आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

जनतंत्र की दीवारों पर कशीदाकारी

सुभाष गाताडे

Updated Fri, 07 Dec 2012 09:12 PM IST
Embroidered on the walls of democracy
इंग्लैंड के एक शहर चेस्टर और राजस्थान के शहर झुंझुनू में क्या समानता ढूंढी जा सकती है! वैसे तो ऊपरी तौर पर कोई समानता शायद ही हो, अलबत्ता दोनों नगरों की नगरपालिकाओं के हालिया फैसले एक जैसे दिखते हैं।
विगत नवंबर में खबर आई थी कि किस तरह खुले में निवृत्त होने की आदत पर अंकुश लगाने के लिए चेस्टर नगर परिषद ने योजना बनाई है, जिसके तहत सीसीटीवी पर पकड़े जानेवाले ऐसे व्यक्तियों को लज्जित करने के लिए उन्हें ‘वाक ऑफ शेम’ पर ले जाया जाएगा, यानी ऐसी हरकतों से इस शहर को जो नुकसान पहुंचता है, उसके बारे में उन्हें बताया जाएगा।

झुंझुनू जिला परिषद ने इस समस्या से निपटने के लिए वॉलेंटियरों की सेवाएं लेने की योजना बनाई है, जो सीटी या ढोल बजाकर ऐसे लोगों को सार्वजनिक तौर पर लज्जित करेंगे। इस योजना को 34 ग्राम पंचायतों में भी लागू किए जाने की योजना है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो बाकी पंचायतों में भी इसे विस्तारित किया जाएगा। खुले में निवृत्त होते पकड़े जानेवालों के नाम भी लाउडस्पीकरों से घोषित किए जाएंगे।

चेस्टर और झुंझुनू की प्रस्तावित योजनाएं सबसे पहले मुंबई में इधर-उधर थूकने की आदत पर अंकुश लगाने के लिए शुरू हुई इसी तरह की योजना की याद दिलाती हैं। मुंबई हिंदुस्तान का संभवतः एकमात्र ऐसा शहर है, जहां थूकने पर अंकुश लगाने के लिए क्लीन अप मार्शल्स अर्थात सफाई दरोगा नियुक्त किए गए हैं, जो नियम तोड़ने वालों से 200 रुपये जुर्माना वसूलने की कोशिश करते हैं। रिपोर्ट बताती है कि किस तरह कई लोग जुर्माना देने में आनाकानी करते हैं। यानी लोगों की सिर्फ आदतें ही गंदी नहीं हैं, बल्कि नियम-कायदे के अनुरूप भी वे नहीं चलना चाहते।

अब कोलकाता का ही मामला लीजिए। कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पर हर रोज पांच लाख पैदल यात्री और लगभग उतने ही वाहन चलते हैं। लेकिन लोग इस तथ्य से शायद ही वाकिफ होंगे कि यह दर्शनीय ऐतिहासिक पुल कमजोर हालत में है। ऐसा नहीं है कि 1937 में बना वह पुल पुराना हो चुका है, दरअसल उसे इस हालत में पहुंचाने में पुल पार करनेवाले लोग ही जिम्मेदार हैं, जिन्होंने उसे एक विशाल थूकदानी में तबदील कर दिया है।

इधर-उधर थूकना हम भारतीयों की आदत में ही शुमार है। हावड़ा ब्रिज अकेला उदाहरण नहीं है, इस आदत से तमाम सरकारी महकमों को अतिरिक्त सफाई के मद में करोड़ों रुपये की चपत लगती है। भारतीय रेल भी हर साल सफाई के मद में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करती है।

21 वीं सदी में सुपर पावर बनने को आमादा इस मुल्क को अभी कितनी सारी मध्ययुगीन आदतों से निजात पानी है, इसकी यह छोटी-सी मिसाल है। पुरातन एवं आधुनिक का विचित्र संयोग बने इस देश में हम पग-पग पर ऐसी ही चीजों से रू-ब-रू होते हैं, जिनसे पता चलता है कि हमें अभी कितनी लंबी दूरी तय करनी है।

खुले में शौच की प्रथा को ही लीजिए। आदिम काल की मजबूरियों की याद दिलाती इस प्रथा पर अधिकतर मुल्कों ने पहले ही काबू पा लिया, लेकिन खुले में निवृत्त होने वाले दुनिया के आधे से अधिक लोग यहीं रहते हैं।

इन पुरानी आदतों से हम मुक्त आखिर क्यों नहीं हो पा रहे? दरअसल भारतीय समाज की आत्ममुग्धता इसके आडे़ आ रही है। वर्ष 2007 में एक अंतरराष्ट्रीय संस्था प्यू रिसर्च सेंटर ने वैश्विक रुझानों पर सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण के तहत 47 देशों के लोगों से पूछा गया, क्या वे मानते हैं कि उनके लोग भले ही आदर्श न हों, लेकिन उनकी संस्कृति दूसरों से बेहतर है? सवाल का जवाब ‘हां’ में देने में भारतीय अव्वल थे।

लगभग 93 फीसदी भारतीयों ने अपनी संस्कृति को दूसरे से उन्नत बताया। सर्वेक्षण में दो हजार से अधिक लोगों को शामिल किया गया था, जो शहरी इलाकों से थे। तुलनात्मक रूप से 69 फीसदी जापानी, 71 फीसदी चीनी और 55 प्रतिशत अमेरिकी ही अपनी संस्कृतियों को दूसरे से बेहतर बता रहे थे।

बेशक लोग अपनी संस्कृति की बुराइयों को कम ही देख पाते हैं, मगर अगर हम अपनी तुलना दूसरे मुल्कों से करें, तो फर्क दिखता है। साफ है कि हमें अपनी इस श्रेष्ठता ग्रंथि से मुक्ति पानी होगी।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

गूगल लाया नया फीचर, अब फोन में डाउनलोड ही नहीं होंगे वायरस वाले ऐप

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

क्या आपकी उड़ गई है रातों की नींद, ये तरीका ढूंढ़कर लाएगा उसे वापस

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

दुनिया पर राज करने वाले मुकेश अंबानी आज तक अपने इस डर को नहीं जीत पाए

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

एक्टर बनने से पहले स्पोर्ट्समैन थे 'सीआईडी' के दया, कमाई जान रह जाएंगे हैरान

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

अपने हाथों से ये राशि वाले इस सप्ताह बर्बाद करेंगे अपना प्रेमी जीवन

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

Most Read

मिट्टी के घर से रायसीना हिल तक का सफर

Travel from mud house to Raisina Hill
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +

नीतीश के लिए परीक्षा की घड़ी

Test time for Nitish
  • सोमवार, 17 जुलाई 2017
  • +

विपक्ष पर भारी पड़ते चेहरे

Faced with overwhelming faces on the opposition
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +

अंग्रेजी माध्यम आत्मघाती होगा

English medium will be suicidal
  • मंगलवार, 18 जुलाई 2017
  • +

बच्चों को चाहिए ढेर सारी किताबें

Children should have a lot of books
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +

कामवालियों के श्रम का सम्मान

Respect for labor of women
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!