आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

विश्व बैंक में भारतीय अर्थशास्त्री

Mrinal Pandey

Updated Sat, 08 Sep 2012 12:00 PM IST
रुपये की कीमत में गिरावट को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा मानने वाले कौशिक बसु विश्व बैंक के नए प्रमुख अर्थशास्त्री होंगे। आमतौर पर मुद्रा की कीमत में गिरावट को नकारात्मक संकेत माना जाता है, लेकिन उनके इस सुझाव में विपरीत परिस्थितियों में बेहतर विकल्प खोजने की झलक मिलती है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे बसु का जन्म नौ जनवरी, 1952 को कलकत्ता में हुआ।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमएससी करने के बाद उन्होंने अमर्त्य सेन के निर्देशन में पीएच.डी. की। उन्होंने विकास अर्थव्यवस्था, कल्याणकारी अर्थव्यवस्था, औद्योगिक संगठन और सार्वजनिक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विशेष कार्य किया है। उनकी प्रमुख पुस्तकों में एनालिटिक डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स, प्रील्यूड टू पोलिटिकल इकोनॉमी : ए स्टडी ऑफ द सोशल एंड पोलिटिकल फाउंडेशंस ऑफ इकोनॉमिक्स, ऑफ पीपुल, ऑफ प्लेसेज : स्केचेज फ्रॉम एन इकोनॉमिस्ट्स नोटबुक और बियोंड द इनविजिबल हैंड : ग्राउंडवर्क फॉर अ न्यू इकोनॉमिक्स शामिल हैं।

मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर विश्व बैंक उनकी इन दक्षताओं का बेहतर इस्तेमाल कर सकता है। विश्व बैंक के प्रमुख जिम योंग किम ने भी माना है कि उत्कृष्ट अकादमिक उपलब्धियां हासिल करने वाले बसु ने एक विकासशील देश में काम किया है, जो हमारे लिए वरदान की तरह है। विश्व बैंक पर अमेरिका का अच्छा-खासा प्रभाव है और बसु आर्थिक उदारीकरण व अमेरिकी अर्थनीतियों के समर्थक माने जाते हैं। आम अर्थशास्त्रियों के विपरीत वह अपने बेबाक बयानों को लेकर भी काफी चर्चित रहे।

मसलन, वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि 2014 के आम चुनाव के बाद ही सुधारों में तेजी आ सकती है। यही नहीं, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह सिविल सोसाइटी के प्रयासों की तारीफ भी कर चुके हैं। उनकी शादी अल्का मालवाडे बसु से हुई है। अल्का कोरनेल विश्वविद्यालय के विकास समाजशास्त्र विभाग में प्रोफेसर हैं। भ्रष्टाचार के मसले पर मुखर रहने वाले बसु ने अपने एक शोध-पत्र में राशन कार्ड या पासपोर्ट बनवाने के लिए दी जाने वाली रिश्वत को 'उत्पीड़न रिश्वत' का नाम दिया है। वह मानते हैं कि अर्थव्यवस्था के विकास के लिए लोगों में मजबूत नैतिक मूल्यों का होना बेहद जरूरी है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

एलियन समझ कर पकड़ा था, सच्चाई पता चली तो उड़ गए होश

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

करण जौहर के बाद एक और हीरो ने अपनी मर्दानगी पर किया बड़ा खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

शादी के बाद मोनालिसा ने सीक्रेट रूम में मनाई सुहागरात, रो पड़े मनु पंजाबी

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

अपने इस 'खास अंग' का बीमा करवाना चाहती हैं सनी लियोन

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

आज लॉन्च होगा Xiaomi Note 4, जानिए कीमत और खासियत

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

कैसे रुकेगी हथियारों की होड़

How to stop the arms race
  • सोमवार, 16 जनवरी 2017
  • +

इस पृथ्वी पर मेरा कोई घर नहीं

I have no home on this earth
  • रविवार, 15 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान में चीन की ताकत

China's strength in Pakistan
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

संक्रमण के दौर में तमिल राजनीति

Tamil politics in transition stage
  • शुक्रवार, 13 जनवरी 2017
  • +

चुनाव सुधार के रास्ते के रोड़े

Hurdel of Election reforms
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

सच क्यों नहीं बोलते राहुल

Why Rahul does not speak the truth
  • रविवार, 15 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top