आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

महंगाई से मुक्ति का रास्ता

{"_id":"3142","slug":"Mrinal-Pandey-3142-","type":"story","status":"publish","title_hn":"\u092e\u0939\u0902\u0917\u093e\u0908 \u0938\u0947 \u092e\u0941\u0915\u094d\u0924\u093f \u0915\u093e \u0930\u093e\u0938\u094d\u0924\u093e","category":{"title":"Opinion","title_hn":"\u0928\u091c\u093c\u0930\u093f\u092f\u093e ","slug":"opinion"}}

Mrinal Pandey

Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
इन दिनों देश के करोड़ों लोग खाद्य पदार्थों की बढ़ती महंगाई से दैनिक जीवन में आर्थिक कठिनाई अनुभव कर रहे हैं। कमजोर मानसून के साथ-साथ अमेरिका और यूरो जोन में कारोबारी सुस्ती, देश का बढ़ता हुआ राजकोषीय घाटा, चालू खाते का घाटा, रुपये की कमजोरी और महंगे आयात आदि के कारण भी देश में महंगाई बढ़ी है। कमजोर मानसून के कारण इस वर्ष जुलाई में खाद्य वस्तुओं के दाम जुलाई, 2011 की तुलना में औसतन 35 फीसदी तक बढ़ गए। विश्व प्रसिद्ध नील्सन ग्लोबल ऑनलाइन सर्वेक्षण द्वारा दुनिया के 56 देशों में कराए गए उपभोक्ता सर्वे के मुताबिक, उपभोक्ता विश्वास डगमगाने के मामले में भारत पहले पायदान पर है। वर्ष 2009 के बाद ऐसा पहली बार हुआ, जब भारत में उपभोक्ता विश्वास सूचकांक 120 से नीचे रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में बाजार की स्थितियों का अध्ययन करने वाली रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने भी भारत में महंगाई से संबंधित अपनी शोधपरक अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि इस साल कमजोर मानसून से निर्मित हुई महंगाई और कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में सूखे जैसी स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन गई है। महंगाई और बिगड़ते कारोबारी हालात का असर आर्थिक विकास दर पर भी पड़ रहा है। क्रिसिल ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के विकास दर का अनुमान घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया है। चूंकि महंगाई दर और ब्याज दर के ऊंचे होने के साथ विकास दर में भी गिरावट आनी शुरू हो गई है, ऐसे में अब केवल रिजर्व बैंक के मौद्रिक कदमों से महंगाई में कमी लाना मुश्किल है।

ऐसी विकट आर्थिक स्थिति में दक्षिण कोरिया का अनुभव भारत के लिए सबक हो सकता है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में दक्षिण कोरिया भी ऐसी ही महंगाई से जूझ रहा था। वहां महंगाई दर लगातार बढ़ते हुए केंद्रीय बैंक के तय लक्ष्य से ऊपर के स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि कारोबारी मोरचे पर मंदी की उथल-पुथल मौद्रिक नीति में ढिलाई लाने की जरूरत बता रही थी।

स्थिति से निपटने के लिए दक्षिण कोरिया के नॉलेज इकोनामी मंत्रालय ने एक कार्यबल गठित किया था, जिसने पाया कि कुछ बड़े कारोबारियों ने गैस स्टेशनों के साथ सौदे कर ईंधन की खुदरा कीमतों को वास्तविक कीमत से कहीं ऊपर कर दिया था। इसी तरह कुछ कारोबारियों ने जरूरत की वस्तुओं की आपूर्ति में गतिरोध डालकर उनकी कीमतें बढ़ा दी थीं। कार्यबल की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने कड़े नियम और कठोर कार्रवाईयों से आपूर्ति क्षेत्र के गतिरोधों को तत्काल दूर कर दिया। नतीजतन वहां विगत जून में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कीमतों में महज 2.2 फीसदी का ही इजाफा हुआ। इस वजह से कोरिया के केंद्रीय बैंक को पिछले महीने ब्याज दरों में कटौती करने का भी पर्याप्त मौका मिला। यह देखना सुखद है कि इस महीने वहां महंगाई दर करीब 1.5 फीसदी के इर्द-गिर्द है।

