आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

जरूरतें पूरी करने का बेहतर विकल्प एनपीएस

कारोबार डेस्क/नई दिल्ली

Updated Mon, 24 Dec 2012 12:56 PM IST
nps is better option to fulfill needs
नेशनल पेंशन प्लान या न्यू पेंशन स्कीम यानी एनपीएस नौकरी से रिटायर होने के बाद पेंशन पाने का बहुत ही कारगर और आसान उपाय है। एनपीएस एक तरह से लंबी अवधि की बचत योजना है, जिसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें सक्षम बनाना है।
सरकारी नौकरियों में कार्यरत लोगों को छोड़ दिया जाए तो निजी सेक्टरों में काम करने वाले संगठित या असंगठित या स्वयं का रोजगार करने वालों के लिए पेंशन के बारे में सोचना काफी मुश्किल लगता है। लेकिन सरकार की ओर से शुरू की गई न्यू पेंशन स्कीम से वह लोग भी अपने बुढ़ापे को बेहतर बना सकते हैं। केंद्र सरकार ने जनवरी 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन व्यवस्था शुरू की गई थी। तब यह केवल केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध थी। बाद में 1 मई 2009 से इस स्कीम की सुविधा हर भारतीय नागरिक के लिए उपलब्ध करा दी गई।

रिटायरमेंट के बाद यदि टैक्स की देनदारी बने तो यह काफी कष्टकारक और परेशान करने वाली रहती है। इसलिए, जब भी पेंशन की प्लानिंग करनी चाहिए उसमें टैक्स की बचत करने वाले विकल्पों के बारे में जरूर सोचना चाहिए। एनपीएस में निवेश टैक्स सेविंग के नजरिए से भी लाभकारी है। कुल मिलाकर देखें तो एनपीएस से दोतरफा लाभ मिलता है। पहला, बुढ़ापे में पेंशन का सहारा और दूसरा टैक्स की बचत करने में सहूलियत। हालांकि इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि एनपीएस में रिटर्न गारंटेड नहीं होता है, बल्कि यह फंड के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।

न्यू पेंशन स्कीम में 18 से 60 साल का कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। इसमें हर माह कम से कम 500 रुपये 60 साल की उम्र तक जमा कराना होगा। जमा राशि में से 60 फीसदी भुगतान 60 साल की उम्र में मिलेगा, जबकि शेष 40 फीसदी राशि से हर माह पेंशन के रूप में मिलती है।

एनपीएस को लोकप्रिय बनाने के लिए आम बजट 2010-11 में तत्कालीन वित्तमंत्री ने ‘स्वावलंबन स्कीम’ की शुरुआत की। इसके तहत, वित्तीय वर्ष 2010-11 में खोले जा रहे असंगठित क्षेत्र के न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) खातों में सरकार की तरफ से 3 वर्षों तक 1,000 रुपये का अंशदान भी करने का ऐलान किया गया।

पीपीएफ का नहीं जवाब
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ बचत, निवेश और रिटर्न का एक बेहतर स्वरूप है। यदि आप रिटायरमेंट के बाद की योजना बना रहे हैं, तो पीपीएफ अकाउंट को अपने पोर्टफोलियो में जरूर शामिल करें। कोई भी वेतनभोगी और बिजनेस करने वाला व्यक्ति अपना पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकता है।

पीपीएफ अकाउंट की परिपक्वता अवधि 15 साल की होती है और परिपक्वता पर रिटर्न करमुक्त होता है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम एक लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। इस निवेश पर कर में कटौती का भी लाभ मिलता है। पीपीएफ अकाउंट में हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये का निवेश आवश्यक है। पीपीएफ खाते पर निवेशक को 8.80 फीसदी ब्याज मिल रहा है। इसे डाकघर और सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ बैंकों में खुलवाया जा सकता है। पीपीएफ अकाउंट पर कम ब्याज पर लोन की भी सुविधा मिलती है। आप महज 2 फीसदी सालाना ब्याज पर लोन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

