आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

डाक्टरों के जुनून से विश्व पटल पर छाया पीजीआई

Chandigarh

Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। पीजीआई का हमेशा से ही गौरवमयी इतिहास रहा है। यहां वर्तमान में रोजाना औसतन पांच हजार तो सालाना 18 लाख मरीज पहुंचते हैं इलाज कराने। सालभर में पीजीआई के तकरीबन साढ़े तीन सौ डॉक्टरों द्वारा गंभीर बीमारियों को दूर करने को लेकर तैयार किए गए रिसर्च पेपर देश-दुनिया तक अपनी छाप छोड़ते हैं और विश्व के कोने-कोने के जर्नल्स में इन्हें प्रमुखता से जगह मिलती है। यह पीजीआई के डॉक्टरों की विश्वसनीयता ही है कि न्यूरोलॉजी, लीवर, किडनी, आई और ब्रेन समेत पल्मोनरी विभाग में इलाज कराने के लिए सिर्फ ट्राइसिटी, पंजाब और हरियाणा ही नहीं, बल्कि हिमाचल, जम्मू एंड कश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आसाम, नागालैंड समेत नार्थ ईस्ट के दूर-दराज इलाकों के मरीज यहां इलाज कराने पहुंचते हैं।
कोट्स............
चिकित्सा जगत में पीजीआई ने जो स्थान बनाया है, वह और ऊपर उठेगा। इस कड़ी में जल्द ही कुछ नए एडवांस्ड सेंटर खुलेंगे। पीजीआई का दुनिया के तमाम चिकित्सा संस्थानों से साथ करार है। इसे और आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि चिकित्सा जगत की नई तकनीकियों के माध्यम से मरीजों का इलाज किया जा सके।
- प्रो. योगेश चावला, निदेशक, पीजीआई
(जिन्होंने लीवर ट्रांसप्लांट करके पीजीआई को नई बुलंदियां पर पहुंचाया)
.................
पीजीआई पर साल दर साल मरीजों का जो भरोसा बढ़ रहा है, उसे मेंटेन करना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हमारी कोशिश होती है कि मरीजों को यहां इंटरनेशनल लेवल का उपचार देकर नई जिंदगी दें।
- प्रो. आमोद गुप्ता, पीजीआई के डीन एवं एडवांस आई सेंटर के प्रमुख
...................
स्टेमसेल से डायबिटीज का जो इलाज शुरू किया गया है, उसे हर मरीज तक पहुंचाना मेरी प्राथमिकता होगी।
- प्रो. अनिल भंसाली, प्रमुख, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग
............
आने वाले समय में लंग्स को बदल कर मरीजों को नई जिंदगी देना मेरा मुख्य मकसद है।
- प्रो. एसके जिंदल, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग
-----------------

