आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मजदूर तो पहले ही मोबाइल है

Vinit Narain

Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
आलोचना के 'अर्क' से राजनीति के अंधे अंतरिक्ष में तलवार भांजने वालो, अगर इस देश में ऋषि चरक जिंदा होते, तो वह आत्महत्या जरूर कर लेते। पत्थरों का अर्क निकालने की कला, जो इस दौर के विपक्षी नेताओं के पास है, वह चरक मुनि के पास नहीं थी। सरकार गरीबों को मोबाइल दे रही है, तो आप ‘मंथरा’ क्यों हुए जा रहे हैं। यह कलियुग है। यहां चोरी करने वाला अपराधी नहीं माना जाता, बशर्ते वह अपने मूल कार्य को कठिन परिश्रम से तय करते हुए ‘साइड बिजनेस’ के रूप में चोरी को अपनाए।
डकैती डालना त्रेतायुग में भी पाप था और इस युग में भी पाप माना गया है। पाप करने वाले अफसरों को मंत्री, बाबुओं को अफसर, चपरासियों को बाबू तथा आम आदमी को पुलिस सजा जरूर देगी। विपक्ष के हाय-तौबा करने पर सरकार अपने मापदंड बदलने वाली नहीं है। सबसे ऊपर है विकास, बाकी चीजें उसी से निकलती हैं। विकासहीन देश में चोरी-डकैती की आशंकाएं बनती ही नहीं। मोबाइल फोन विकास का पर्याय माना गया है।

विपक्षी दलों को मोबाइल का अर्थ मालूम ही नहीं है, वरना मोबाइल को लेकर इतनी हाय-तौबा नहीं करते। इस देश में न तो उच्च वर्ग मोबाइल की श्रेणी में आता है और न मध्यम वर्ग। मोबाइल की श्रेणी में गरीब तबका आता है, जिसके लिए मोबाइल जरूरी है। उच्च और मध्यम वर्ग के चार पहिया वाहनों में इंटरनेट की सुविधा मौजूद है, अतः उनके लिए मोबाइल फोन का होना, न होना बराबर है। मगर गरीब तबका, जो मजदूरी के लिए शहर-दर-शहर मोबाइल बना रहता है, उसके लिए मोबाइल फोन बहुत जरूरी है।

मजदूर जब रोटी का टिफिन साथ लेकर मजदूरी पर जाता है, तब उसे यह पता नहीं होता कि आज मजदूरी किस दिशा में मिलेगी। कुल मिलाकर उसके कार्यस्थल की अनिश्चिता के चलते ही उसे मोबाइल फोन की आवश्यकता है। संवाद से मानसिक तनाव कम होता है और पेट की आग की ओर ध्यान नहीं जाता।

मोबाइल फोन का एक फायदा यह होगा कि मजदूर अलग-अलग शहरों में मजदूरी के रेट मालूम कर सकेंगे। मनरेगा योजना में होने वाले भुगतान के बारे में बैंक और शोषण करने वाले अधिकारियों से बात करके कम मिलने वाली रकम के कारणों को जान सकेंगे। हां, एक बात और, मोबाइल मिलने के बाद कोई गरीब वोट डालने से बच नहीं पाएगा। नेता लोग उसकी लोकेशन लेकर उसे मतदान केंद्र तक जबरन ले आएंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

रोजाना लस्सी का एक गिलास कर देगा सभी बीमारियों को छूमंतर

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

LFW 2017: शो के आखिरी दिन लाइमलाइट पर छा गए जैकलीन और आदित्य

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

फैशन नहीं लड़कों की दाढ़ी के पीछे छिपा है ये राज, क्या आपको पता है?

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

एक असली शापित गुड़िया जिस पर बनी है फिल्म, जानें इसकी पूरी कहानी...

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

चंद फिल्मों के जरिए ही सुपरस्टार बन गया था ये हीरो, लकवे की वजह से चला गया था कोमा में

  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

Most Read

गोरखपुर में जो हुआ

Gorakhpur tragedy
  • रविवार, 20 अगस्त 2017
  • +

मोदी से कैसे मुकाबला करेगा विपक्ष

How opposition counter Modi
  • शनिवार, 19 अगस्त 2017
  • +

स्त्री का प्रेम और पुरुष की उम्र

Woman's love and age of man
  • बुधवार, 16 अगस्त 2017
  • +

दोनों चुनाव एक साथ ?

Simultaneous elections
  • सोमवार, 21 अगस्त 2017
  • +

गांधी जैसा भारत चाहते थे

Gandi's Dream India
  • सोमवार, 14 अगस्त 2017
  • +

पाकिस्तान की सियासत में महिलाएं

Women in Pakistan's Politics
  • शुक्रवार, 18 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!