आपका शहर Close

अफ्रीकी संघ की महिला मुखिया

Vinit Narain

Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
African Union Woman head Kosajena Lemini Zuma
अफ्रीकी संघ के इतिहास में पहली बार कोई महिला इसके सर्वोच्च पद पर पहुंची है। यह महिला दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा की पूर्व पत्नी और देश की एक मजबूत राजनीतिक शख्सियत हैं। उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई तो की, पर उसे पेशा नहीं बनाया। रंगभेद विरोधी आंदोलन से राजनीति में सक्रिय हुईं और दक्षिण अफ्रीका की गृह मंत्री भी बनीं। नेल्सन मंडेला के राष्ट्रपति काल से लेकर अब तक की सभी सरकार में उन्होंने कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाला है। वह नई तकनीक को बखूबी अपनाना जानती हैं, तो प्रबंधन में भी काफी कुशल हैं। कठोर व्यक्तित्व और मृदु स्वभाव की यह महिला हैं, कोसाजेना लेमिनी जुमा।
लेमिनी छात्र जीवन से ही आंदोलनरत रही हैं। 1970 के दशक में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस की सदस्यता ले ली। तब यह संगठन रंगभेद विरोधी आंदोलन में सक्रियता की वजह से प्रतिबंधित था। लगातार आंदोलन में सक्रिय रहने के कारण उन्हें देश से भागकर ब्रिटेन में पनाह लेनी पड़ी, जहां उन्होंने डॉक्टरी की पढ़ाई की। लेमिनी का निजी जीवन तब सुर्खियों में आया, जब उनकी शादी जैकब जुमा से हुईं। वह जैकब की तीसरी पत्नी बनीं। जैकब से उनकी मुलाकात स्वाजीलैंड के एक अस्पताल में हुई, जहां वह नियुक्त थीं। हालांकि उनका वैवाहिक जीवन 16 साल तक ही चला। वर्ष 1998 में दोनों में तलाक हो गया।

दक्षिण अफ्रीका में जब लोकतंत्र की शुरुआत हुई और नेल्सन मंडेला राष्ट्रपति बने, तो देश की स्वास्थ्य सेवा को दुरुस्त करने के लिए लेमिनी को स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। वंचित तबकों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने में वह सफल तो हुईं, पर उनका सामना विवादों से भी हुआ। एड्स जागरूकता को लेकर शुरू हुए कार्यक्रम साराफिना द्वितीय में आवंटन बढ़ाने को लेकर वह विपक्ष के निशाने पर रहीं, वहीं एड्स रोधी सस्ती दवा वीरोडेन का समर्थन करने के कारण भी वह वैज्ञानिक समुदाय के निशाने पर रहीं।

आज लेमिनी उस संघ के सर्वोच्च पद पर पहुंची हैं, जो अफ्रीकी महाद्वीप के 54 देशों का समूह है। यह संघ अफ्रीकी देशों में गृहयुद्ध की रोकथाम, मलेरिया और एड्स जैसी बीमारियों से बचाव, जीवन स्तर को बेहतर करने जैसे कार्यों में सक्रिय है। बतौर अध्यक्ष लेमिनी को अफ्रीकी देशों में आधारभूत संरचना के विकास और मानव संसाधन को बेहतर बनाने जैसी चुनौतियों से जूझना है।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

पहली बार सामने आईं अर्शी की मां, बेटी के झूठ का पर्दाफाश कर खोल दी करतूतें

  • गुरुवार, 23 नवंबर 2017
  • +

धोनी की एक्स गर्लफ्रेंड राय लक्ष्‍मी का इंटीमेट सीन लीक, देखकर खुद भी रह गईं हैरान

  • गुरुवार, 23 नवंबर 2017
  • +

बेगम करीना छोटे नवाब को पहनाती हैं लाखों के कपड़े, जरा इस डंगरी की कीमत भी जान लें

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: फिजिकल होने के बारे में प्रियांक ने किया बड़ा खुलासा, बेनाफशा का झूठ आ गया सामने

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Photos: शादी के दिन महारानी से कम नहीं लग रही थीं शिल्पा, राज ने गिफ्ट किया था 50 करोड़ का बंगला

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Most Read

मोदी तय करेंगे गुजरात की दिशा

Modi will decide Gujarat's direction
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

सेना को मिले ज्यादा स्वतंत्रता

More independence for army
  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

इतिहास तय करेगा इंदिरा की शख्सियत

 History will decide Indira's personality
  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

तकनीक से पस्त होती दुनिया

How Evil Is Tech?
  • गुरुवार, 23 नवंबर 2017
  • +

जनप्रतिनिधियों का आचरण

Behavior of people's representatives
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

मानुषी होने का मतलब

The meaning of being Manushi Chhiller
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!