आपका शहर Close

शिक्षा का मकसद सिर्फ परीक्षा नहीं

Vinit Narain

Updated Fri, 13 Jul 2012 12:00 PM IST
education system cbse chairman vineet joshi
स्कूली शिक्षा में कई बदलाव किए जा रहे हैं। इन बदलावों का मुख्य ध्वजवाहक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बना हुआ है। इन्हीं बदलावों पर पेश है सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी से बृजेश सिंह की बातचीत -
प्र. स्कूली शिक्षा के पैटर्न में एक साथ इतने सारे बदलाव लाने के पीछे मकसद क्या है?
उ. शिक्षा का मुख्य मकसद व्यक्ति या व्यक्तित्व का निर्माण है। लेकिन आज शिक्षा से ज्यादा परीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षक, छात्र और संस्थाएं शिक्षा के बजाय परीक्षा को और बेहतर करने में जुटी हुई हैं। यह ठीक नहीं है। परीक्षा में सिर्फ अच्छे नंबर लाना शिक्षा का मुख्य मकसद पूरा नहीं करता। इसीलिए विचार-विमर्श के बाद कुछ बदलाव के फैसले लिए गए हैं। पैटर्न में बदलाव का एक उद्देश्य यह है कि स्कूली शिक्षा के साथ-साथ बच्चे का समाज के साथ तालमेल बना रहे। स्कूल से बाहर निकलने के बाद वे आगे के जीवन के लिए अलग से तैयारी को मोहताज न रहें।

प्र. सीबीएसई ने अगले साल से ओपन बुक परीक्षा लेने का फैसला लिया है। इससे क्या बच्चे किताब लेकर परीक्षा में बैठ सकेंगे?
उ. नहीं, परीक्षा में किताब लेकर बैठने की अनुमति छात्रों को नहीं दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विषय में किसी अध्याय विशेष से पांच अंक के सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा से पहले छात्रों को बता दिया जाएगा कि किस अध्याय से यह सवाल पूछे जाएंगे। बाकी सवाल पहले की ही तरह होंगे। इसका मकसद अध्याय विशेष में बच्चे के गहन अध्ययन व तार्किकता को परखना होगा।

प्र. कुछ स्कूलों में भौतिकी, रसायन तथा गणित में एडवांस पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया गया है। क्या इससे छात्रों को उच्च शिक्षा व अन्य क्षेत्रों में जाने में दिक्कतें नहीं होगी?
उ. नहीं, यह पूरी तरह से एडवांस कोर्स नहीं होगा। जो छात्र इंजीनियर या वैज्ञानिक बनना चाहते हैं, उन्हें ध्यान में रखकर यह पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, लेकिन इससे अन्य क्षेत्र में जाने वाले छात्रों को भी कोई दिक्कत नहीं होगी। हम विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से भी इसका तालमेल बनाने पर ध्यान रखेंगे, ताकि इंजीनियरिंग आदि में न जाकर उच्च शिक्षा में जाने वाले छात्रों को दिक्कत न हो। सीबीएसई अपने अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम में पहले से ही गणित और विज्ञान विषयों में एडवांस कोर्स पढ़ा रहा है। हिंदी, उर्दू और अंगरेजी जैसे विषयों में एडवांस कोर्स पहले से लागू है।

प्र. विदेशों के बाद अब देश में अंतरराष्ट्रीय स्कूल खोलने की योजना कहां तक पहुंची है?
उ. कुछ समय पहले हमने देश में 50 अंतरराष्ट्रीय स्कूल खोलने का फैसला किया था। इसके लिए उन स्कूलों से आवेदन मांगे गए, जो अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम शुरू करना चाहते हैं। अब तक 450 स्कूलों से आवेदन आ चुके हैं। अब हमने 100 अंतरराष्ट्रीय स्कूल खोलने का फैसला किया है। यद्यपि इन स्कूलों में प्रवेश 2013 से शुरू होगा, पर संबंधित स्कूलों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।

प्र. सीबीएसई व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत भी कर चुका है। इसका क्या मकसद है?
उ. एनसीईआरटी ने इसके लिए कुछ महीने पहले ही नेशनल वोकेशनल एजुकेशन क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क जारी किया है। सीबीएसई यद्यपि प्रयोग के तौर पर कुछ विषयों में पहले ही व्यावसायिक शिक्षा शुरू कर चुका था। जो बच्चे स्कूली शिक्षा के बाद आगे की पढ़ाई नहीं जारी रखना चाहते, वे कम समय में एनसीईआरटी से मान्यता प्राप्त पॉलिटेक्निक कॉलेजों से व्यावसायिक प्रशिक्षण हासिल कर सकते हैं। इस तरह कम समय में वे खुद को समाज में समायोजित करने में सफल हो सकेंगे।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

प्रथा या मजबूरी: यहां युवक युवती को शादी से पहले बच्चे पैदा करना जरूरी

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

बिहार की लड़की ने प्रेमी की डिमांड पर पार की सारी हदें, दंग रह गए लोग

  • सोमवार, 23 अक्टूबर 2017
  • +

अपने पार्टनर के सामने न खोलें दिल के ये राज, पड़ सकते हैं लेने के देने

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: जुबैर के बाद एक और कंटेस्टेंट सलमान के निशाने पर, जमकर ली क्लास

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

अदरक का एक टुकड़ा और 5 चमत्कारी फायदे, रोजाना करें इस्तेमाल

  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

सरकारी संवेदनहीनता की गाथा

Saga of government anesthesia
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

ग्रामीण विकास का नुस्खा

measure of Rural development
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

गांधी जैसा गांव चाहते थे

village as like gandhi jee
  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

ग्रामीण विकास से मिटेगी भूख

Wiped hunger by Rural Development
  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

राम मंदिर ही है समाधान

Only Ram Temple is solution
  • रविवार, 22 अक्टूबर 2017
  • +

दीप की ध्वनि, दीप की छवि

sound and image of Lamp
  • बुधवार, 18 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!