आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

आईआईटी की स्वायत्तता में दखल

Vinit Narain

Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
आईआईटी काउंसिल और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अगले वर्ष से आईआईटी तथा एनआईटी और आईआईआईटी के लिए एकल संयुक्त परीक्षा लेने का फैसला लिया है। इसमें 12वीं बोर्ड के अंकों को भी जोड़ने की योजना है। इसका काफी विरोध किया जा रहा है। गरीब बच्चों को अपने सुपर-30 के जरिये आईआईटी की राह दिखाने वाले युवा गणितज्ञ आनंद कुमार से इस विवाद पर ब्रजेश सिंह ने बात की :-
:- आईआईटी-जेईई परीक्षा के पैटर्न में बदलाव की कोशिशों को आप किस रूप में देखते हैं?

:- सबसे पहले हमें यह देखना चाहिए कि इस बदलाव का मकसद क्या है। क्या जो फैसले लिए गए हैं, उनसे मकसद हासिल हो सकेगा। आईआईटी काउंसिल तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय का तर्क है कि बच्चों को कई परीक्षाओं के तनाव से बचाने के लिए एकल परीक्षा जरूरी है। लेकिन मेरा मानना है कि प्रस्तावित परीक्षा से बच्चों में तनाव बढ़ेगा। प्रस्तावित नई प्रणाली में आईआईटी में प्रवेश के लिए बच्चों को इंटर बोर्ड के साथ ही जेईई मेन (मुख्य संयुक्त परीक्षा) तथा एडवांस के लिए तिहरी तैयारी करनी होगी, जिससे कोचिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे सीमित साधनों के साथ पढ़ाई करने वाले ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए आईआईटी में प्रवेश पाना और कठिन हो जाएगा।

:- आईआईटी काउंसिल द्वारा 2013 से प्रस्तावित संयुक्त परीक्षा में क्या खामियां हैं?

:- वर्तमान में आईआईटी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा में पांच लाख, एआईईईई में 15 लाख तथा विभिन्न राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में पंद्रह लाख बच्चे हर साल शामिल होते हैं। अनुमान है कि एकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली को स्वीकार करने से उसमें तकरीबन 20 लाख बच्चे शामिल होंगे। जाहिर है, आईआईटी-जेईई एडवांस के लिए पहले जहां पांच लाख बच्चे थे, वहीं यह संख्या 20 लाख तक जा सकती है। इससे बच्चों पर कोचिंग लेने का दबाव भी बढ़ेगा और कोचिंग संस्थानों का धंधा बढ़ेगा। दूसरी प्रमुख बात इंटर बोर्ड के अंकों को 'नॉर्मलाइज' करने का भारतीय सांख्यिकीय संस्थान का फॉरमूला क्या होगा, यह अभी तक सामने नहीं आया है। इस भ्रामक स्थिति के कारण भी प्रस्तावित परीक्षा का विरोध किया जा रहा है।

:- मंत्रालय चाहता है कि प्रवेश परीक्षा और कोचिंग के चलते छात्र इंटरमीडिएट या 12 वीं की पढ़ाई को उपेक्षित न करें?

:- यह सही है, इससे हम भी सहमत हैं। लेकिन इसके लिए काउंसिल द्वारा सुझाया गया फारमूला सही नहीं है। स्कूली शिक्षा के महत्व को कायम रखने के लिए बोर्ड में मिले अंकों को महत्व देने के बजाय इंटरमीडिएट परीक्षा में विज्ञान पाठ्यक्रम पर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही देश के सभी स्कूल बोर्ड के पाठ्यक्रम को भी समान बनाना होगा। शुरू में एनसीईआरटी की इंटर पुस्तकों से परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार किए जा सकते हैं। इस टेस्ट में शीर्ष 50,000 रैंकिंग वाले छात्रों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए अनुमति दी जा सकती है। बाकी छात्र अन्य परीक्षाओं में हिस्सा ले सकते हैं। इससे इंटर की शिक्षा में बच्चों की रुचि बढ़ेगी।

:- आईआईटी, कानपुर तथा दिल्ली नए प्रस्ताव को अपनी स्वायत्तता में दखल मानते हैं, आपका क्या कहना है?

:- आईआईटी कानपुर तथा दिल्ली की सीनेट के फैसले को मैं सही मानता हूं। मैं उनके इस तर्क से सहमत हूं कि काउंसिल उन पर अपना फैसला थोपकर संस्थान की स्वायत्तता में दखल दे रही है। लेकिन इस विवाद में नुकसान छात्रों को होगा। इसलिए दोनों पक्षों को मिल जुलकर एक राय बनानी चाहिए।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

जायरा वसीम के समर्थन में उतरे आमिर, कहा, 'सभी के लिए रोल मॉडल है जायरा'

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

फरवरी में 823 साल बाद बनेगा शुभ संयोग, आपको म‌िलने वाला है बड़ा लाभ

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

खुद में न सिमटे रहें, मेलजोल बढ़ाने से होंगे ये जबरदस्त फायदे

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

जायरा के बारे में वो बातें, जो आप नहीं जानते

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

19 को लॉन्च होगा Xiaomi Note 4, जानिए कीमत और खासियत

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

Most Read

इस पृथ्वी पर मेरा कोई घर नहीं

I have no home on this earth
  • रविवार, 15 जनवरी 2017
  • +

कैसे रुकेगी हथियारों की होड़

How to stop the arms race
  • सोमवार, 16 जनवरी 2017
  • +

संक्रमण के दौर में तमिल राजनीति

Tamil politics in transition stage
  • शुक्रवार, 13 जनवरी 2017
  • +

सुस्त होती रफ्तार और बेजार बाजार

Down market and sluggish pace
  • बुधवार, 11 जनवरी 2017
  • +

सच क्यों नहीं बोलते राहुल

Why Rahul does not speak the truth
  • रविवार, 15 जनवरी 2017
  • +

पाकिस्तान में आवाजों पर पहरा

In Pakistan voices are guarded
  • गुरुवार, 12 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top