आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

शिक्षा का मकसद सिर्फ परीक्षा नहीं

Vinit Narain

Updated Fri, 13 Jul 2012 12:00 PM IST
education system cbse chairman vineet joshi
स्कूली शिक्षा में कई बदलाव किए जा रहे हैं। इन बदलावों का मुख्य ध्वजवाहक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बना हुआ है। इन्हीं बदलावों पर पेश है सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी से बृजेश सिंह की बातचीत -
प्र. स्कूली शिक्षा के पैटर्न में एक साथ इतने सारे बदलाव लाने के पीछे मकसद क्या है?
उ. शिक्षा का मुख्य मकसद व्यक्ति या व्यक्तित्व का निर्माण है। लेकिन आज शिक्षा से ज्यादा परीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षक, छात्र और संस्थाएं शिक्षा के बजाय परीक्षा को और बेहतर करने में जुटी हुई हैं। यह ठीक नहीं है। परीक्षा में सिर्फ अच्छे नंबर लाना शिक्षा का मुख्य मकसद पूरा नहीं करता। इसीलिए विचार-विमर्श के बाद कुछ बदलाव के फैसले लिए गए हैं। पैटर्न में बदलाव का एक उद्देश्य यह है कि स्कूली शिक्षा के साथ-साथ बच्चे का समाज के साथ तालमेल बना रहे। स्कूल से बाहर निकलने के बाद वे आगे के जीवन के लिए अलग से तैयारी को मोहताज न रहें।

प्र. सीबीएसई ने अगले साल से ओपन बुक परीक्षा लेने का फैसला लिया है। इससे क्या बच्चे किताब लेकर परीक्षा में बैठ सकेंगे?
उ. नहीं, परीक्षा में किताब लेकर बैठने की अनुमति छात्रों को नहीं दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विषय में किसी अध्याय विशेष से पांच अंक के सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा से पहले छात्रों को बता दिया जाएगा कि किस अध्याय से यह सवाल पूछे जाएंगे। बाकी सवाल पहले की ही तरह होंगे। इसका मकसद अध्याय विशेष में बच्चे के गहन अध्ययन व तार्किकता को परखना होगा।

प्र. कुछ स्कूलों में भौतिकी, रसायन तथा गणित में एडवांस पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया गया है। क्या इससे छात्रों को उच्च शिक्षा व अन्य क्षेत्रों में जाने में दिक्कतें नहीं होगी?
उ. नहीं, यह पूरी तरह से एडवांस कोर्स नहीं होगा। जो छात्र इंजीनियर या वैज्ञानिक बनना चाहते हैं, उन्हें ध्यान में रखकर यह पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, लेकिन इससे अन्य क्षेत्र में जाने वाले छात्रों को भी कोई दिक्कत नहीं होगी। हम विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से भी इसका तालमेल बनाने पर ध्यान रखेंगे, ताकि इंजीनियरिंग आदि में न जाकर उच्च शिक्षा में जाने वाले छात्रों को दिक्कत न हो। सीबीएसई अपने अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम में पहले से ही गणित और विज्ञान विषयों में एडवांस कोर्स पढ़ा रहा है। हिंदी, उर्दू और अंगरेजी जैसे विषयों में एडवांस कोर्स पहले से लागू है।

प्र. विदेशों के बाद अब देश में अंतरराष्ट्रीय स्कूल खोलने की योजना कहां तक पहुंची है?
उ. कुछ समय पहले हमने देश में 50 अंतरराष्ट्रीय स्कूल खोलने का फैसला किया था। इसके लिए उन स्कूलों से आवेदन मांगे गए, जो अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम शुरू करना चाहते हैं। अब तक 450 स्कूलों से आवेदन आ चुके हैं। अब हमने 100 अंतरराष्ट्रीय स्कूल खोलने का फैसला किया है। यद्यपि इन स्कूलों में प्रवेश 2013 से शुरू होगा, पर संबंधित स्कूलों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।

प्र. सीबीएसई व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत भी कर चुका है। इसका क्या मकसद है?
उ. एनसीईआरटी ने इसके लिए कुछ महीने पहले ही नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क जारी किया है। सीबीएसई यद्यपि प्रयोग के तौर पर कुछ विषयों में पहले ही व्यावसायिक शिक्षा शुरू कर चुका था। जो बच्चे स्कूली शिक्षा के बाद आगे की पढ़ाई नहीं जारी रखना चाहते, वे कम समय में एनसीईआरटी से मान्यता प्राप्त पॉलिटेक्निक कॉलेजों से व्यावसायिक प्रशिक्षण हासिल कर सकते हैं। इस तरह कम समय में वे खुद को समाज में समायोजित करने में सफल हो सकेंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

50 वर्षों बाद बन रहा है ये संयोग, जानें खरीदारी का सही समय

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

एक साल में मोनालिसा की हुई कायाकल्प, तस्वीरें देख पहचान नहीं पाएंगे आप

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

लड़कों की इन 'खास चीजों' पर फिदा रहती हैं लड़कियां

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

सफल होना चाहते हैं तो इन 5 बातों से हमेशा रहें दूर

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

चाहिए हैप्पी मैरिड लाइफ तो डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Most Read

मिट्टी के घर से रायसीना हिल तक का सफर

Travel from mud house to Raisina Hill
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +

खतरे में नवाज की कुर्सी

Nawaz government in Danger
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

नीतीश के लिए परीक्षा की घड़ी

Test time for Nitish
  • सोमवार, 17 जुलाई 2017
  • +

विपक्ष पर भारी पड़ते चेहरे

Faced with overwhelming faces on the opposition
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +

अंग्रेजी माध्यम आत्मघाती होगा

English medium will be suicidal
  • मंगलवार, 18 जुलाई 2017
  • +

बच्चों को चाहिए ढेर सारी किताबें

Children should have a lot of books
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!