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अब दक्षिणी सेक्टर में बनेगी साइंस सिटी

Chandigarh

Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
चंडीगढ़। अब शहर के दक्षिणी सेक्टरों में साइंस सिटी बनेगी। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से इसके लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार सात एकड़ जमीन पर तैयार की जाने वाली साइंस सिटी के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के आसपास जमीन नहीं है। इसलिए यह दक्षिणी सेक्टर में ही बनाई जाएगी।
चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल को यहां पद संभाले हुए तीन साल होने वाले हैं, लेकिन इस दरम्यान शहर में कोई बड़ा प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ। ऐसे में साइंस सिटी पहला ऐसा प्रोजेक्ट होगा, जिसमें प्रशासक की ओर से दिलचस्पी दिखाई गई है। पाटिल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि साइंस के प्रति विद्यार्थियों में लोकप्रियता बढ़ाने के लिए साइंस सिटी की स्थापना जरूरी है।
पूर्व प्रशासक एसएफ रोड्रिग्स के कार्यकाल में शुरू हुए प्रोजेक्ट या तो रद हो गए हैं या अधर में हैं। अब नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (एनसीएसएम) की ओर से चंडीगढ़ में साइंस सिटी की स्थापना की जानी है। एनसीएसएम देशभर में 36 शहरों में साइंस सिटी की स्थापना कर चुकी है। मंगलवार को एनसीएसएम की गवर्निंग बॉडी के सदस्य और पीयू के पूर्व कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने राजभवन में साइंस सिटी को लेकर प्रेजेंटेशन दी थी। प्रो. सोबती ने ही छह माह पहले इस प्रोजेक्ट के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) करवाई थी। पीयू में साइंस सिटी की स्थापना को लेकर जब विरोध हुआ था, तब प्रो. सोबती ने ही प्रशासक के सलाहकार को पत्र लिखकर साइंस सिटी के लिए शहर में जगह देने को कहा था।

पीयू कैंपस में साइंस सिटी का पूटा ने किया था विरोध
मई 2011 में जब चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल के पास साइंस एंड टेक्नोलाजी मंत्रालय था, तब उन्होंने चंडीगढ़ में अगले तीन साल में वर्ल्ड क्लास साइंस सेंटर और प्लेनेटोरियम स्थापित करने की घोषणा की थी। बंसल ने इसके लिए 6 करोड़ रुपये का अनुदान देने की घोषणा भी की थी, लेकिन पूटा ने पीयू कैंपस में साइंस सिटी की स्थापना को लेकर यह कहते हुए विरोध शुरू कर दिया था कि अगर कैंपस में सात एकड़ जमीन साइंस सिटी को दे दी जाती है तो पीयूू के पास भविष्य में विस्तार के लिए जमीन नहीं बचेगी। चंडीगढ़ में अब लगभग 300 एकड़ जमीन ही बची है और प्रशासन बहुत सोच समझ कर जमीन की अलॉटमेंट कर रहा है।
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