आपका शहर Close

जब श्रमदान से बना बांध

Yashwant Vyas

Updated Sun, 05 Aug 2012 12:00 PM IST
बात 1917 की है। महान संत श्री हरिबाबा जी महाराज अनूपशहर के गंगा तट पर स्थित गांवों में भगवन्नाम संकीर्तन के लिए प्रचारार्थ पधारे हुए थे। उन्हें ग्रामीणों से पता लगा कि इस साल गंगा की बाढ़ के कारण सैकड़ों छोटे-छोटे गांव जल में बह गए और हजारों गाय-बैलों की मृत्यु हो गई। पूज्य बाबा ने संकल्प लिया कि वह अनूपशहर क्षेत्र में गंगा के पार गवां (बदायूं) में बांध बनवाकर गंगा की बाढ़ से ग्रामीणों की रक्षा का स्थायी समाधान निकालेंगे।
श्री हरिबाबा ने ग्रामीणों के समक्ष सेतुबंध लीला का प्रदर्शन कर उन्हें बांध बनाने की प्रेरणा दी। वह हाथ में घंटा लेकर हरि बोल-हरि बोल का संकीर्तन करते और ग्रामीण भक्तजन टोकरियों में मिट्टी भर-भर कर बांध पर डालते। हजारों ग्रामीण श्रमदान के लिए आने लगे। संकीर्तन और कठोर श्रम के माध्यम से श्री हरिबाबा अपने संकल्प की पूर्ति में सफल हुए। कुछ वर्षों में ही विशाल बांध तैयार हो गया।

श्री उड़िया बाबा, आनंदमयी मां, स्वामी करपात्री जी , स्वामी अखंडानंद जी, स्वामी कृष्णानंद जी अवधूत जैसे शीर्षस्थ संत भी समय-समय पर श्री हरिबाबा के जनसेवा के इस अनूठे कार्य का अवलोकन करने आने लगे। गवां का हरिबाबा बांध धार्मिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। बांध पूरा हो जाने से सैकड़ों गांव के लोगों को गंगा की बाढ़ से राहत मिली। आज भी गवां क्षेत्र के गांवों के घर-घर में श्री हरिबाबा की मूर्ति विराजमान है।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

चंद दिनों में बालों को घना काला करता है लहसुन का ये चमत्कारी पेस्ट

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

Dhanteras 2017: इन चीजों को खरीदने में दिखाएंगे जल्दबाजी तो होगा नुकसान, जानें कैसे

  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

पकड़ने गए थे मछली, व्हेल ने कुछ ऐसा उगला मछुआरे बन गए करोड़पति

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

इस दीपावली घर का रंग-रोगन हो कुछ ऐसा कि दीवारें भी बोल उठें 'हैप्पी दिवाली'

  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

कहीं मजाक करते समय अपने पार्टनर का दिल तो नहीं तोड़ रहे आप?

  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

रूढ़ियों को तोड़ने वाला फैसला

supreme court new decision
  • रविवार, 15 अक्टूबर 2017
  • +

ग्रामीण विकास से मिटेगी भूख

Wiped hunger by Rural Development
  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

पारंपरिक बाजार पर दोहरी मार

Dual hit on traditional market
  • बुधवार, 11 अक्टूबर 2017
  • +

भारत में समाजवाद

Socialism in india
  • गुरुवार, 12 अक्टूबर 2017
  • +

उत्तर प्रदेश में क्या बदला?

What changed in Uttar Pradesh?
  • गुरुवार, 12 अक्टूबर 2017
  • +

नवाज के बाद मरियम पर शिकंजा

Screw on Mary after Nawaz
  • शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!