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सीएचबी अब प्रवासियों के लिए बनाएगा मकान

Chandigarh

Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। शहर को स्लम फ्री बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की ओर से पुनर्वास योजना के तहत जहां गरीबों के लिए शहर में लगभग 25 हजार फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं, वहीं सीएचबी शहर में आने वाले प्रवासियों के लिए भी मकान तैयार करेगा। रविवार को केंद्रीय आवास व गरीबी उन्मूलन मंत्री कुमारी सैलजा ने सीएचबी को इस संबंध में जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय भेजने को कहा। प्रवासियों के लिए मकान राजीव आवास योजना के तहत बनेंगे और प्रशासन को मंत्रालय की ओर से मौजूदा वित्तीय वर्ष में इन मकानों के लिए पहले चरण में 90 करोड़ रुपये की ग्रांट भी जारी होने की उम्मीद है।
प्रवासियों के लिए दो कमरों के मकान बनाने के साथ-साथ डॉरमेट्री बनाई जाएगी। जो प्रवासी अकेले शहर में आएंगे वे डॉरमेट्री में रह सकेंगे, जबकि परिवार वालों को दो कमरे का मकान दिया जाएगा। इसके लिए उनसे प्रति माह किराया लिया जाएगा। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि शहर में हर साल दूसरे प्रदेशों से हजारों लोग काम की तलाश में आते हैं और कुछ महीने यहां रुक कर वापस चले जाते हैं। यहां रहने के लिए वे झुग्गियां बना लेते हैं। ऐसे में जब तक प्रवासियों के लिए मकान नहीं बनेंगे, तब तक शहर स्लम फ्री नहीं हो सकता है। प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने सीएचबी के अधिकारियों से जल्द ही इस बारे में प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। प्रवासियों के लिए बनने वाली जगह को भी चिह्नित करने को कहा गया है।

बाक्स

रुकी है दस हजार फ्लैटों की अलॉटमेंट
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से शहर को स्लम फ्री बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ स्माल फ्लैट्स योजना, 2006 बनाई गई थी। इस योजना के तहत रामदरबार, धनास, मलोया, दड़वा, सेक्टर-38 (वेस्ट), सेक्टर-49 सहित कई और स्थानों पर कुल 25728 फ्लैट बनाए जाने हैं। इनमें से सीएचबी की ओर से 12736 फ्लैट बनाए जा चुके हैं और 12992 फ्लैट अभी बनने बाकी हैं। जो फ्लैट बनने हैं वे दो कमरों के होंगे। पुनर्वास योजना के तहत जहां इन 12992 फ्लैटों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है, वहीं 10 हजार से अधिक फ्लैटों की अलॉटमेंट भी रुकी हुई है। इनमें धनास में ही 8448 फ्लैट हैं, जो कि पूरी तरह से तैयार। यहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण होना है। इसी तरह से राम दरबार और सेक्टर-49 में भी फ्लैट पिछले साल से तैयार हैं। इन फ्लैटों के रखरखाव पर सीएचबी 20 लाख से अधिक खर्च कर चुका है। ध्यान रहे कि सीएचबी को इस योजना के तहत फ्लैट बनाने के लिए केंद्र सरकार से 564 करोड़ रुपये मिले थे। अब यह प्रोजेक्ट 1021 करोड़ से अधिक का है।
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