आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

स्वर्ग के सुखों में संतोष कहां

Yashwant Vyas

Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
एक पौराणिक कथा है। संत विद्रुध भगवान की भक्ति, तपस्या में तो लगे ही रहते थे, दूसरों की सेवा-सुश्रषा में भी भरपूर समय लगाते थे। उन्हें प्राणी मात्र में ईश्वर के दर्शन कर उसकी सेवा की प्रेरणा इस कदर मिली थी कि जब कुष्ठ रोग से पीड़ित एक महिला को उन्होंने देखा, तो पूजा-पाठ छोड़कर उसकी सेवा में जुट गए। इन सेवा-कार्यों से उनके पुण्यों का खजाना तेजी से बढ़ता गया। और जब उन्होंने शरीर छोड़ा, तो उन्हें स्वर्ग भेज दिया गया।
स्वर्ग में अनेक अलौकिक सुखों की व्यवस्था थी, किंतु विद्रुध को सुख प्रभावित नहीं कर पाया। उनकी इच्छा होती थी कि काश, वह फिर से पृथ्वी लोक पर भेज दिए जाते, जहां उन्हें एक बार फिर दुखियों और अभावग्रस्तों की सेवा का सुअवसर मिलता। स्वर्ग के सुखों का उन्होंने कभी उपयोग नहीं किया।

देवराज इंद्र को जब पता चला कि विद्रुध स्वर्ग के सुखों का उपयोग नहीं कर रहे, तो उन्होंने इसका कारण पूछा। विद्रुध ने कहा, देवराज, मुझे पृथ्वी पर दुखियों की सेवा-सहायता में जो अनूठा आनंद मिलता था, उससे विमुख कर दिए जाने के कारण मैं दुखी रहता हूं। भौतिक सुखों में मुझे कभी आनंद की अनुभूति नहीं हुई, तो अब कैसे होगी?

देवराज उनकी विरक्ति भावना देखकर हतप्रभ थे। उन्हें फिर से पृथ्वी लोक भेज दिया गया, जहां वह अपने सेवा कार्य में जुट गए। सेवा परोपकार के लिए स्वर्ग के सुखों को ठुकराने वाले विरल ही होते हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

इस फूल की ब्लू चाय ग्रीन टी को देती है मात, जानें कई फायदे

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

मल्टी टैलेंटेड हैं 'गोरी मेम', इनके हुनर के आगे बॉलीवुड हीरोइनें पड़ जाती हैं फीकी

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

चीजें रखकर भूल जाते हैं तो रोजाना खाएं 3 काजू, जानें कई फायदे

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

ये चार 'A' बनाएंगे आपको 'मिस्टर कूल', जानें कैसे

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

असल जिंदगी में इतनी बोल्ड है टीवी की ये एक्ट्रेस, तस्वीरें देख नहीं होगा यकीन

  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

Most Read

राष्ट्रप‌ति के तौर पर प्रणब दा

Presidency of Pranab Da
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

भारतीय राजनीति में बेनामी संपत्ति

Anonymous property in Indian politics
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

रणनीतिक नेपाल नीति की जरूरत

Needs strategic Nepal policy
  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +

भीड़ के जानलेवा फैसले

Deadly decisions of the crowd
  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

जब मिले दो सच्चे मित्र

When met two true friends
  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

विराट का खतरा

risk of virat
  • गुरुवार, 22 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top