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विमान यात्री झेल रहे अव्यवस्थाओं की मार

Chandigarh

Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
चंडीगढ़। कोहरे की मार झेल रहे सिटी के हवाई यात्रियों को अभी राहत नहीं मिलने वाली है। सिटी एयरपोर्ट पर कैट वन आईएलएस (इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम) लगा है, लेकिन न तो यहां के आईएलएस की क्षमता बेहतर है और न ही अप्रोच लाइट व सेंट्रल रनवे लाइट। मैट का खास इंस्ट्रूमेंट आईआरवी भी कई बार काम बंद कर देता है। यानी जरा सा कोहरा छाया तो विमान हवा में चक्कर ही काटता रह जाएगा। यह दिक्कत हर साल आती है, लेकिन इसका कारगर उपाय अब तक नहीं ढूंढा जा सका है।
चंडीगढ़ में जो आईएलएस लगा है, वह है कैट 1। इसकी क्षमता 1200 मीटर की विजिबिलिटी पर विमान को उतारने की है। एक जानकार के अनुसार, 1200 मीटर की क्षमता को बेहतर करने के लिए उसके साथ का सिस्टम लगाना सबसे आवश्यक है, जिसमें मैट इंस्ट्रूमेंट आईआरवी और अप्रोच लाइट के साथ सेंट्रल रनवे लाइट्स शामिल हैं। यह स्थिति अभी नहीं बनी है, बल्कि पिछले तीन साल से ऐसी ही स्थिति है।
एयर ट्रैफिक बंद होने का सबसे ज्यादा नुकसान होता यात्रियों को होता है, जिन्हें दिल्ली और मुंबई जाना होता है। एक जानकार के अनुसार, इस रीजन में कोहरा सबसे ज्यादा पड़ता है। इसलिए यहां कैट टू या थ्री का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था, ताकि विमानों को साढ़े तीन सौ मीटर से लेकर जीरो विजिबिलिटी तक उतारा जा सके।

लौटने लगे हैं विमान
कोहरा होने के कारण दो दिन पहले एयर इंडिया ने अपना विमान चंडीगढ़ से वापस भेज दिया। दो दिन से यहां फ्लाइट्स का आवागमन भी बंद हो चुका है।

यहां लौटे हजारों यात्री
सिटी एयरपोर्ट से विमान के लिए पहुंचे चंडीगढ़ के तीन हजार यात्री तीन दिन के दौरान वापस लौट गए। यहां प्रतिदिन दो हजार यात्री विमान से सफर करते हैं। यात्रियों का कहना है कि अपडेटेड उपकरण मौजूद हैं तो उनका प्रयोग किया जाना चाहिए। इससे कम से कम यात्रियों को परेशानी से तो बचाया जा सकता है।

आईएलएस हैं ये
कैट 1 : 650 मीटर की विजिबिलिटी पर असरदार
कैट 2 : 350 मीटर की विजिबिलिटी पर असरदार
कैट 3-ए और बी : जीरो विजिबिलिटी पर असरदार
सहायक उपकरण : सेंट्रल लाइन रनवे लाइट

कोट्स........
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर जो आईएलएस लगा है, उसकी क्षमता कम नहीं है। हालांकि, हाईटेक सिस्टम होने से यात्रियों को और बेहतर सुविधा मिल सकती है।
- कैप्टन एचएस तूर, निदेशक, एयरपोर्ट
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