आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

नए राजनीतिक मोड़ पर नेपाल

Vinit Narain

Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
Nepal at new political turn
एक नए संविधान की प्रतीक्षा में नेपाल उद्वेलित है। इसके लिए चल रही कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित अवधि 27 मई तक कोई ठोस रूप नहीं ले सकी। संविधान का प्रस्तावित प्रारूप भी तैयार नहीं हो सका। नतीजतन लोग न सिर्फ नाराज हैं, बल्कि सड़कों पर उतर पड़े हैं। पिछले लगभग एक महीने से बंद और हड़ताल झेल रहे नेपाल में यह मुद्दा अशांति का कारण बन चुका है। नए संविधान का मुद्दा गरमाने के पीछे एक दूसरा बड़ा कारण है- राजनीतिक दल और वर्तमान सरकार तथा प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई के बीच उभरा मतभेद।
प्रमुख राजनीतिक दल नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल सहित दूसरे दल संविधान के मामले में इस गतिरोध का कारण प्रधानमंत्री को मानते हैं और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़ गए हैं। देश में नए संविधान को संसद के सामने पेश करने के उद्देश्य से गठित संविधान सभा का निर्धारित कार्यकाल समाप्त हो गया है।

संविधान के मामले में हो रही इस देरी को आम नेपाली 'अनावश्यक विलंब’ मानता है। आए दिन के बंद से आजिज लोगों का गुस्सा उबाल पर है। आम नेपाली नए संविधान से कम किसी भी आश्वासन या समझौते के लिए तैयार नहीं है। संविधान सभा का कार्यकाल बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर नेपाल की राजनीति में जो उबाल आया है, उसके परिणाम को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि नई संविधान सभा के गठन और प्रधानमंत्री के इस्तीफे जैसे अहम मुद्दों से नेपाल की राजनीतिक सरगर्मी देश को नए मोड़ पर ले जाएगी।

नेपाली कांग्रेस का कहना है कि शीघ्र नया संविधान देश के सामने लाना संभव है और इसे टालना जनाकांक्षाओं का गला घोंटना है। उसका यह भी कहना है कि अगर प्रधानमंत्री भट्टराई और सरकार ने इस मामले में टालमटोल की, तो नेपाली कांग्रेस के सभी मंत्री सरकार से तत्काल इस्तीफा दे देंगे। हालांकि एक मत यह भी है कि संविधान सभा का कार्यकाल बढ़ाए जाने का प्रस्ताव अदालत के निर्णय का उल्लंघन होगा।

उल्लेखनीय है कि नेपाल में राणाशाही की समाप्ति के बाद 1952 में राजशाही और बाद में निर्वाचित सरकार की स्थापना हुई। बी पी कोइराला देश के प्रथम प्रधानमंत्री बने थे। तब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संविधान विशेषज्ञ प्रो आर के मिश्र के निर्देशन में नेपाल का नया संविधान बना। बाद में एक षड्यंत्र के तहत राजा वीरेंद्र विक्रम शाहदेव की 'नारायण हिती' राजमहल में सपरिवार हत्या के बाद राजनीतिक अस्थिरता के कारण कोई भी संविधान प्रभावी या कारगर नहीं रहा।

माओवादियों के प्रभाव में नई सरकार के सामने नए 'प्रगतिशील संविधान’ की तैयारी की चुनौती महत्वपूर्ण थी। इस बीच राष्ट्रपति डा. रामबरन यादव ने सेना के मेडिकल इंस्टीट्यूट का उद्घाटन करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि नेपाल में जातीय समूह के बीच मतभेद और विरोध के साथ ही आए दिन हो रही हड़ताल और बंद चिंता का विषय हैं। राष्ट्रपति का यह वक्तव्य भी अति महत्वपूर्ण है कि हम पहले नेपाली हैं, बाद में पहाड़ी या मधेशी। उनका कहना है कि नेपाल का संविधान किसी एक जाति या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि व्यापक तौर पर पूरे देश के लिए है।

मधेशी समुदाय को संविधान के प्रस्तावित स्वरूप में खास महत्व न दिए जाने की आशंका भारत से लगी नेपाल की तराई में अशांति का एक बड़ा कारण है। अब तक प्रस्तावित संविधान में देश के संघीय ढांचे में 11 राज्य बनाने पर नेपाली कांग्रेस और दूसरे दलों की स्वीकृति है। नेपाली कांग्रेस का मानना है कि '11 राज्य मॉडल' का विरोध कर माओवादियों ने धोखा किया है।

इन परिस्थितियों में नेपाल में नए संविधान के प्रश्न पर नए राजनीतिक ध्रुवीकरण और समीकरण के साफ-साफ संकेत मिल रहे हैं। इस समीकरण में मधेशी और पहाड़ी एक साथ नए समीकरण के आधार बन सकते हैं। नए संविधान के प्रश्न पर आंदोलित नेपाल में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के फिलहाल कोई आसार नहीं दिख रहे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

कपिल-सुनील के झगड़े में इस शख्स के दोनों हाथों में है लड्डू

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

इस फिल्म से बाहर निकाल दिए गए थे आमिर खान, कहा गया था, 'रहने दीजिए फिर कभी काम करेंगे'

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

लड़की ने बॉस की गंदी हरकत का यूं दिया मुंहतोड़ जवाब, वायरल हो रहा वीडियो

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

किसानों का समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंचे प्रकाश राज

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

बॉलीवुड में आने से पहले ऐसी दिखती थी श्रुति हसन, तस्वीरें देखकर बोल पड़ेंगे उफ्फ!

  • शुक्रवार, 24 मार्च 2017
  • +

Most Read

ईवीएम पर संदेह करने वाले

Skeptics on EVMs
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम बनाने का क्षण

The moment to make Uttar Pradesh the best
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

कुदरती खेती में ही सबकी भलाई

Natural agriculture is beneficial to all
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

हार का ठीकरा ईवीएम पर

 Blame of defeat on EVMs
  • सोमवार, 20 मार्च 2017
  • +

हिंदुओं के करीब जाते शरीफ

Sharif gets closer to Hindus
  • गुरुवार, 23 मार्च 2017
  • +

उत्तर प्रदेश से देश को दिशा

Directions to the country from Uttar Pradesh
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top