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आसानी से छूट रहे छेड़छाड़ के आरोपी

Chandigarh

Updated Sat, 22 Dec 2012 05:31 AM IST
चंडीगढ़। युवतियों से छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों में खौफ पैदा करने की राह में कमजोर कानूनी धाराएं आड़े आ रही हैं। पिछले ढाई महीने के दौरान पुलिस ने जोर-शोर से मनचलों के खिलाफ अभियान छेड़ा, युवतियों ने भी आगे आकर 233 शिकायतें दर्ज करवाई, जांच के बाद 67 मामले दर्ज हुए, 59 में गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई। अब वे कानून का मखौल उड़ाते हुए खुलेआम घूम रहे हैं। खौफ है तो शिकायतकर्ता लड़कियों के चेहरे पर। जहां दिल्ली गैंग रेप मामले में पूरे देश में दुराचारियों को फांसी जैसी सख्त सजा की मांग उठ रही है, वहीं शहर में भी कई संगठन छेड़छाड़ करने वालों के लिए सख्त गैर जमानती धाराओं की मांग करने लगे हैं।
युवतियां तो जागी, अब कानून तो बदलो
चंडीगढ़ पुलिस ने 29 सितंबर से युवतियों को छेड़छाड़ की घटनाओं के प्रति जागरूक करने और बचाव के लिए स्कूल-कालेजों में अभियान छेड़ा था। इसका नतीजा यह हुआ कि लड़कियां खुलकर छेड़छाड़ का विरोध करने लगी। लगभग ढाई माह में ही 233 शिकायतें दर्ज हुई, लेकिन कमजोर धाराओं के कारण आरोपी बेखौफ हैं।

कई राज्यों में छेड़छाड़ पर नहीं होती जमानत
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के वकील कुलबीर सिंह शेखों ने बताया कि अगर आरोपियों पर लगने वाली धाराओं के तहत जमानत का प्रावधान नहीं होगा तो छेड़छाड़ करने से लोग डरेंगे। आंध्र प्रदेश और उड़ीसा में आईपीसी की धारा-354 गैर जमानती है और इसे चंडीगढ़ में सख्त बनाया जाना चाहिए। महिला वकील डीए दूबे ने बताया कि चंडीगढ़ में छेड़छाड़ पर कमजोर धारा की वजह से आसानी से जमानत मिल जाती है। इसके बाद अपराधियों के हौसले बढ़ जाते हैं और फिर लड़की के साथ बड़ी अनहोनी होती है। इसलिए पहले ही इस पर सख्त कानून बनाकर लगाम लगाई जानी चाहिए।


हक के लिए लंबा संघर्ष
सितंबर में जीसीजी-42 की छात्रा के साथ छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने पहले केवल छेड़छाड़ की धारा लगाई थी, लेकिन परिजनों के लंबे विरोध के बाद इसमें मारपीट और अपहरण के प्रयास का मामला भी जोड़ा गया। सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। उन पर सुलह का लगातार दबाव भी बनाया गया।

नहीं होनी चाहिए जमानत
एनजीओ युवसत्ता के संयोजक प्रमोद शर्मा ने कहा कि छेड़छाड़ करने वालों की जमानत नहीं होनी चाहिए। इससे ही उनमें खौफ पैदा होगा।

वर्जन
पुलिस ने सभी छेड़छाड़ के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ मामलों में शिकायतकर्ता की ओर से आरोपियों की पहचान के लिए वाहनों के नंबर नहीं मिले, जिनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
- आशीष कपूर, डीएसपी सेंट्रल
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