जान लें टैक्स बचत के प्रावधान
आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीडी के तहत वेतनभोगी कर्मचारी सालाना वेतन (बेसिक एवं डीए) का अधिकतम 10 फीसदी एवं सेल्फ एम्प्लायड ग्रॉस टोटल इनकम का अधिकतम 10 फीसदी न्यू पेंशन स्कीम में निवेश कर टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि धारा 80सी, 80 सीसीसी एवं 80 सीसीडी के तहत अधिकतम छूट 1 लाख रुपये तक की ही प्राप्त की जा सकती है। इस स्कीम में ईईटी के आधार पर टैक्स लगता है, अर्थात जब पैसा निकाला जाता है तो उस पर टैक्स अदा करना होता है। लेकिन यदि आप निकाली गई रकम से किसी इंश्योरेंस कंपनी से एन्यूटी ले लेते हैं, तो आपको निकाली गई राशि पर टैक्स नहीं देना होगा।

दो तरह के होते हैं अकाउंट
एनपीएस के दो तरह के अकाउंट टीयर -1 और टीयर- 2 खोले जा सकते हैं। टीयर- 1 एक तरह से आपका रिटायरमेंट सेविंग अकाउंट होता है। इसमें एक समय में न्यूनतम 500 रुपये और एक साल में न्यूनतम 6,000 रुपये का अंशदान जरूरी है। एक साल में एक अंशदान होना चाहिए। इसमें अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इसकी निकासी परिपक्वता पर ही कराई जा सकती है। टीयर- 2 अकाउंट का इस्तेमाल आप बचत खाते की तरह कर सकते हैं। इस अकाउंट को न्यूनतम 1,000 रुपये से खोला जा सकता है। एक समय में न्यूनतम 250 रुपये व साल के अंत में खाते का न्यूनतम बैलेंस 2,000 रुपये होना आवश्यक है। अपनी इच्छानुसार निकासी  कर सकते हैं। टीयर- 2 खाता के लिए टीयर-1 खाता होना जरूरी है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

फिर रामू ने मचाया बवाल, भगवान गणेश पर किए आपत्तिजनक ट्वीट

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

मानसून में भूलकर भी न खाएं ये चीजें हो सकते हैं बीमारियों के शिकार

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

ये हैं शाहरुख खान की बहन, हुआ था ऐसा हादसा सालों तक डिप्रेशन में रहीं

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

बनना चाहते हैं बॉस के 'फेवरेट' तो जल्दी से कर लें ये काम

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

ग्रेजुएट्स के लिए 'इंवेस्टीगेशन ऑफिसर' बनने का मौका, 67 हजार सैलरी

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

Most Read

खाते में 50 हजार रुपये जमा करने के लिए पैन नहीं अब आधार होगा जरूरी

existing account holders asked to submit Aadhaar details to banks by Dec 31
  • शुक्रवार, 16 जून 2017
  • +

खुशखबरी: 4 फीसदी तक घट सकता है मंथली PF कंट्रीब्‍यूशन, आज होगा फैसला

your take home salary will be increased if epfo approves this proposal
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

SMS से करा सकेंगे पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक, अपनाना होगा ये प्रोसेस

pan card can be linked to aadhaar through sms, i-t department launches new service
  • बुधवार, 31 मई 2017
  • +

1 लाख लोगों का पीएफ अटका, आधार-UAN डाटा हुआ मिसमैच

one lakh claim of pf account members unsettled as aadhaar uan data mismatch
  • बुधवार, 14 जून 2017
  • +

30 जून तक करना होगा अपने पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक

now submit aadhaar details by 30 june as epfo again extend deadline
  • बुधवार, 7 जून 2017
  • +

Paytm के पेमेंट बैंक पर मिलेगी UPI सर्विस, आपको होगा ये फायदा

paytm to launch its upi service on payment bank, will have these benefits
  • मंगलवार, 20 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top