हमारे यहां महंगाई की जो स्थिति है, उसके लिए काफी हद तक आपूर्ति क्षेत्र की समस्याएं जिम्मेदार हैं। यह निर्विवाद है कि खाद्यान्न की थोक और फुटकर कीमतों में अंतर पहले की तुलना में बढ़ा है और स्टॉकिस्ट हावी हैं। खाद्यान्न उत्पादक और उपभोक्ताओं के बीच बिचौलिये भारी मुनाफा लेते हुए मूल्यवृद्धि का कारण बने हुए हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंदों के लिए पूर्ण उपयोगिता सिद्ध नहीं कर पा रही।

उल्लेखनीय है कि विगत एक अगस्त के आंकड़े के मुताबिक, केंद्रीय पूल में 800 लाख टन से ज्यादा खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद है, जो 269 लाख टन के बफर स्टॉक के मुकाबले बहुत अधिक है। ऐसे में सरकार को खुले बाजार में खाद्यान्न की आपूर्ति बढ़ा देनी चाहिए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुधारना चाहिए। पिछले साल बंपर उत्पादन होने पर सरकार ने कई खाद्य पदार्थों की भंडारण सीमा समाप्त कर दी थी, लेकिन अब दाल, खाद्य तेल और चीनी की भंडारण सीमा तय की जानी चाहिए। चूंकि भंडारण सीमा का अधिकार राज्य सरकारों के पास है, इसलिए राज्यों को महंगाई थामने में केंद्र की मदद करनी चाहिए। साथ ही, सरकार को भी चाहिए कि वह गेहूं और मक्के के निर्यात पर पुनर्विचार करे।

चूंकि कृषि जिंसों के वायदा बाजार में सक्रिय सटोरिये महंगाई को गति दे रहे हैं, लिहाजा कृषि उत्पादों के वायदा बाजार पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है। हालांकि उड़द, अरहर व चावल के वायदा कारोबार पर प्रतिबंध है, लेकिन गेहूं, चीनी, सोया तेल, सरसों बीज, सायोबीन आदि का वायदा कारोबार तो खुला हुआ है। खाद्य जिंसों के वायदा कारोबार से संबंधित कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों में इन पर रोक लगाने की सिफारिशें की गई हैं।

जाहिर है, इसका लाभ केवल बिचौलिये उठाते हैं और बिचौलियों के कारण वस्तुओं की कीमतों में बनावटी उछाल आता है, जिसका गंभीर असर आम लोगों, खासकर उन लोगों पर पड़ता है, जो बमुश्किल दो वक्त की रोटी जुगाड़ कर पाते हैं। तथ्य यह है कि देश में जब से कृषि उत्पादों का कमोडिटी एक्सचेंज द्वारा वायदा व्यापार शुरू किया गया है, तभी से खाद्यान्न की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साफ है कि मौद्रिक कवायदों के बजाय अगर सरकार खाद्यान्न की आपूर्ति व्यवस्था सुधारकर इसकी कीमत कम करने में सफल हो जाए, तो महंगाई और उससे जुड़ी कई समस्याओं का एक साथ समाधान हो सकता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

{"_id":"5849102e4f1c1be672449d4b","slug":"how-to-bring-500-kilograms-woman-to-mumbai","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"500 \u0915\u093f\u0932\u094b \u0915\u0940 \u092e\u0939\u093f\u0932\u093e \u0915\u093e \u092e\u0941\u0902\u092c\u0908 \u092e\u0947\u0902 \u0939\u094b\u0928\u093e \u0939\u0948 \u0911\u092a\u0930\u0947\u0936\u0928, \u0938\u092d\u0940 \u090f\u092f\u0930\u0932\u093e\u0907\u0902\u0938 \u0928\u0947 \u0915\u093f\u090f \u0939\u093e\u0925 \u0916\u0921\u093c\u0947","category":{"title":"Gulf Countries","title_hn":"\u0916\u093e\u0921\u093c\u0940 \u0926\u0947\u0936","slug":"gulf-countries"}}