‘जीवनदान’ देने वाली उपलब्धियों भरा सफर
- एंडोक्राइनोलॉजी विभाग ने ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग के साथ मिलकर पहली बार स्टेमसेल से मरीजों की डायबिटीज को दूर किया।
- किडनी की बीमारी दूर करने के लिए पीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग में देशभर में पहली बार डीएम की पढ़ाई हुई। पीजीआई के पूर्व नेफ्रोलॉजिस्ट प्रो. केएस चुग को इसका पूरा श्रेय जाता है। इसलिए उन्हें पूरे देश में फादर ऑफ नेफ्रोलॉजी के नाम से जाना जाता है।
- पल्मोनरी मेडिसिन में डीएम की पढ़ाई पहली बार प्रो. एसके जिंदल की अगुवाई में शुरू हुई।
-पीजीआई में पहली बार 1973 में किडनी ट्रासप्लांट हुआ।
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन को पीजीआई के पूर्व चिकित्सक प्रो. जेजी जौली ने पहली बार इस संस्थान से शुरू कराया। इससे पहले इस तरह का कोई विषय ही नहीं होता था। आज नतीजा यह है कि पूरे देश में ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसे विभाग में तमाम गंभीर बीमारियों को दूर किया जा रहा है।
- पीजीआई का एडवांस आई सेंटर देश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर अक्युलर इंफेलेमेशन बना।
- पीजीआई ने पहली बार अपने देश की सीमाओं को लांघते हुए सार्क देशों में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई। अब भी सार्क कंट्रीज में पीजीआई के एक्सपर्ट अपनी सेवाएं देते हैं।
- पीजीआई में ही एक मरीज के हार्ट को निकालकर उसकी चारों डैमेज आर्टीज को दुरुस्त किया गया। यह प्रक्रिया हार्ट ट्रांसप्लांट से भी जटिल होती है। इस प्रक्रिया को पीजीआई ने बेस्ट सर्जरी के तौर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा था।
- पीजीआई ने इस रीजन में संस्थान के निदेशक प्रो. योगेश चावला की अगुवाई में पहली बार सफल लीवर ट्रांसप्लांट किया।
- ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में भी पीजीआई ने इतिहास रचा है। डॉ. संजय जैन और उनकी टीम ने इस गंभीर बीमारी को खत्म कर कई मरीजों को जीवनदान दिया।
- ब्रेन की गंभीर सर्जरी को चंद सेकेंड में करने के लिए गामा नाइफ जैसी प्रक्रिया का इस रीजन में पहली बार प्रयोग किया गया। इस प्रक्रिया से ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर सर्जरी में भी मरीज को एक से दो दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।
- गंभीर बीमारियों को समय से पहले खोजने के लिए न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग ने पेट स्कैन तकनीक शुरू की। इस क्षेत्र में पहली और पूरे देश के सरकारी संस्थानों में तीसरी जगह शुरू होने वाली इस तकनीकी से मरीजों को समय रहते बीमारी की जानकारी हो रही है, जिससे समय रहते इलाज करके उन्हें बचाया जा रहा है।
- देश में चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली तमाम योजनाओं में पीजीआई के विशेषज्ञों को महत्वपूर्ण स्थान मिला है।
----------------------
अतीत के आइने से
- पीजीआई में 1963 में एक साल में सवा लाख मरीजों का उपचार किया गया। इनमें सवा तीन हजार मरीजों को दाखिल कर इलाज किया गया था।
- इस वक्त ओपीडी में एक साल में 18 लाख से ज्यादा मरीजों की जांच की जाती है, जबकि सालाना 68 हजार से ज्यादा मरीजों को दाखिल कर इलाज किया जाता है।
- साल में साढ़े सात सौ रिसर्च पेपर प्रकाशित किए जाते हैं।
- हर साल पीजीआई के तकरीबन 80 डॉक्टरों को नेशनल एवं इंटरनेशनल चिकित्सा संस्थान से विभिन्न सम्मानों से नवाजा जाता है।
------------
पीजीआई का छात्र नेपाल का राष्ट्रपति
नेपाल के राष्ट्रपति प्रो. राम बरन यादव ने पीजीआई से ही पढ़ाई की है। प्रो. यादव ने पीजीआई से एमडी की और यह पीजीआई की गरिमा ही थी कि उनके बेटे और बहू ने भी पीजीआई से ही डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की।
---------------------
आज 1600 डाक्टर करते हैं मरीजों की सेवा
आज 450 डॉक्टरों और 1200 रेजीडेंट डॉक्टरों की मदद से मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। 1963 में जब पीजीआई की शुरुआत हुई थी, तब तकरीबन डेढ़ सौ डॉक्टर मरीजों का उपचार करते थे। इस संस्थान की शुरुआत 27 अलग-अलग विभागों से हुई थी और इस वक्त यहां क्लीनिकल और नॉन क्लीनिकल के 50 विभाग हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

shadow pgi

स्पॉटलाइट

शाहरुख की 'नासमझी से मरा' ये एक्टर सालों तक रहा गुमनाम, अब चला रहा है होटल

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

राशिफल: जानें कैसा रहेगा आज आपका दिन

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

23 साल की एरियाना ग्रांड के जस्टिन बीबर भी हैं दीवाने, आतंकी हमले में बाल-बाल बचीं

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

कांस में अपने दूसरे दिन ग्लैमरस गोल्डन अवतार में नजर आईं सोनम कूपर

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

कभी इस शख्स से होने वाली थी माधुरी की शादी, क्यों हो गईं रिजेक्ट?

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

Most Read

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

PWD घोटाला: ACB ने केजरीवाल के साढ़ू के घर मारा छापा

delhi: ACB raids residence of Arvind Kejriwal's late brother-in-law
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश: बलिया में सपा नेता की गोली मारकर हत्या

UP: SP leader Sumer Singh shot dead by motorcycle borne miscreants in Ballia
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

योगी सरकार ने बदला पेंशन योजना का नाम, अब मिलेंगे एक हजार रुपये

 UP govt to give 1000 rps under pension yojna.
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

कश्मीरः क्रिकेट मैच के फाइनल में गूंजा पीओके का तराना, मैदान में लगे आतंकियों के पोस्टर

Kashmir: PoK anthem played before cricket match
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

उन्नावः पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक, जान बचाने को ट्रेन से कूदे यात्री

derail of lokmanya tilak in unnao
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top