आपका शहर Close

हताशा की ओर ले जाती समृद्धि

Vinit Narain

Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
Health trend of suicides Society
पिछले महीने चिकित्सा विज्ञान के प्रतिष्ठित जर्नल द लैंसेट में भारतीय अध्येताओं के एक शोधपत्र ने देश की सेहत को लेकर गंभीर टिप्पणी की है कि आत्महत्याओं की प्रवृत्ति जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उससे भारत के जल्दी ही दुनिया के अग्रणी आत्महत्याग्रस्त देश बन जाने की प्रबल आशंका उभर रही है। अभी इस जगह पर पूर्वी यूरोप के वे देश काबिज हैं, जो सोवियत संघ के विघटन से बने थे।
आर्थिक समृद्धि के साथ आत्महत्याओं का चोली-दामन का साथ रहा है। पश्चिमी मनोवैज्ञानिकों का बड़ा वर्ग मानता है कि जिन समाजों में खुशहाली ज्यादा देखने में आई, वहां आत्महत्याओं की दर बढ़ती हुई देखी गई। अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में फैले कई लाख नागरिकों की सूचनाएं इकट्ठा कर किए गए बहुचर्चित अध्ययन में आम प्रवृत्ति भी यही देखी गई। इसकी पड़ताल करने पर अध्येताओं को लगता है कि अपने आसपास विराजमान समृद्धि के बीच गरीबी, बेरोजगारी या दिवालियेपन के द्वीप जब बनने लगते हैं, तो तुलनात्मक फर्क बहुत मुखर होने लगता है।

समस्या की गंभीरता महसूस कर विश्व स्वास्थ्य संगठन 10 सितंबर को आत्महत्या उन्मूलन दिवस मनाता है। उस साझा अभियान में लगभग चालीस देश अपने स्तर पर कार्यक्रम लागू कर रहे हैं। भारत में भी स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय आत्महत्या उन्मूलन नीति लागू की है। बंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरो साइंस (निमहांस) इसके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाता है।

दुनिया भर में फैले लगभग सभी आत्महत्या उन्मूलन अभियानों के मूल में यही है कि तीव्र परिवर्तनशील आर्थिक कारण भले ही कुछ हों, पर हमें इनसे उपजी सामाजिक बिखराव, एकाकीपन और बेसहारेपन की प्रवृत्ति से निर्णायक तथा तार्किक रणनीति बनाकर लड़ना होगा। इस पर भी लगभग आम सहमति है कि व्यक्तिगत स्तर पर ज्यादा से ज्यादा संवाद स्थापित कर हम हाशिये पर बैठे लोगों के मन में फिर जिंदगी के लिए भरोसा पैदा कर सकते हैं।

अमेरिका के अनेक स्कूलों में ऐसे अभियान शुरू किए जाते हैं, जिन्हें बीती सदी के नब्बे के दशक में सोर्सेज ऑफ स्ट्रेंग्थ नाम देकर नार्थ डकोटा में मार्क लोमरे ने शुरू किया था। इनमें सामूहिक तौर उन बच्चों को चिह्नित किया जाता है, जिनमें आत्महंता प्रवृत्तियां दिखाई देती हैं। उनके साथ वॉलंटियर्स ज्यादा से ज्यादा संवाद स्थापित करने की कोशिश करते हैं। अव्वल आने वाले बच्चों के साथ भी उनका मेलजोल बढ़ाया जाता है। नशे के आदी युवाओं के लिए अरोयो आउटरीच और क्रूज थेरैपी जैसे कार्यक्रम भी सफल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बीती सदी के नब्बे के दशक से राष्ट्रीय आत्महत्या उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें मानसिक सेहत के साथ साथ सामान्य सेहत, नशाखोरी, अंतरंग संबंधों, हिंसा, वृद्धावस्था जनित समस्याओं, विस्थापन, बेरोजगारी जैसे तमाम मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है।

चीन में देखा गया कि खुदकुशी करने वाले लोगों में बच्चों के रोजगार की तलाश में दूर चले जाने से अकेले छूट गए बूढ़ों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने लगी है। ऐसे में सरकार को युवाओं को बाध्य करने वाला ऐसा कानून बनाना पड़ा, जिसमें समय-समय पर जाकर उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता से मिलना अनिवार्य कर दिया गया। दक्षिण कोरिया में पिछली पीढ़ी के मुकाबले अब की पीढ़ी में आत्महत्या की दर पांच गुना तक बढ़ गई है। वहां राजधानी के पुलों से बड़ी संख्या में लोग कूदकर जान दे देते हैं। सो वहां खुफिया कैमरे, निरंतर निगरानी और इमरजेंसी हेल्पलाइन की सघन व्यवस्था की गई है।

एक दिलचस्प शोध सामने आया है कि छुट्टियों के दिनों में खुदकुशी के सबसे कम मामले सामने आते हैं। लिहाजा यह तो स्थापित हो ही गया कि आत्महत्या आदमी को मशीन बनाने वाले समाज का आमंत्रित कोढ़ है, जिससे निजात पाने के लिए हमें परिजनों, प्रकृति और उत्सवों की ओर लौटना ही पड़ेगा।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Big Boss 11: अखाड़े में अर्शी ने किया कुछ ऐसा जिसे देख हिना ने उठाया ये खतरनाक कदम!

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

26 अक्टूबर को शनि बदलेंगे अपनी चाल, 3 राशि से हटेंगी शनि की तिरछी नजर

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने सात वचन निभाने की खाई कसमें

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

डेटिंग पर जाने से पहले हर लड़की करती है ये 4 काम, जानकर यकीन नहीं होगा

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

इस तेल से नहीं टूटेंगे बाल, एक बार लगाकर तो देखें जनाब

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

रूढ़ियों को तोड़ने वाला फैसला

supreme court new decision
  • रविवार, 15 अक्टूबर 2017
  • +

ग्रामीण विकास का नुस्खा

measure of Rural development
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

सरकारी संवेदनहीनता की गाथा

Saga of government anesthesia
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

ग्रामीण विकास से मिटेगी भूख

Wiped hunger by Rural Development
  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

दीप की ध्वनि, दीप की छवि

sound and image of Lamp
  • बुधवार, 18 अक्टूबर 2017
  • +

दूसरों के चेहरे पर भी हो उजास

Light on the face of others
  • बुधवार, 18 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!