आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

चुनौतियों से खेलने वाला शख्स

Vinit Narain

Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
द न्यूयॉर्क टाइम्स, द इंटरनेशनल हेराल्ड ट्रिब्यून और द बोस्टन ग्लोबल जैसे अखबारों की स्वामित्व कंपनी द न्यूयॉर्क टाइम्स इन दिनों पाठकों की बदलती आदतों और विज्ञापन बाजार के रुझान में हो रहे परिवर्तन से जूझ रही है। इसी वजह से इस वर्ष की दूसरी तिमाही में उसे 8.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान भी हुआ है। बावजूद इसके उसे विश्वास है कि नवंबर में कार्यभार संभालने वाला उसका नया सीईओ कंपनी को इन सारी दुश्वारियों से बाहर निकाल लाएगा। आखिर इस नवनियुक्त सीईओ ने बीबीसी को भी तो डिजिटल कर उसे कई समस्याओं से उबारा है!
द टाइम्स के अध्यक्ष आर्थर सर्ल्जबर्गर जूनियर की मानें, तो यह शख्स गॉड 'गिफ्टेड एग्जीक्यूटिव', यानी ईश्वरप्रदत्त कार्यकारी अधिकारी है। आखिर यह हस्ती है कौन? यह शख्स और कोई नहीं, बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉम्पसन हैं, जिनकी ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2009 में फोर्ब्स ने दुनिया की सबसे ताकतवर शख्सियत में उन्हें 65वें स्थान पर रखा था।

मार्क थॉम्पसन को गॉड गिफ्टेज एग्जीक्यूटिव बताने की कई वजहें हैं। वर्ष 2004 में जब उन्होंने बीबीसी के महानिदेशक का पद संभाला था, तब बीबीसी तकनीकी अक्षमता के साथ ही कई अन्य चुनौतियों से जूझ रही थी। पर जल्दी ही यह संस्था न सिर्फ डिजिटल हो गई, बल्कि चुस्त और रचनात्मक प्रसारक का रुतबा भी उसने दोबारा हासिल कर लिया। आज स्थिति यह है कि बीबीसी आईप्लेयर पर बीबीसी के लाइव कार्यक्रम के साथ ही पिछले हफ्ते के कार्यक्रम भी देखे जा सकते हैं।

हालांकि मार्क की राह में कई मुश्किलें भी आईं। कार्यक्रम की गुणवत्ता पर सवाल तो उठाए ही गए, इस्राइल समर्थक होने और ईशनिंदा के आरोप भी उन पर लगे। पर इतने विवादों के बाद भी मार्क सफल एग्जीक्यूटिव माने गए, आखिर क्यों? मार्क की ही मानें, तो उन्होंने अपने काम का खूब आनंद उठाया और जब आप ईमानदारी से अपना काम करते हैं, तो आलोचकों के पास चुप्पी साधने के अलावा कुछ बचता नहीं है।

स्मॉल आइलैंड, पैनोरमा जैसे कार्यक्रमों को पसंद करने वाले मार्क एक बार फिर नई चुनौती का सामना करने जा रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि 'गैर पारंपरिक समाचार उत्पाद को विकसित करने की अपनी क्षमता' के बल पर वह द न्यूयॉर्क टाइम्स को किस ऊंचाई तक ले जाएंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सलमान के चलते घुटनों पर बैठ फूट-फूटकर रोए थे करण जौहर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

पीरियड्स के दर्द से छुटकारा दिलाएगा पपीता, ये नुस्खे भी हैं कारगर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

ये हैं वो सस्ती कारें जिनका माइलेज है शानदार

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

दिल्ली पुलिस महिला कर्मियों के लिए रखेगी 'नाम शबाना' की स्पेशल स्क्रीनिंग

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

मुंह में छाले हैं तो ना करें नजरअंदाज, हो सकता है कैंसर

  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

Most Read

ईवीएम पर संदेह करने वाले

Skeptics on EVMs
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

कुदरती खेती में ही सबकी भलाई

Natural agriculture is beneficial to all
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम बनाने का क्षण

The moment to make Uttar Pradesh the best
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

हार का ठीकरा ईवीएम पर

 Blame of defeat on EVMs
  • सोमवार, 20 मार्च 2017
  • +

भारतीय विदेश नीति में नेपाल

Nepal in India's foreign Policy
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +

मिल-बैठकर सुलझाएं यह विवाद

Settle this dispute by dialough
  • रविवार, 26 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top