500 किलो की महिला का मुंबई में होना है ऑपरेशन, सभी एयरलाइंस ने किए हाथ खड़े

  • गुरुवार, 8 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"58494b1d4f1c1b2434449277","slug":"secret-of-hot-figure-of-deepika-padukone","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"\u0926\u0940\u092a\u093f\u0915\u093e \u091c\u0948\u0938\u0940 \u092b\u093f\u0917\u0930 \u091a\u093e\u0939\u0924\u0947 \u0939\u0948\u0902, \u0924\u094b \u092f\u0947 \u0939\u0948 \u0906\u092a\u0915\u0947 \u0915\u093e\u092e \u0915\u0940 \u0916\u092c\u0930","category":{"title":"Fitness","title_hn":"\u092b\u093f\u091f\u0928\u0947\u0938","slug":"fitness"}}

दीपिका जैसी फिगर चाहते हैं, तो ये है आपके काम की खबर

  • गुरुवार, 8 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"58493ce54f1c1be159449f3f","slug":"bigg-boss-bani-breaks-down-on-being-taunted-by-lopa","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"BIGG BOSS: \u0932\u094b\u092a\u093e \u0928\u0947 \u092e\u093e\u0930\u0947 \u0910\u0938\u0947 \u0924\u093e\u0928\u0947 \u0915\u093f \u092b\u0942\u091f-\u092b\u0942\u091f\u0915\u0930 \u0930\u094b\u0908\u0902 \u092c\u093e\u0928\u0940","category":{"title":"Television","title_hn":"\u091b\u094b\u091f\u093e \u092a\u0930\u094d\u0926\u093e","slug":"television"}}

BIGG BOSS: लोपा ने मारे ऐसे ताने कि फूट-फूटकर रोईं बानी

  • गुरुवार, 8 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"58494c144f1c1be672449f3d","slug":"sanjivani-herbs-found-in-uttarakhand","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"\u092d\u093e\u0930\u0924 \u0915\u0947 \u0907\u0938 \u092a\u0930\u094d\u0935\u0924 \u092a\u0930 \u092e\u093f\u0932\u0928\u0947 \u0935\u093e\u0932\u0940 \u091c\u0921\u093c\u0940 \u092e\u0930\u0947 \u0939\u0941\u090f \u0915\u094b \u0915\u0930\u0924\u0940 \u0939\u0948 \u091c\u093f\u0902\u0926\u093e, \u0935\u093f\u0926\u0947\u0936\u0940 \u0935\u0948\u091c\u094d\u091e\u093e\u0928\u093f\u0915\u094b\u0902 \u0915\u094b \u092d\u0940 \u0924\u0932\u093e\u0936","category":{"title":"City & states","title_hn":"\u0936\u0939\u0930 \u0914\u0930 \u0930\u093e\u091c\u094d\u092f","slug":"city-and-states"}}

भारत के इस पर्वत पर मिलने वाली जड़ी मरे हुए को करती है जिंदा, विदेशी वैज्ञानिकों को भी तलाश

  • गुरुवार, 8 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"5848fdf94f1c1b104f44995b","slug":"ab-de-villiers-returns-to-field-after-injury-uses-a-new-bat","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"\u092e\u0948\u0926\u093e\u0928 \u092e\u0947\u0902 \u0932\u094c\u091f\u0947 \u090f\u092c\u0940 \u0921\u0940\u0935\u093f\u0932\u093f\u092f\u0930\u094d\u0938, \u092e\u0917\u0930 \u092c\u0948\u091f \u092e\u0947\u0902 \u0926\u093f\u0916\u093e \u092f\u0939 \u092c\u0921\u093c\u093e \u092c\u0926\u0932\u093e\u0935","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"\u0915\u094d\u0930\u093f\u0915\u0947\u091f \u0928\u094d\u092f\u0942\u091c\u093c","slug":"cricket-news"}}

