आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

बलि से प्रसन्न नहीं होतीं देवी

Yashwant Vyas

Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
संत गाडगे बाबा का जन्म महाराष्ट्र के एक धोबी परिवार में हुआ था। सामाजिक भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना के उन्मूलन के लिए जहां उन्होंने रचनात्मक अभियान चलाया, वहीं धर्म के नाम पर निरीह पशुओं की बलि की भी उन्होंने घोर निंदा की।
गाडगे महाराज ने झाड़ू पंथ की स्थापना की। वह गरीब बस्तियों में जाते और वहां के घरों में अपने हाथों से झाड़ू लगाकर उन्हें स्वच्छ रहने की प्रेरणा देते। वह जीर्ण-शीर्ण पड़े मंदिरों की सफाई कर देवस्थानों की पावनता का संदेश देते और लोगों को शराब छोड़ने का संकल्प कराते।

एक दिन बाबा अपने शिष्यों सहित एक ऐसे देवी मंदिर में जा पहुंचे, जहां देवी की प्रतिमा के समक्ष बकरे की बलि दी जा रही थी। गाडगे बाबा ने देखा कि एक व्यक्ति बकरे को खींचकर बलि स्थल पर ला रहा है और असहाय बकरा 'मां-मां' कर रो रहा है। बाबा ने उस व्यक्ति को ललकारा, यह पाप कर्म क्यों कर रहे हो? इस निरपराध पशु की हत्या से देवी भला कैसे खुश हो सकती है?

जब वह अंधविश्वासी मानने को तैयार नहीं हुआ, तो गाडगे बाबा बलि स्थल पर खड़े हो गए और बोले, भइया, मेरा सिर उतार लो, बाद में बेजुबान पशु की हत्या करना। देवी मां किसी का जीवन लेने से नहीं, किसी के प्राणों की रक्षा करने से प्रसन्न होती है। ये शब्द सुनते ही उस अंधविश्वासी की आंखें खुल गईं। उसने भविष्य में पशु बलि न देने का संकल्प ले लिया।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

इंस्टाग्राम की नई क्वीन बनीं कैटरीना, एक दिन में हुए इतने फॉलोअर्स

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अधूरी रह गई विनोद खन्ना की आखिरी ख्वाहिश...

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

बाहुबली ने बॉक्स ऑफिस में रचा इतिहास, खान तिकड़ी के ये रहे कमाई के रिकॉर्ड?

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

इस मंदिर में पुरुषों का प्रवेश है निषेध, जानें कैसे कर पाते हैं पूजा

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अपडेटेड रेंज रोवर अगले साल तक होगी लॉन्च

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

बुद्धिजीवियों की चुप्पी

Silence of intellectuals
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार

A nation, a tax, a market
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

एक बार फिर बस्तर में

Once again in Bastar
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

बेकसूर नहीं हैं शरीफ

Sharif is not innocent
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

अर्धसैनिक बलों की मजबूरियां

Compulsions of paramilitary forces
  • मंगलवार, 25 अप्रैल 2017
  • +

राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की परीक्षा

Examination of opposition in presidential election
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top