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फ्लैट बनाने को मुल्लांपुर में मिलेगी जमीन

Chandigarh

Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की आवासीय योजना के लिए जल्द ही पंजाब सरकार की ओर से मुल्लांपुर में जमीन दी जाएगी। पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों की हाल ही में हुई बैठक में जमीन देने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। फिलहाल यह तय नहीं हो सका है कि जमीन कितनी और मुल्लांपुर में कहां दी जाएगी। लगभग चार साल पहले लांच की गई इस आवासीय योजना के लिए प्रशासन को चंडीगढ़ में जमीन नहीं मिल रही थी। ऐसे में चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल के निर्देश पर प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने जमीन के लिए पंजाब के अधिकारियों से बात की है।
इस अवासीय योजना के लिए मुल्लांपुर के अलावा जीरकपुर में भी जमीन देने पर विचार चल रहा है। अब जमीन अलाट होने के बाद भी प्रशासन के कर्मचारियों को फ्लैट के लिए न सिर्फ तीन से चार साल और इंतजार करना होगा, बल्कि पांच से दस लाख रुपये अधिक भी देने पडे़ंगे। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण पर जो लागत आएगी वह कर्मचारी से ही ली जाएगी। संभावना है कि कर्मचारियों को 30 से 40 फीसदी राशि ज्यादा देनी पड़ेगी।
उधर, प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि अगर पंजाब सरकार से ज्यादा जमीन मिल जाती है तो फ्लैट से वंचित रह गए कर्मचारियों को भी फ्लैट मिल सकते हैं। ध्यान रहे कि सीएचबी ने प्रशासन के कर्मचारियों के लिए आवासीय योजना 2008 में लांच की थी और चार नवंबर 2010 को इस योजना के लिए 3930 फ्लैटों के लिए लए ड्रा निकाला था। लेकिन, जमीन नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। प्रशासन के 6600 कर्मचारियों ने इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के अंतर्गत आवेदन किया था।

अधिकारियों के फ्लैट सेक्टर-53 में बनेंगे
इस आवासीय योजना में ग्रुप ए के तहत आने वाले अधिकारियों के लिए जमीन का चयन हो गया है। ग्रुप ए के 252 सफल आवेदकों के लिए फ्लैट सेक्टर-43 स्थित बस स्टैंड के सामने सेक्टर-53 में 11.79 एकड़ जमीन पर बनाए जाएंगे। सीएचबी ने इस सेक्टर में 19.50 एकड़ जमीन जनरल हाउसिंग स्कीम के लिए रखी थी। लेकिन, इसमें से 11.79 एकड़ जमीन ग्रुप ए के कर्मचारियों के लिए आरक्षित करने से अब 7.71 एकड़ जमीन ही जनरल हाउसिंग स्कीम के लिए बची है।

कोट
आवासीय योजना के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब सरकार से जमीन मांगी है। इसको लेकर हमारी बैठक भी हो चुकी है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही पंजाब सरकार की ओर से जल्द ही जमीन अलॉट कर दी जाएगी।
- केके शर्मा, सलाहकार, प्रशासक
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