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कांट्रैक्ट एसएसए शिक्षकों को रेगुलर करने की तैयारी

Chandigarh

Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। शहर के सरकारी स्कूलों में कांट्रैक्ट पर काम कर रहे करीब 500 शिक्षकों को रेगुलर करने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत काम कर रहे सभी जेबीटी, टीजीटी, रिसोर्स टीचर (स्पेशल एजूकेशन) और सीआरसी की पूरी जानकारी मांगी थी। सभी स्कूलों को वीरवार तक जानकारी देने के लिए कहा गया था। सूत्रों के अनुसार गत मार्च में दिल्ली में एमएचआरडी अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में आदेश मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने एसएसए शिक्षकों को रेगुलर करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।
सभी स्कूलों को भेजे गए एक फारमेट में शिक्षकों की पहली ज्वाइनिंग, शैक्षणिक योग्यता और टीचिंग अनुभव जैसी सभी जरूरी जानकारी मांगी है। विभाग ने सबसे पहले 2005 में एसएसए के तहत एक हजार के करीब शिक्षकों की भरती की थी, जिनमें से बाद में काफी रेगुलर भरती या साथ लगते राज्यों में चले गए।
डेमोक्रेटिक आर्गेनाइजेशन ऑफ एसएसए टीचर्स के प्र्रेसिडेंट कुलदीप जांगड़ा ने कहा कि कई सालों से एसएसए टीचर्स विभाग से उन्हें रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं। एसएसए में भरती स्थायी नियुक्ति के नियमों के तहत ही की गई थी। उम्मीद है कि इस बार शिक्षा विभाग जल्द ही इस पर कोई फैसला ले लेगा।

878 नए एसएसए शिक्षकों की भरती जारी
6 से 14 साल के सभी बच्चों को आरटीई (राइट टू एजूकेशन) के तहत शिक्षित करने के लिए चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में 2 हजार से अधिक शिक्षकों की जरूरत है। विभाग ने 2008 में 538 स्थायी शिक्षकों की भरती के बाद कोई स्थायी भरती नहीं निकाली है। अब एमएचआरडी स्कीम के तहत शिक्षा विभाग एसएसए के 878 पदों को भरने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। 224 जेबीटी और 654 टीजीटी के पदों के लिए आवेदन मंगाए जा चुके हैं। इन पदों को 31 मार्च 2013 तक कांट्रैक्ट पर भरा जा रहा है।

गेस्ट और कांट्रैक्ट टीचर्स का डाटा भी मांगा
शिक्षा विभाग ने एसएसए के साथ ही सरकारी स्कूलों में काम कर रहे 400 से अधिक गेस्ट और 200 कांट्रैक्ट शिक्षकों सेे संबंधित भी पूरा डाटा मांगा है। स्कूलों में 10 से 12 साल से भी अधिक समय से कांट्रैक्ट टीचर काम कर रहे हैं, जबकि 600 के करीब गेस्ट टीचर की भरती तीन साल पहले की गई थी।

कोट्स
सभी स्कूलों से कांट्रैक्ट टीचर्स का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। एसएसए शिक्षकों को रेगुलर करने का प्रोसेस अभी प्रारंभिक स्टेज पर है। मैं इससे अधिक अभी कुछ नहीं कह सकता।
- उपकार सिंह, डीपीआई, स्कूल चंडीगढ़।
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