आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बेड के नीचे पांच घंटे पड़ा रहा मृत बच्चा

Chandigarh

Updated Thu, 12 Jul 2012 12:00 PM IST
गर्भ में बच्चे की मौत, डाक्टरों ने दो दिन बाद भी नहीं किया अबार्शन और स्वत: डिलीवरी हुई
टाइम लाइन
09 जुलाई
9.30 बजे महिला मनीमाजरा अस्पताल पहुंची
11.00 बजे सेक्टर-6 पंचकूला सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया
01.00 बजे बच्चे के मृत होने की मनीमाजरा अस्पताल में जानकारी मिली, रेफर
02.30 बजे महिला जनरल अस्पताल सेक्टर-16 पहुंची
03.30 बजे बाहर से टेस्ट करवाकर डाक्टरों को रिपोर्ट दिखाई, डाक्टरों ने कहा- मंगलवार को आओ

10 जुलाई
08.30 बजे सुबह महिला बारिश में भीगती हुई जनरल अस्पताल पहुंची, दोबारा कुछ टेस्ट और अल्ट्रासाउंड कराए गए
11.00 बजे इन जांच की रिपोर्ट दिखाई, लेकिन बच्चे के मरे होने के 24 घंटे बीतने के बाद भी उसे एडमिट नहीं किया
03.00 बजे गाइनी वार्ड में दाखिल किया गया, लेकिन अबार्शन नहीं किया
12.30 बजे में दर्द शुरू और नर्स अबार्शन रूम ले गईं, लेकिन वहां अन्य मरीज के होने के कारण उसे वापस बेड पर भेज दिया
03.00 बजे महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नर्स ने साफ-सफाई तक नहीं की
08.00 बजे अगली सुबह तक बेड के नीचे मृत बच्चे को रखकर बैठे रहे परिजन
10.00 बजे डाक्टरों ने महिला का उपचार शुरू किया

(टाइम लाइन के सभी समय अनुमानित हैं)

क्रासर :
भरती होने के लिए दो दिनों तक अस्पताल का चक्कर काटती रही महिला
जनरल अस्पताल में हुई डिलीवरी, घंटों तक डाक्टरों-नर्सों ने सुध नहीं ली
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बुलबुल, सुमन और लड्डू तिवारी के बच्चे की मौत से भी शहर के अस्पताल प्रबंधनों ने सबक नहीं ली है। इस बार सेक्टर-16 स्थित जनरल अस्पताल में संवेदनहीनता का बड़ा मामला सामने आया।
मनीमाजरा की लक्ष्मी के पेट में ही आठ माह के बच्चे की मौत हो गई थी। वह जनरल अस्पताल पहुंची, लेकिन यहां के डॉक्टर उसे दो दिनों तक दौड़ाते रहे। काफी मिन्नत करने पर मंगलवार दोपहर बाद उसे दाखिल तो कर लिया गया, लेकिन किसी ने अबार्शन नहीं किया। आखिरकार, बुधवार अलसुबह तीन बजे लक्ष्मी ने गाइनी वार्ड के बेड नंबर 11 पर बगैर किसी डाक्टर और नर्स की देखरेख में मृत बच्चे को जन्म दिया। लक्ष्मी के पति शैलेश के मुताबिक, डिलीवरी के बाद भी नर्सों ने न तो साफ सफाई की और न ही मृत बच्चे को वहां से हटाया। मजबूरन उसकी मां को ही लक्ष्मी का ‘प्राथमिक उपचार’ करना पड़ा और सुबह आठ बजे तक (पांच घंटे) मृत बच्चे को भी लक्ष्मी के बेड के नीचे ही रखना पड़ा। काफी हंगामा होने के बाद बच्चे को वहां से हटाया गया और करीब 10 बजे डाक्टरों ने महिला का उपचार शुरू किया। उधर, गर्भवती महिला के साथ हुई इस लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रशासन ने कमेटी गठित कर मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

