आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

एफडीआई से जुड़े दावों का सच

महक सिंह

Updated Wed, 17 Oct 2012 09:34 PM IST
article of mahak singh on FDI
डॉ मनमोहन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और सरकार में शामिल सहयोगी दलों के तथाकथित किसान नेता खुदरा बाजार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के पक्ष में आधारहीन एवं खोखले तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं। किसानों को यह कहकर भ्रमित किया जा रहा है कि रिटेल में एफडीआई से उनकी फसल के बेहतर दाम मिल सकेंगे, बिचैलियों से मुक्ति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कृषि उत्पादों की बरबादी कम होगी और ग्रामीण ढांचागत सुविधाओं का विस्तार होगा। पर असल में, ये तर्क भ्रामक हैं और उनका कोई आर्थिक आधार नहीं है।
रिटेल में एफडीआई का भारतीय कृषि पर क्या प्रभाव पड़ेगा? हमें अमेरिका और यूरोप में इससे पड़ने वाले प्रभाव को जानना होगा। अमेरिका में वॉलमार्ट कंपनी 50 वर्ष पूर्व आई थी। इससे आज अमेरिकी किसान बरबाद हो रहे हैं। वहां अब जितने किसान शेष बचे हैं, वह कुल जनसंख्या का एक प्रतिशत है। अमेरिकी सरकार द्वारा दी जा रही भारी भरकम 15.50 लाख करोड़ रुपये की सबसिडी के कारण ही वहां का किसान जिंदा है। इसी तरह, यूरोप के 30 धनी देशों ने 2009 में 12.60 लाख करोड़ रुपये की सबसिडी किसानों को दी। वहां के किसान भी सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।

वहां प्रति मिनट एक किसान खेती छोड़ रहा है। यूरोप और अमेरिका में उच्च कृषि आय बड़ी रिटेल चेन के कारण नहीं, बल्कि सरकारी सबसिडी के कारण है। यदि रिटेल चेन से आमदनी बढ़ती है, तो किसान खेती क्यों छोड़ रहे हैं? केवल फ्रांस में 2009 में किसानों की आय 39 प्रतिशत गिर गई। इसके विपरीत भारत में नव उदारवादी नीतियों के चलते राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए सबसिडी कम करके डीजल, उर्वरकों के दामों में वृद्धि की जा रही है, और किसानों की आय लगातार घट रही है। वॉलमार्ट, जिसका 28 देशों में 414 अरब डॉलर का व्यापार है, का अपने देश में रास्ता साफ करने के लिए उपरोक्त फायदे गिनाए जा रहे हैं।

अमेरिका का अनुभव है कि वॉलमार्ट का एक मॉल खुलने से स्थानीय 64 फीसदी व्यापारियों का धंधा चौपट हो जाता है। भारत में खेती और उद्योग के बाद खुदरा व्यापार सबसे ज्यादा रोजगार देता है। इससे किराना, चाय आदि के दुकानों में रोजी-रोटी पर हमला होगा। एक झूठा दावा किया जा रहा है कि एफडीआई से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा। खुदरा बाजार में पहले ही रिलायंस फ्रेश, भारती आईटीसी चौपाल सागर, हरियाली आदि के रूप में बड़ी देशी कंपनियां काम कर रही हैं। क्या इनसे भारतीय किसानों को बेहतर दाम मिले? क्या इनसे किसानों की आत्महत्याएं रुकीं? खेती की लागत बढ़ गई और वे ठेका खेती पर निर्भर हो गए।

बड़ी रिटेल चेन से उपभोक्ताओं को भी कोई लाभ नहीं होता। लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया में बड़े रिटेलर खुदरा बाजार के मुकाबले में 20 से 30 प्रतिशत अधिक मूल्य वसूलते हैं। मलयेशिया में वॉलमार्ट के 35 स्टोर्स हैं और देश के 65 प्रतिशत बाजार पर इसका कब्जा है, परंतु खुदरा बाजार से उनकी कीमतें 20-30 प्रतिशत अधिक हैं। भारत में 2006 से खुदरा बाजार में रिलायंस समेत दूसरी कंपनियों के स्टोर्स मौजूद हैं। नाबार्ड द्वारा इनमें से 30 स्टोर्स का अध्ययन किया गया, तो निष्कर्ष निकला कि खुले बाजार की अपेक्षा अनेक उत्पाद 20 से 30 प्रतिशत महंगे हैं।

विदेशी निवेश यदि आर्थिक और ढांचागत सुधारों की गारंटी है, तो भारतीय निवेश ऐसे प्रतिस्पर्द्धी और प्रभावशाली बदलावों में सक्षम क्यों नहीं है? यदि विदेशी रिटेल कंपनियां अपनी तकनीकी श्रेष्ठता के दम पर लागत नियंत्रण से बाजार पर छा जाती हैं, तो फिर भारत की तकनीकी प्रगति के दावों की सचाई क्या है? यदि विदेशी निवेश ही हमें उबार सकता है, तो हमारे लिए इससे शर्म की बात नहीं हो सकती। लगता यह है कि खुदरा बाजार में सिंगल ब्रांड में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देकर सरकार इतिहास दोहराने की ओर बढ़ रही है। देखना यह है कि कहीं वॉलमार्ट, कैरीफोर, टेस्को जैसी कंपनियां 17वीं-18वीं सदी की ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की नई अवतार साबित न हो जाए, जो लोगों के पहले हाथ काटे, फिर गरदन।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

mahak singh article fdi

स्पॉटलाइट

सोशल मीडिया: JIO के बाद अंबानी शुरू करेंगे PIO, 3 महीने सब फ्री

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

राजकुमार हो गए अपने ही घर में 'ट्रैप्ड', फिल्म का टीजर हुआ रिलीज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

आखिर क्यों काट दिए गए 'रंगून' से 40 मिनट के सीन ? ये रही असली वजह

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

'लाली की शादी में लड्डू दीवाना' का पोस्टर रिलीज, दिखा अक्षरा का नया अंदाज

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

बुधवार के दिन करें यह पांच काम, सुख-समृद्धि से भर जाएगी जिंदगी

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

Most Read

पड़ोस में आईएस, भारत को खतरा

IS in neighbor, India threat
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

नोटबंदी के जिक्र से परहेज क्यों

Why avoiding mention of Notbandi
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

वंशवादी राजनीति और शशिकला

Dynastic politics and Shashikala
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

भारत-बांग्लादेश रिश्ते की चुनौतियां

India-Bangladesh Relationship Challenges
  • बुधवार, 15 फरवरी 2017
  • +

मणिपुर का भविष्य तय करेंगे नगा

Naga will decide Manipur future
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

कांग्रेस के हाथ से निकलता वक्त

Time out from the hands of Congress
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top