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अंबाला में लावरिस मिली फिजा के वकील की गाड़ी

Chandigarh

Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
मोहाली/अंबला/चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन से शादी कर चर्चा में आईं अनुराधा बाली उर्फ फिजा की मौत के मामले में एक और नया मोड़ आ गया है। अंबाला के पुलिस ने जड़ौत रोड पर एक लावारिस स्कॉर्पियो बरामद की है, जिसमें अनुराधा बाली उर्फ फिजा के नाम की प्रिस्क्रिप्शन स्लिप मिली है। लावारिस खड़ा करने से पहले वाहन की नंबर प्लेट भी हटा ली गई थी। पुलिस जांच में पता चला है कि यह गाड़ी उनके वकील मित्र दलीप महाजन के नाम पर है। महाजन चंडीगढ़ के वकील हैं और वह पड़ोसियों से मारपीट का फिजा का केस भी देख रहे थे।
अंबाला पुलिस के मुताबिक गाड़ी का एक टायर पंचर था। उसकी लाइट टूटी हुई थी। गाड़ी की नंबर प्लेट भी नहीं थी। शु्क्रवार को लोगों की सूचना पर पुलिस गाड़ी को बलदेव नगर थाने ले आई। लोगों के अनुसार गाड़ी सुबह से ही वहीं खड़ी थी। गाड़ी की तलाशी के दौरान एक दवाई की पर्ची मिली जो चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 की है। इसमें मरीज का नाम अनुराधा बाली लिखा है। गाड़ी फिजा का शव मिलने के बाद से गायब थी। यह अचानक अंबाला कैसे पहुंच गई, पुलिस इसकी जांच कर रही है।

फिजा ने मांगी थी गाड़ी : दलीप महाजन
चंडीगढ़ में जब वकील दलीप महाजन से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि यह कार 22 जून को फिजा ने उनसे मांगी थी। हालांकि फिजा के पास हॉन्डा सीआरवी और सैंट्रो कारें थीं लेकिन लंबी दूरी की यात्रा के लिए वह उनसे स्कॉर्पियो मांग लेती थी। उस दिन फिजा ने यह कह कर गाड़ी मांगी थी कि सीआरवी को उसने सर्विस के लिए जानी है। उसके बाद फिजा ने गाड़ी उन्हें नहीं लौटाई। दलीप के अनुसार उन्होंने गाड़ी कई बार मांगी पर वह टालती रही। फिजा ने उन्हें 22 जुलाई को बताया कि स्कार्पियो किसी काम से बाहर भेजी है और तीन दिन में लौटा देगी। इस पर आखिरी बार 26 जुलाई को महाजन ने फिजा से कहा कि अगर वह कार नहीं देंगी तो वह उनके केस नहीं लड़ेंगे। महाजन के मुताबिक 28 जुलाई को फिजा की कॉल आई थी, तब वह कोर्ट में थे। उसके बाद उनकी फिजा से बात नहीं हुई। तीस जुलाई को उन्होंने एसएसपी चंडीगढ़ को कार गायब होने की शिकायत भी भेजी थी। न ही फिजा ने यह बताया कि उन्होंने कार किसको दी थी।

कई अहम सवाल
-फिजा ने किसको दी थी स्कॉर्पियो?
- मौत के बाद भी उस शख्स ने स्कॉर्पियो फिजा के परिजनों या महाजन को क्यो नहीं लौटाई?
-उसने स्कॉर्पियो के बारे में पुलिस को जानकारी न देकर लावारिस क्यों छोड़ दिया?
-गाड़ी अंबाला में ही क्यों छोड़ी गई?
फोरेंसिक जांच में खास सुराग नहीं
मोहाली। फिजा की मौत के मामले में फोरेंसिक जांच से भी पुलिस को कुछ मदद नहीं मिली है। फिजा का शव मिलने के बाद फोरेंसिक टीमों ने घर के चप्पे-चप्पे से सैंपल लिए थे। लेकिन अब तक की जांच में कोई भी ऐसा अहम सुराग नहीं मिला है, जिससे कुछ खुलासा हो सके। सूत्रों के मुताबिक अभी तक की इमेज मैपिंग से ऐसी कोई नई जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में फिजा की मौत की गुत्थी उलझ गई है। अब पुलिस को विसरा जांच रिपोर्ट से ही मदद की उम्मीद है। दिल को जांच के लिए राजिंद्रा अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में भेजा गया है। जहां से रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। बाकी विसरा केमिकल लैबोरेट्री खरड़ भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने में वक्त लग सकता है। तब तक इस हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस अंधेरे में ही रहेगी। अब तक इस मामले में जिन लोगों से पूछताछ की गई है, वे भी ऐसा कोई सुराग नहीं दे सके हैं, जिससे फिजा की मौत के राज से पर्दा उठ सके।

