आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

एक उपेक्षित और नीरस संगम

पंकज चतुर्वेदी

Updated Wed, 19 Oct 2016 07:51 PM IST
A neglected and dull confluence

पंकज चतुर्वेदी

हाल ही में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी के आदेश पर हिंडन नदी के किनारे बसे गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर जनपद के करीब 154 गांवों के 31 हजार हैंडपंपों को उखाड़ने के निर्देश दिए गए हैं। एनजीटी ने अपने एक अध्ययन से पुख्ता किया कि अधिकांश हैंडपंपों का पानी भारी धातुओं से दूषित है और संदेह है कि सहारनपुर, शामली और मेरठ जिले के लगभग 45 तरह के उद्योग नदी के जल में आर्सेनिक, पारा जैसे जानलेवा रसायन डाल रहे हैं।
दूर-दूर तक कोई पेड़ नहीं, कोई पक्षी नहीं, बस बदबू ही बदबू। आसमान छूती अट्टालिकाओं को अपनी गोद में समाए नोएडा का सेक्टर-150, ग्रेटर नोएडा से सटा है। यहीं है गांव मोमनथाल। उससे आगे कच्ची, रेतीली पगडंडी पर कोई तीन किलोमीटर चलने के बाद, दूर एक धारा दिखाई देती है। कुछ दूरी के बाद दुपहिया वाहन भी नहीं जा सकते। सीधे हाथ से शांत यमुना का प्रवाह और बाईं तरफ से आता गंदा, काला पानी, जिसमें भंवर उठ रही हैं, गति भी तेज है। यह है हिंडन। जहां तक आंखें देख सकती हैं, गाढ़ी हिंडन को खुद में समाने से रोकती दिखती है यमुना। यह दुखद, चिंतनीय और विकास के प्रतिफल का वीभत्स दृश्य राजधानी दिल्ली की चौखट पर है। इसके आसपास देश की सबसे शानदार सड़क, शहरी स्थापत्य, शैक्षिक संस्थान और बाग-बगीचे हैं। दो महान नदियों का संगम, इतना नीरस, उदास करने वाला और उपेक्षित।

कहते हैं कि शहर और उसमें भी ऊंची-ऊची इमारतों में आमतौर पर शिक्षित, जागरूक लेाग रहते हैं। पर गाजियाबाद और नोएडा में पाठ्य पुस्तकों में दशकों से छपे उन शब्दों की प्रामाणिकता पर शक होने लगता है, जिसमें कहा जाता है कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के किनारे हुआ और नदियों के संगम स्थल को बेहद पवित्र माना जाता है। धार्मिक आख्यान कहते हैं कि हरनंदी या हिंडन नदी पांच हजार साल पुरानी है। मान्यता है कि इस नदी का अस्तित्व द्वापर युग में भी था और इसी के पानी से पांडवों ने खांडवप्रस्थ को इंद्रप्रस्थ बना दिया था। जिस नदी का पानी कभी लोगों की जिंदगी को खुशहाल करता था, आज उसी नदी का पानी लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन गया है। बीते 20 साल में हिंडन इस कदर प्रदूषित हुई कि उसका वजूद लगभग समाप्त हो गया है। गाजियाबाद जिले के करहेडा गांव से आगे बढ़ते हुए इसमें केवल औद्योगिक उत्सर्जन और विशाल आबादी की गंदगी ही बहती दिखती है। अपने अंतिम 55 किलोमीटर में सघन आबादी के बीच से गुजरती इस नदी में कोई भी जीव मछली नहीं है। इसकी ऑक्सीजन की मात्रा शून्य है और अब इसका प्रवाह इसके किनारों के लिए भी संकट बन गया है। हिंडन सहारनपुर, बागपत, शामली मेरठ, मुजफ्फरनगर से होते हुए यह गाजियाबाद के रास्ते नोएडा तक जाती है। कई गांव ऐसे हैं, जो हिंडन के प्रदूषित पानी का प्रकोप झेल रहे हैं। कुछ गांव की पहचान तो कैंसर गांव के तौर पर होने लगी है।

अभी इसी साल मई में दिल्ली में यमुना नदी को निर्मल बनाने के लिए 1,969 करोड़ के एक्शन प्लान को मंजूरी दी गई है, जिसमें यमुना में मिलने वाले सभी सीवरों व नालों पर एसटीपी प्लांट लगाने की बात है। मान भी लिया जाए कि दिल्ली में यह योजना कामयाब हो गई, लेकिन वहां से दो कदम दूर निकल कर ही इसका मिलन जैसे ही हिंडन से होगा, कई हजार करोड़ बर्बाद होते दिखेंगे। हिंडन की मौत एक नदी या जल-धारा की नहीं, बल्कि एक प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और संस्कार का अवसान होगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

परिवार है बड़ा तो ये कारें है बेहतरीन विकल्प

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

NIFT-2017: एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

अपने स्मार्टफोन में ऐसे करें एंड्रॉयड नूगट 7.0 अपडेट 

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

सरकारी नौकरी में इंजीनियर्स के लिए बम्पर भर्तियां, यहां करें आवेदन

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

कार्पेट पर लगे दागों को इन आसान तरीकों से करें साफ

  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

Most Read

क्रिकेट आकाओं के नए हथकंडे

Cricket bosses new tactics
  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

स्कूलों को रसोईघर न बनने दें

Do not let schools become kitchen
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

मिल-बैठकर सुलझाएं यह विवाद

Settle this dispute by dialough
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

कुदरती खेती में ही सबकी भलाई

Natural agriculture is beneficial to all
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

दलाई लामा से क्यों डरता है चीन

Why china afraid from Dalai Lama
  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +

यहां शिमला से पीछे है मुंबई

Here Mumbai is behind Shimla
  • गुरुवार, 30 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top