुजुर्ग महिलाओं को अपना निशाना बनाते रहे हैं।

तुरंत पोटली खोलकर देखी, सचमुच रूमाल में लोहे की चूड़ियां तथा तार के टुकडे़ बंधे हुए थे। वे चीख पड़ीं। माथे पर पसीने की बूंदें उभर आईं, लगा अभी चक्कर खाकर गिर पड़ेंगी। किसी तरह अपने को संयत करने लगीं। उनके आसपास तब तक भीड़ जमा हो गई थी। लोग पूछ रहे थे-'क्या हो गया माताजी ? क्या किसी ने टक्कर मार दी है?

'नही, टक्कर नही हुई है, जेवर ठग कर ले गए मोटर साइकिल वाले।' बड़ी मुश्किल से वे बोल पाईं। 'क्या पुलिसवाले थे माताजी?' किसी ने पूछा। भारतीदेवी को अनायास बचपन में पढ़ी एक कहानी याद आ गई। कहीं ऐसा ना हो कि लोगों का पुलिस पर से विश्वास ही उठ जाए, बरबस उनके मुंह से निकला-'नहीं वे पुलिसवाले नहीं, कोई बदमाश थे।'
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

Faith

स्पॉटलाइट

सोशल मीडिया: JIO के बाद अंबानी शुरू करेंगे PIO, 3 महीने सब फ्री

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

राजकुमार हो गए अपने ही घर में 'ट्रैप्ड', फिल्म का टीजर हुआ रिलीज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

आखिर क्यों काट दिए गए 'रंगून' से 40 मिनट के सीन ? ये रही असली वजह

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'लाली की शादी में लड्डू दीवाना' का पोस्टर रिलीज, दिखा अक्षरा का नया अंदाज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

बुधवार के दिन करें यह पांच काम, सुख-समृद्धि से भर जाएगी जिंदगी

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

Most Read

पड़ोस में आईएस, भारत को खतरा

IS in neighbor, India threat
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

नोटबंदी के जिक्र से परहेज क्यों

Why avoiding mention of Notbandi
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

वंशवादी राजनीति और शशिकला

Dynastic politics and Shashikala
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

भारत-बांग्लादेश रिश्ते की चुनौतियां

India-Bangladesh Relationship Challenges
  • बुधवार, 15 फरवरी 2017
  • +

मणिपुर का भविष्य तय करेंगे नगा

Naga will decide Manipur future
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

कांग्रेस के हाथ से निकलता वक्त

Time out from the hands of Congress
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top