एक अगस्त की देर रात हुई मौत?
मोहाली। फिजा के शव का पोस्टमार्टम करने वाली टीम का मनना है कि उनकी मौत एक अगस्त की देर रात हुई। फिजा के शव का छह अगस्त को देर शाम सिविल अस्पताल में तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया था। बोर्ड के हेड डॉ. पीएस भट्टी के अनुसार फिजा की मौत एक अगस्त को देर रात से लेकर दो अगस्त तड़के बीच में हुई हो सकती है। हालांकि फिजिकल एग्जामिनेशन से सही समय का आकलन करना मुश्किल है। इसका पता तो विसरा जांच रिपोर्ट में ही लग सकता है।

एक लैपटॉप और तीन मोबाइल मिले
फिजा के घर से सर्च के दौरान पुलिस को एक लैपटॉप और तीन अन्य मोबाइल भी मिले हैं। इनकी जांच कर ली गई है। डीएसपी दर्शन सिंह मान ने बताया कि लैपटॉप और मोबाइल में ऐसा कुछ नहीं मिला है, जोकि केस पर रोशनी डाल सके।

कैश और गहने जमा कराने की ली इजाजत
फिजा के घर से बरामद भारी कैश और गहनों को बैंक में रखवाने के लिए शुक्रवार को पुलिस ने इलाका मजिस्ट्रेट की इजाजत ली। फिजा के घर से वीरवार को करीब 92 लाख रुपये कैश, डेढ़ तोले सोने के जेवर और आठ सौ ग्राम चांदी के जेवर बरामद हुए थे। जिन्हें सुरक्षित बैंक में जमा कराने के लिए पुलिस ने शुक्रवार को अदालत से इजाजत हासिल कर ली है।

सीडियां पारिवारिक समारोहों की
फिजा के घर वीरवार को हुई सर्च के दौरान छह-सात सीडियां भी मिली थीं। एसपी सिटी स्वरनदीप सिंह ने बताया कि उन सीडियों में कुछ खास नहीं है। वे पारिवारिक समारोहों की सीडियां थीं। एक सीडी फिजा की शादी की भी थी।

चाचा सतपाल से हुई पूछताछ
फिजा के चाचा सतपाल से पुलिस ने शुक्रवार को एक बार फिर पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक सतपाल ने पुरानी बातें ही दोहराई हैं। एक अगस्त को फिजा ने उसे रखड़ी पर आने के लिए फोन किया था। पर अगले दिन फिजा का फोन नहीं आया, इसलिए वह भी नहीं गया। छह अगस्त को वह फिजा के घर पहुंचा तो काफी बदबू आ रही थी। जिसके बाद वह थाना फेज 11 चला गया और पुलिस को सूचना दी।

सलीम अलवी नहीं आए
मोहाली। फिजा केस में पुलिस ने बुलंदशहर निवासी सलीम अलवी को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन अलवी नहीं पहुंचे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उनके साथ आने वाले कुछ लोगों को जन्माष्टमी कार्यक्रम में शरीक होना था। इसलिए वह नहीं आए। फिलहाल उनका आना टल गया है। गौरतलब है कि फिजा की आखिरी दिनों में जिन लोगों से मोबाइल पर बात हुई थी, उनमें अलवी भी थे।

छुट्टी की वजह से नहीं खुले लॉकर
चंडीगढ़। मोहाली पुलिस ने फिजा के लॉकरों के संबंध में शुक्रवार को बैंकों में संपर्क करने की कोशिश की मगर छुट्टी होने की वजह से जांच नहीं हो सकी। जिस तरह से फिजा के घर वीरवार को नगदी और आभूषणों की बरामदगी हुई, उससे लॉकर्स में भी काफी कुछ मिलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ये लॉकर एसबीआई की चंडीगढ़ शाखा और अन्य प्रमुख बैंकों में हैं। अब इन्हें खोलने के लिए पुलिस को सोमवार को ही तक इसका खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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पार्टी का पैसा
फिजा चुनाव लड़ने और एक राजनीतिक पार्टी खड़ी करने की तैयारी कर रही थी। इसके लिए फिजा ए हिंद पार्टी का अनौपचारिक रूप से गठन भी कर लिया था। खुद को इस पार्टी का कार्यकर्ता बताने वाले नसीम अहमद के मुताबिक अगले वर्ष औपचारिक तौर पर पार्टी घोषित करने की योजना फिजा ने बना ली थी। इसके लिए गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से फंड भी इकट्ठा जुटाया जा रहा था।

यह है चुन्नी का राज!
फिजा के दोस्त वकील रोहित महाजन का कहना है कि अपनी मम्मी की मौत के बाद से फिजा हर रोज सोने से पहले उनके फोटोग्राफ के सामने दीया जलाकर श्रद्धांजलि देती थी। इस दौरान वह सिर पर चुन्नी भी डालती थी। मौत के वक्त फिजा के गले में चुन्नी थी।
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