मैदान में लौटे एबी डीविलियर्स, मगर बैट में दिखा यह बड़ा बदलाव

  • गुरुवार, 8 दिसंबर 2016
  • +

Most Read

{"_id":"5846ccd34f1c1b6576447b1e","slug":"amma-s-absence-means","type":"story","status":"publish","title_hn":"\u0905\u092e\u094d\u092e\u093e \u0915\u0947 \u0928 \u0939\u094b\u0928\u0947 \u0915\u093e \u0905\u0930\u094d\u0925","category":{"title":"Opinion","title_hn":"\u0928\u091c\u093c\u0930\u093f\u092f\u093e ","slug":"opinion"}}

अम्मा के न होने का अर्थ

Amma's absence means
  • मंगलवार, 6 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"584967034f1c1be67244a03a","slug":"a-chance-to-stability-in-nepal","type":"story","status":"publish","title_hn":"\u0928\u0947\u092a\u093e\u0932 \u092e\u0947\u0902 \u0938\u094d\u0925\u093f\u0930\u0924\u093e \u0915\u094b \u090f\u0915 \u092e\u094c\u0915\u093e ","category":{"title":"Opinion","title_hn":"\u0928\u091c\u093c\u0930\u093f\u092f\u093e ","slug":"opinion"}}

नेपाल में स्थिरता को एक मौका

A chance to stability in Nepal
  • गुरुवार, 8 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"584422d44f1c1be221a8625c","slug":"black-money-will-not-reduce-this-way","type":"story","status":"publish","title_hn":"\u0915\u093e\u0932\u093e \u0927\u0928 \u0910\u0938\u0947 \u0915\u092e \u0928\u0939\u0940\u0902 \u0939\u094b\u0917\u093e","category":{"title":"Opinion","title_hn":"\u0928\u091c\u093c\u0930\u093f\u092f\u093e ","slug":"opinion"}}

काला धन ऐसे कम नहीं होगा

Black money will not reduce this way
  • रविवार, 4 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"584968004f1c1be15944a0d6","slug":"how-poor-friendly-governments","type":"story","status":"publish","title_hn":"\u0938\u0930\u0915\u093e\u0930\u0947\u0902 \u0915\u093f\u0924\u0928\u0940 \u0917\u0930\u0940\u092c \u0939\u093f\u0924\u0948\u0937\u0940","category":{"title":"Opinion","title_hn":"\u0928\u091c\u093c\u0930\u093f\u092f\u093e ","slug":"opinion"}}

सरकारें कितनी गरीब हितैषी

How poor friendly Governments
  • गुरुवार, 8 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"58417ebc4f1c1b0e1ede83dc","slug":"national-refugee-policy-needed","type":"story","status":"publish","title_hn":"\u0930\u093e\u0937\u094d\u091f\u094d\u0930\u0940\u092f \u0936\u0930\u0923\u093e\u0930\u094d\u0925\u0940 \u0928\u0940\u0924\u093f \u0915\u0940 \u091c\u0930\u0942\u0930\u0924","category":{"title":"Opinion","title_hn":"\u0928\u091c\u093c\u0930\u093f\u092f\u093e ","slug":"opinion"}}

राष्ट्रीय शरणार्थी नीति की जरूरत

National refugee policy needed
  • शुक्रवार, 2 दिसंबर 2016
  • +
{"_id":"5846cde74f1c1b9b19448581","slug":"political-splatter-on-army","type":"story","status":"publish","title_hn":"\u092b\u094c\u091c \u092a\u0930 \u0938\u093f\u092f\u093e\u0938\u0924 \u0915\u0947 \u091b\u0940\u0902\u091f\u0947","category":{"title":"Opinion","title_hn":"\u0928\u091c\u093c\u0930\u093f\u092f\u093e ","slug":"opinion"}}

फौज पर सियासत के छींटे

Political splatter on Army
  • मंगलवार, 6 दिसंबर 2016
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top


Live Score:

ENG288/5

ENG v IND

Full Card