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नक्शा पास होने पर भी नहीं मिलेगा पानी!

Chandigarh

Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। शहर में पानी की किल्लत का ठीकरा नगर निगम ने प्रशासन पर फोड़ दिया है। अगर प्रशासन दक्षिणी सेक्टरों में लगाए जाने वाले बूस्टर और ट्यूबवेल लगाने का नक्शा जल्द पास भी कर दे, तब भी नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वह इन गर्मियों में लोगों की दिक्कत दूर कर दे। एक बूस्टर लगाने में छह माह से अधिक समय लग जाता है। ऐसे में यह बूस्टर अगले सीजन में ही राहत दे सकेंगे।
डेढ़ साल से सुध क्यों नहीं ली!
डेढ़ साल पहले नगर निगम ने बूस्टर लगाने के नक्शे पास करवाने के लिए प्रशासन के वास्तुकार विभाग को भेजे थे। उसके बाद नगर निगम ने कोई सुध नहीं ली। शुक्रवार को हुई वाटर सप्लाई कमेटी की बैठक में सदस्यों ने अधिकारियों से पूछा कि जब मंजूरी का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा था तो उसके बाद कितनी बार वास्तुकार विभाग पर दबाव बनाया गया। कितनी बार रिमांइडर भेजा गया। इस पर अधिकारी कोई संतोषजनक जबाव नहीं दे पाए। सदस्य सुभाष चावला का कहना है कि अधिकारियों को चाहिए था कि प्रशासन को गर्मियों में आने वाली दिक्कतों के बारे में बताया जाता।
इंजीनियरिंग सचिव के पास पहुंची फाइल
एक सप्ताह से जनस्वास्थ्य विभाग ने नए नौ बूस्टर लगाने के लिए गंभीरता दिखाई है। इसकी फाइल वास्तुकार विभाग से इंजीनियरिंग सचिव को भेजी गई है। सूत्रों का कहना है कि सभी नक्शे पास करके अगले सप्ताह तक निगम को भेज दिए जाएंगे। उसके बाद प्रस्ताव पास करने, टैंडर लगाने और अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इन कामों के लिए नगर निगम तीन माह का समय लगा देगा।
इन इलाकों में लगने हैं बूस्टर
सेक्टर-48ए, सी, 46, 47, 31, 38सी, 39बी, 29सी और 34 में बूस्टर लगने हैं। यहां पर रहने वाले लोगों को मोटरों का ही साहरा रह गया है। सेक्टर-47 निवासी रजत मल्होत्रा का कहना है कि नगर निगम के सभी दावे फेल हो गए हैं। उनका कहना है कि ऊपर की मंजिलों में पिछले एक सप्ताह से पानी की सप्लाई बंद है। मोटर से ही पानी चढ़ाना पड़ रहा है। बिजली का खर्च भी बढ़ गया है। सेक्टर-38 निवासी पकंज कुमार का कहना है कि जब बूस्टर लगने की खबर सुनी थी तो खुशी हुई थी गर्मी में पानी की किल्लत नहीं आएगी लेकिन स्थिति पिछली गर्मी से भी ज्यादा बिगड़ गई है।
वर्जन
कमेटी मिलेगी प्रशासन से
अगले सप्ताह बूस्टरों के नक्शों के मामले को लेकर प्रशासन के सलाहकार और वित्त सचिव से कमेटी के सदस्य मिलने जाएंगे। अधिकारियों को शहर में आ रही पानी की दिक्कत से अगवत करवाकर जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए कहा जाएगा।
- मुकेश बस्सी, चेयरमैन, वाटर सप्लाई कमेटी
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