हल्द्वानी। चाहते हुए भी सिगरेट न छोड़ पाने वाले चैन स्मोकर व्यक्तियों के लिए अच्छी खबर है। वे ई- सिगरेट का इस्तेमाल कर तंबाकू वाली सिगरेट से आसानी से पीछा छुड़ा सकते हैं। इससे उनकी बचत भी होगी और सिगरेट पीने की लत से निजात भी मिल सकती है। शहर में इस इलेक्ट्रानिक सिगरेट का मजा लेते एमबीपीजी कालेज गेट पर भारत बुक डिपो के स्वामी अरुण पांडे मिल जाएंगे। वह करीब 35 वर्षों से लगातार सिगरेट पी रहे थे। लेकिन इसका कोई विकल्प न मिलने के कारण वह सिगरेट को नहीं छोड़ पा रहे थे। उन्हें जब इस इलेक्ट्रानिक सिगरेट के बारे में मालूम चला तो नैनीताल में रहने वाले उनके भांजे ने इलेक्ट्रानिक सिगरेट को अपने दोस्त के माध्यम से बाहर से मंगवाकर बुधवार को उन्हें भेज दिया। पुस्तक विक्रेता पांडे का कहना है कि वह लगातार सिगरेट पीने के आदी जैसे हो गए थे तथा आज उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है। जब भी उन्हें सिगरेट की लत लगती है, वह इससे अपना शौक पूरा कर लेते हैं।पुस्तक विक्रेता पांडे के पास पहुंचे इस इलेक्ट्रानिक सिगरेट के बाक्स को देखने पर मालूम चला कि ई- सिगरेट के बाक्स में सिगरेट की तरह दिखने वाला इलेक्ट्रानिक उपकरण है। तीन डिवाइस बैटरी, आटोमाइजर और लिक्विड लिटिल काटेज हैं। यह वो काटेज है जिसे सिगरेट की तरह दिखने वाले इलेक्ट्रानिक उपकरण के ऊपरी हिस्से में लगाने के बाद उसे सिगरेट की पी सकते हैं। इसे पीते समय बाकायदा धुआं भी निकलता है। एक काटेज को कम से कम तीन सौ बार इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी बैटरी दो से तीन घंटे तक चलती है इसके बाद इसे फिर चार्जर लगाकर बिजली से रिचार्ज कर सकते हैं। लेकिन इस इलेक्ट्रानिक सिगरेट के बाक्स पर यह कहीं भी अंकित नहीं है कि यह किस देश द्वारा निर्मित की गई है। उन्होंने बताया कि इसकी कीमत आठ सौ रुपये है जो कि तीन - चार माह की सिगरेट की कीमत से काफी कम बैठती है।इधर, इस इलेक्ट्रानिक सिगरेट के बारे में यह भी जानकारी मिली है कि इससे परोक्ष रूप से केवल 20 फीसदी ही नुकसान होता है। इसमें चार प्रकार का निकोटीन जीरो, लो, मीडियम और हाई पावर का होता है। यह सिगरेट 70 फ्लेवर में है। इसका दांतों पर भी कोई असर नहीं होता तथा तंबाकू रहित और धुआं रहित वाली यह सिगरेट दिखने में असली सिगरेट जैसी लगती है। यूनिवर्सिटी ऑफ लाइॅसविले के प्रोफेसर ब्रेड रोडू ने 20 साल की रिसर्च के बाद खोज की है। उनके अनुसार किसी भी तरह के तंबाकू उत्पादों का सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं है। जबकि धुआं रहित उत्पाद सिगरेट के मुकाबले 98 प्रतिशत तक सुरक्षित है। वैज्ञानिकों के अनुसार ई- सिगरेट और धुआं रहित तंबाकू की मदद से धूम्रपान के खतरे से बचा जा सकता है। धूम्रपान की लत से परेशान लोगों के लिए ये काफी मददगार साबित होगी।