सरैंया (चित्रकूट)। वनरोजों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण परेशानी में हैं। किसानों का कहना है कि कई बार अफसरों को बताए जाने के बाद भी कुछ नहीं किया गया। उनकी लहलहाती फसल के ये जानवर दुश्मन बन गए हैं।किसानों का कहना है कि सौ से दो सौ की झुंड में ये वनरोज जिस खेत में डेरा डाल देते हैं, उसका नष्ट होना तय हो जाता है। रैपुरा के आसपास के गांवों, अगरहुंड़ा, मगरहाई, बांधा, बरहट के किसान डा. हरिओम सिंह, संतोष सिंह, पिंटू श्रीवास्तव, महेंद्र सिंह, मोहित उपाध्याय, संतोष द्विवेदी, छेदीलाल, रघुराज सिंह ने कहा कि अगर प्रशासन ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी।