आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

नया भू अधिग्रहण कानून इसी साल

Vinit Narain

Updated Sat, 08 Sep 2012 12:00 PM IST
भूमि अधिग्रहण विधेयक के मौजूदा मसौदे पर सरकार में उभरे मतभेदों के बाद किसानों को आशंका है कि न सिर्फ इस कानून के आने में देरी हो सकती है, बल्कि मतभेद दूर करने की कोशिश में नया कानून भी कहीं नई बोतल में पुरानी शराब जैसा न हो जाए। इस मुद्दे पर ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश से विजय गुप्ता ने बातचीत की।
- सरकार की तात्कालिक जरूरत के नाम पर जबरन उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण कर किसानों को उनकी परंपरागत खेती के काम से वंचित करने वाले 117 वर्ष पुराने कानून को ध्वस्त कर केंद्र सरकार ने आनन-फानन में नया भूमि अधिग्रहण बनाने की जो घोषणा की थी, वह कोरी साबित हो रही है।

नहीं, ऐसा नहीं है। नए भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर केंद्र की ओर से जो पहल की गई थी, उसके तहत मजबूत कानून बनाने का काम चल रहा है। कानून आज के परिवेश के लिहाज से बनाया जा रहा है। इसलिए देरी हो रही है। नए कानून में सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखते हुए सबको संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

- सरकार की घोषणा के सवा वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक नया भूमि अधिग्रहण कानून नहीं बन पाया है, जबकि सरकार ने पिछले शीतकालीन सत्र में ही इसका वायदा किया था। अभी कितना इंतजार और करना होगा?
यह सच है कि सरकार ने किसानों को जल्दी से जल्दी नया भूमि अधिग्रहण कानून देने का जो वायदा पिछले वर्ष किया था, उसमें थोड़ी देरी हुई है। पर उन्हें अब और ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। सरकार को उम्मीद है कि किसानों को नया कानून इस वर्ष ही मिल जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भूमि अधिग्रहण विधेयक का संशोधित मसौदा तैयार कर लिया है। जल्दी ही इसे कैबिनेट में लाने की तैयारी है, ताकि आगामी शीतकालीन सत्र की शुरुआत में ही इसे पेश किया जा सके।

- नए कानून में देरी के पीछे एक कारण यह भी बताया जाता है कि इसको लेकर सरकार में ही गहरे मतभेद हैं। आंतरिक मतभेद खत्म करने के लिए मौजूदा विधेयक के मसौदे में व्यापक बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। किसानों को आशंका है कि संशोधित मसौदे में उनके हितों की अनदेखी हो सकती है।
हां, भूमि अधिग्रहण विधेयक के मौजूदा मसौदे को लेकर उद्योग जगत काफी चिंतित है। इसके चलते विभिन्न मंत्रालयों ने अपना विरोध भी व्यक्त किया है। लेकिन कांग्रेस ने किसानों से जो वायदा किया है, उसे पूरा किया जाएगा। जिसे विरोध करना है, वे करते रहें। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री जी से बात हुई है। उन्होंने कुछ सुझाव दिए हैं, जिसके आधार पर विधेयक के मसौदे में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। लेकिन इससे किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। उनके हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

- भूमि अधिग्रहण विधेयक पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने क्या सुझाव दिए हैं? प्रधानमंत्री के वे सुझाव कहीं उद्योग जगत को खुश करने की कोशिश तो नहीं हैं?
प्रधानमंत्री ने विधेयक में किसी तरह के बदलाव की बात नहीं कही है। उन्होंने जो सुझाव दिए हैं, उसके तहत भूमि अधिग्रहण कानून ऐसा हो, जिससे अफसरशाही को बढ़ावा न मिले। नए कानून को बनाने में और देरी नहीं होनी चाहिए। कानून में बुनियादी सिद्धांतों की अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए। इसके तहत किसानों को भूमि की बेहतर कीमत, उनके पुनर्वास और पुनर्स्थापना के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। साथ ही, कानून को लेकर उद्योग और किसान के बीच टकराव की स्थिति न हो, इसके लिए बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए। इन सुझावों को ध्यान में रखकर भूमि अधिग्रहण कानून का नया मसौदा तैयार किया जा रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

इस तरह से रहना पसंद करते हैं नए नवेले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बारिश में कपल्स को रोमांस करते देख क्या सोचती हैं ‘सिंगल लड़कियां’

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

शाहरुख को सुपरस्टार बना खुद गुमनाम हो गया था ये एक्टर, 12 साल बाद सलमान की फिल्म से की वापसी

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बिग बॉस ने इस 'जल्लाद' को बनाया था स्टार, पॉपुलर होने के बावजूद कर रहा ये काम

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून फ्लोरल रंग में रंगी नजर आईं प्रियंका चोपड़ा

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

Most Read

मिट्टी के घर से रायसीना हिल तक का सफर

Travel from mud house to Raisina Hill
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +

तेल कंपनियों का विलय काफी नहीं

oil companies merger is not enough
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

खतरे में नवाज की कुर्सी

Nawaz government in Danger
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

परिवहन की जीवन रेखा बनें जलमार्ग

waterways be lifeline for transportation
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

बिना रोजगार का कौशल

Skills without job
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

विपक्ष पर भारी पड़ते चेहरे

Faced with overwhelming faces on the opposition
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!