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सीएचबी ने राजनीतिक दलों का किया बायकाट

Chandigarh

Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। हाउसिंग बोर्ड के लोगों ने उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक रुख नहीं दिखाने के रोष स्वरूप राजनीतिक दलों के नेताओं का बायकाट करने का फैसला लिया है। अब हाउसिंग बोर्ड की रैलियों में किसी भी पार्टी के नेताओं को बुलाया नहीं जाएगा। सीएचबी फेडरेशन की अगले रविवार को धनास में रैली और प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके उपलक्ष्य में रविवार शाम को प्री रैली की गई, जिसमें पूरे शहर की ज्वाइंट एक्शन कमेटियों ने फेडरेशन के चेयरमैन निर्मल दत्त की अगुवाई में लोगों को जागरूक किया। अब लोकसभा चुनाव तक ‘अस्सी याद रखांगे’ अभियान चलाया जाएगा।
एक माह पहले तक हर सप्ताह फेडरेशन की ओर से किसी न किसी सेक्टर में रैली की जाती रही है, जिनमें राजनीतिक दल के नेता को बुलाया जाता रहा है। सीएचबी फेडरेशन के चेयरमैन निर्मल दत्त का कहना है कि राजनीतिक दलों के नेताओं को हाउसिंग बोर्ड के लोगों की समस्याएं दूर करने की अपील की गई थी, लेकिन किसी भी दल ने कुछ नहीं किया। उनका कहना है कि अब हर माह प्रशासन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर रैली की जाएगी और राजनीतिक दलों के रुख पर नजर रखी जाएगी। उनका कहना है कि जो उनकी समस्याओं को हल करवाएगा, हाउसिंग बोर्ड के निवासी उसका ही समर्थन करेंगे। उनका कहना है कि जो नेता उनका काम करवाएंगे और जो उनका काम नहीं करवाएंगे उन्हें लोकसभा चुनाव तक याद रखा जाएगा। मालूम हो कि शहर में हाउसिंग बोर्ड के 48 हजार मकान है। किसी भी राजनीतिक दल को इनका समर्थन मिलने पर पूरा चुनावी माहौल पलट सकता है।
ये हैं मांगें
. हाउसिंग बोर्ड के मकानों को आ रहे नोटिसों को वापस लिया जाए, हर स्थिति में सभी मकानों को रेगुलर किया जाए
. शहर में सिटीजन चार्टर और पब्लिक आडिट सिस्टम को लागू किया जाए
. अफसरों को मिलने वाली पावर जनप्रतिनिधियों को दी जाए
अभी कुछ नहीं हुआ
इससे पहले सीएचबी फेडरेशन की ओर से मींगें पूरी करने के लिए प्रशासन को 15 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री पवन बंसल की ओर से भी हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन को मकानों को रेगुलर करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से शहर का सर्वे तो करवा लिया गया है, लेकिन मकानों को रेगुलर करने की ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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