पेट में बच्चा मरा था, डाक्टरों ने कहा- अगले दिन आओ
लक्ष्मी के पति शैलेश कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी आठ महीने की गर्भवती थी। 9 जुलाई को तेज दर्द उठने पर वह लक्ष्मी को मनीमाजरा के सरकारी अस्पताल ले गए। वहां अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि बच्चे की मौत हो चुकी है। इसके तुरंत बाद वह अपनी पत्नी को लेकर सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल पहुुंचे। वहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद भी न तो अबार्शन किया और न ही लक्ष्मी को दाखिल किया। उन्हें अगले दिन आने को कहा गया। आखिरकार वे वापस लौट गए।

दोबारा जांच की, फिर भी नहीं किया अबार्शन
हालत बिगड़ने पर परिजन लक्ष्मी को लेकर मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे फिर जनरल अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने लक्ष्मी को ओपीडी में देखा और फिर से अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। दोबारा अल्ट्रासाउंड में भी बच्चे की मृत होने की रिपोर्ट आई। इसके बावजूद डॉक्टरों ने लक्ष्मी को दाखिल नहीं किया। काफी मिन्नतें करने के बाद मंगलवार दोपहर बाद उसे अस्पताल में दाखिल किया गया, लेकिन बच्चे के मृत होने की जानकारी मिलने के 24 घंटे से ज्यादा का समय गुजरने के बाद भी डाक्टरों ने लक्ष्मी का अबार्शन नहीं किया।


डिलीवरी के बाद भी सुध नहीं ली
परिजनों ने कहा कि बुधवार देर रात लक्ष्मी को फिर तेज दर्द हुआ। वार्ड में लक्ष्मी दर्द से कराह रही थी, लेकिन डाक्टरों ने इसकी भी परवाह नहीं की। नतीजतन बुधवार अल सुबह तीन बजे लक्ष्मी की डिलीवरी हो गई, लेकिन किसी नर्स ने न तो साफ-सफाई की और न ही मृत बच्चे को वहां से हटाया।

इस संवेदनहीनता का जिम्मेवार कौन!
कितनी हैरत की बात है कि लक्ष्मी गाइनी वार्ड के बेड नंबर 11 पर जिंदगी-मौत से जूझ रही थी और अस्पताल प्रशासन यह पता करने में ही समय बिता दिया कि आखिर मरीज का पता क्या है? ताकि सरकारी पत्र भेजकर घटना की पूरी जानकारी ली जा सके। दो दिनों से महिला मरीज अस्पताल के चक्कर लगाती रही और अस्पताल प्रशासन इससे भी अनजान बना रहा?

कोट्स..........
इस मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। इतने बड़े अस्पताल में ऐसी संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नर्स हो या डॉक्टर, जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डा. चंद्रमोहन, स्वास्थ्य निदेशक
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

इस एक्टर ने पहन ली ऐसी ड्रेस, लोगों ने कहा- 'ये तो कंडोम है'

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

क्या ये गाने आपको पुराने दौर में ले जाते हैं, सुनकर कीजिए तय

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

उपन्यासकार वेद प्रकाश शर्मा की ये कहानी आपके दिल को छू जाएगी

  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

हर उभरती हीरोइन को कंगना से सीखनी चाहिए ये 6 बातें, सफलता चूमेगी कदम

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

WhatsApp लाया अब तक का सबसे शानदार फीचर, आपने आजमाया क्या ?

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

Most Read

काशी की महिला ज्योतिषियों ने बताया यूपी चुनाव का परिणाम

femal astrologers from kashi tell about result of up electionp
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

भितरघात की चिंगारी से झुलसती सपा

spark of sabotage scorched SP
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

नेताजी से मिले सुब्रमण्यम स्वामी अाैर मुलायम के लिए कुछ यूं निकाला अलफाज

Subramanian Swamy meet mulayam singh yadav
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top