आपका शहर Close

वीरभद्र सिंह की संजीवनी से जी उठी कांग्रेस

Chandigarh

Updated Fri, 21 Dec 2012 05:32 AM IST
उदय कुमार
बर्फीली ठंड से कांप रहे हिमाचल प्रदेश को इंडक्शन चूल्हे से गर्माने की भाजपा की कोशिश काम नहीं आई। विधानसभा चुनाव से पहले गुटबंदियों से बिखरी कांग्रेस के लिए अंतिम क्षणों में वीरभद्र सिंह संजीवनी बूटी बनकर आए और सत्ता में वापसी करा दी। इस बार का जनादेश न तो सत्ता के प्रति आक्रोश का परिणाम है और न ही किसी राष्ट्रीय राजनीति का करिश्मा। इसमें विकास और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी दरकिनार
हो गए।
हिमाचल में परंपराओं की जड़ें काफी गहरी हैं। राजशाही आज भी लोगों के मन पर हावी है। इसलिए धारणा बनती है कि यहां जनता बारी-बारी से पार्टियों को राज करने का मौका देती है। सत्ता में कांग्रेस की वापसी को इससे जोड़कर देखा जा सकता है। लेकिन यह अकेला कारण नहीं है। यह परंपरा पिछले चुनावोें के दौरान पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब में टूटी थी। इससे भाजपा यहां काफी आश्वस्त थी। मृदुभाषी मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को पिछले पांच साल में विकास की अनेक योजनाओं को लागू करने के कारण भी वापसी का भरोसा था। अपने मिलनसार व्यवहार के कारण हर वर्र्ग, खासकर कर्मचारियों को रिझाने में वे पीछे नहीं रहे। भाजपा सबसे ज्यादा आश्वस्त अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के बिखराव के कारण भी थी। उसे उम्मीद थी कि आरोपों के कारण केंद्रीय मंत्री पद से हटे वीरभद्र सिंह को कांग्रेस हिमाचल के मैदान में उतारने का जोखिम नहीं लेगी। भाजपा यह भी मान रही थी कि वीरभद्र सिंह को जनता स्वीकार नहीं करेगी। पांच साल में पस्त हो चुकी कांग्रेस जिंदा कैसे हो पाएगी यह भी बड़ा सवाल था। धूमल ने इन आकलनों पर इतना ज्यादा भरोसा कर लिया कि मैदान में मात खा गए।
धूमल के लिए यह पहला मौका था जब वे अपने करिश्माई नेता अaटल बिहारी वाजपेयी की सरपरस्ती के बिना ही चुनाव मैदान में उतरे। मनाली कनेक्शन के कारण अटलजी के प्रति हिमाचलियों के मन में काफी अपनत्व है। उनके अलावा पार्टी के खासे दिग्गज यहां आए लेकिन महंगाई और भ्रष्टाचार में कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर की विफलताओं को ही निशाना बनाते रहे। इनके जोशीले नारों या सोनिया राहुल की फीकी चुनावी सभाओं से हार-जीत का आकलन करने वाले भी इस बार मात खा गए।
78 साल की उम्र में छठी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी की दावेदारी ठोक रहे वीरभद्र सिंह का सबसे बड़ा करिश्मा यह रहा है कि जो उनके पुराने दुश्मन थे उन्हें अपना बना लिया और जो नए योद्धा उनके खिलाफ ताल ठोक रहे थे वे अपना ही घर बचाने में उलझ गए। 84 वर्षीया विद्या स्टोक्स की 8वीं जीत को अपनी जीत बताने के लिए वीरभद्र के पास पर्याप्त कारण हैं। हालांकि अदालत तक घसीट ले जाने वाले विजय सिंह मनकोटिया को भले ही वीरभद्र ने गले लगाकर मैदान में उतार दिया लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।
बिखराव में एकजुटता के इस करिश्मे ने कांग्रेस को बचा लिया लेकिन भाजपा अपनी गुटबंदियों में मात खा गई।
शांता कुमार का राष्ट्रीय कद उनके अपने प्रत्याशियों को भी बचाने में काम नहीं आया। धूमल ने लगातार विरोधों के बावजूद शांता कुमार से अपनत्व दिखाने की लगातार कोशिशें की लेकिन चुनाव में उलटा पड़ गया। भाजपा ने वीरभद्र सिंह को घेरने के तमाम प्रयास किए। धूमल के सभी लोग विकास के हथियार को छोड़कर वीरभद्र को ‘वीबीएस’ बताने में ही जुटे रहे। यह नकारात्मक प्रचार वीरभद्र के लिए सहानुभूति का माहौल बनाने में कारगर रहा।
ऐसे ही एक सवाल पर कुल्लू के एक बुजुर्ग ने टिप्पणी की थी कि जिनके घर शीशे के होते हैं वे दूसरों पर पत्थर नहीं उछालते। उनका इशारा भाजपा शासनकाल में उठे भ्रष्टाचारों के उन मुद्दों की ओर था जिसमें धूमल को अपने ही एक खास मंत्री की बलि देनी पड़ी थी। इन तमाम स्थितियों के बाद भी हिमाचल में एक बेचैनी अभी कायम है कि सत्ता तक पहुंचाने वाले वीरभद्र सिंह को क्या छठी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी। हिमाचल की कांग्रेस में आज कोई भी उनके सामने खड़ा होने की स्थिति में नहीं बचा है।
इसके बावजूद उत्तराखंड और इसके पहले अन्य कई राज्यों में जिस तरह से कांग्रेस ने अपने खेवनहार को किनारे लगाकर नए चेहरे को पतवार सौंपी उससे इस तरह की आशंकाएं स्वाभाविक हैं।
Comments

स्पॉटलाइट

बेगम करीना छोटे नवाब को पहनाती हैं लाखों के कपड़े, जरा इस डंगरी की कीमत भी जान लें

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: फिजिकल होने के बारे में प्रियांक ने किया बड़ा खुलासा, बेनाफशा का झूठ आ गया सामने

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Photos: शादी के दिन महारानी से कम नहीं लग रही थीं शिल्पा, राज ने गिफ्ट किया था 50 करोड़ का बंगला

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

ऋषि कपूर ने पर्सनल मैसेज कर महिला से की बदतमीजी, यूजर ने कहा- 'पहले खुद की औकात देखो'

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

पुनीश-बंदगी ने पार की सारी हदें, अब रात 10.30 बजे से नहीं आएगा बिग बॉस

  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

Most Read

पद्मावती विवाद पर आसाराम ने खोला मुंह, जानिए क्या कहा

Asaram's statement on Padmavati controversy
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

हिजबुल का दावा- हमने भारतीय सेना से मरवाए पाक आतंकी, कश्मीर की जंग हमारी

HIZBUL TERRORIST VIDEO GOES TO VIRAL ON SOCIAL MEDIA IN SRINAGAR
  • मंगलवार, 21 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

गोंडा और अयोध्या में फर्जी वोटिंग को लेकर मारपीट, बसपा प्रत्याशी को ले गई पुलिस

fight during voting
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +

 अभिनेता राजपाल की बेटी को आज ब्याहने जाएंगे संदीप, ये होंगी खास बातें

Sandeep will go to marry Rajpal's daughter
  • रविवार, 19 नवंबर 2017
  • +

बसपा प्रत्याशी का आरोप- हाथी का बटन दबाने पर जली कमल की लाइट

Accused of BSP candidate- burning of the elephant button on the light lotus
  • बुधवार, 22 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!