आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को तरजीह देने पर हाईकोर्ट सख्त

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़

Updated Thu, 01 Dec 2016 12:38 AM IST
punjab and haryana Highcourt on the books of private publishers

Punjab And Haryana Highcourt ChandigarhPC: File Photo

पंजाब - हरियाणा हाईकोर्ट ने शहर के अधिकतर निजी स्कूलों में छात्रों को एनसीईआरटी की सस्ती पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें लगवाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। साथ ही चंडीगढ़ के शिक्षा सचिव व शिक्षा विभाग के निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
चंडीगढ़ पेरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि तय कानून के अनुसार स्कूलों में वही पुस्तकें पढ़ाने की अनिवार्यता है, जिनकी सिफारिश शिक्षा विभाग करता है। बावजूद इसके छात्रों पर एनसीईआरटी के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की कीमत एससीआरटी की पुस्तकों के मुकाबले 10 गुना अधिक है।

यह सारा खेल निजी स्कूल प्रबंधको की मिलीभगत से चल रहा है। गोयल ने हाईकोर्ट को बताया है की पंजाब एजुकेशन कोड  चंडीगढ़ पर भी लागू होता है। इस कानून के तहत स्कूलों को मान्यता प्रदान करने के साथ ही इस कानून के अनुच्छेद- 249 के तहत यह भी तय किया गया है कि यह सभी स्कूल वही पुस्तकें पढ़ाएंगे, जिन्हें एजुकेशन विभाग रिकमेंड करेगा। इस कानून के बावजूद चंडीगढ़ का एजुकेशन विभाग स्कूलों को एनसीआरटी की पुस्तकें पढ़ने के लिए निर्देश नहीं दे रहा है और न ही अवमानना करने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाई कर रहा है।

साल 2013 में हाईकोर्ट ने भी ऐसे ही एक मामले में निर्देश दिए थे कि स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ाई जानी चाहिए। 20 जुलाई 2015 में सीबीएसई ने भी अपने से मान्यता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिए थे कि निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की बजाय एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जाएं। याची ने मामले को लेकर इसी माह 7 नवंबर को चंडीगढ़ के शिक्षा सचिव और एजुकेशन विभाग के निदेशक को रिप्रेजेंटेशन देकर इस प्रावधान को लागू करने की मांग की थी। याची की रिप्रेजेंटेशन पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। याची ने इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि एजुकेशन विभाग निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाये जाने के निर्देश दे। हाईकोर्ट ने याचिका पर चंडीगढ़ के शिक्षा सचिव और एजुकेशन विभाग के निदेशक को नोटिस जारी कर आठ दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। 
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

इंस्टाग्राम की नई क्वीन बनीं कैटरीना, एक दिन में हुए इतने फॉलोअर्स

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अधूरी रह गई विनोद खन्ना की आखिरी ख्वाहिश...

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

बाहुबली ने बॉक्स ऑफिस में रचा इतिहास, खान तिकड़ी के ये रहे कमाई के रिकॉर्ड?

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

इस मंदिर में पुरुषों का प्रवेश है निषेध, जानें कैसे कर पाते हैं पूजा

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अपडेटेड रेंज रोवर अगले साल तक होगी लॉन्च

  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अब SP की फ्रायरब्रांड प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा

pankhuri pathak resign from samajwadi party
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का एक और सख्त फैसला, नोट‌िस बोर्ड पर लगेगी टीचर्स की फोटो

government officers pic will be placed on   noticeboard to ensure attenence
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अखिलेश के बर्ताव से शहीद के परिजन नाराज, सपा समर्थकों की नारेबाजी से आक्रोश

akhilesh behavior displeases family of martyr
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

'हवस मिटाने के लिए बीवियां बदलना सही नहीं'

up cabinet minister swami prasad maurya says muslim change wife to eradicate their lust
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top