आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पानीपत में इक्विटी निवेश घटा, कमोडिटी में तेजी

नई दिल्ली/पानीपत

Updated Fri, 09 Nov 2012 08:16 PM IST
equity investments decrease and commodity boom in panipat
टेक्सटाइल नगरी के नाम से दुनियाभर में विख्यात पानीपत में हमेशा से ही नौकरी पेशा लोगों की तुलना में कारोबारियों की संख्या अधिक रही है। यही वजह है कि यहां के लोग बैंकों व डाकघर में सेविंग के बजाय टेक्सटाइल कारोबार या अन्य काम धंधों में पैसा लगाना पसंद करते हैं।
पानीपत में वर्तमान में करीब 10 हजार 300 टेक्सटाइल उत्पाद से संबंधी सामान बनाने वाली फैक्टरियां चल रही हैं। इनमें करीब 1.90 लाख कारीगर व कुशल कारीगर काम कर रहे हैं। पानीपत से सालाना करीब 4,200 करोड़ रुपये के टेक्सटाइल उत्पादों का निर्यात हो रहा है। वहीं लोकल मार्केट 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। पानीपत में टेक्सटाइल का हब बनने की वजह से  शहर के अधिकांश लोग अन्यत्र निवेश करने की बजाय टेक्सटाइल इंडस्ट्री में निवेश करके पैर जमाने की कोशिश करते हैं।

एक साल की अवधि में 15 फीसदी बढ़ोतरी
लीड बैंक मैनेजर महेश चंद्रा बताते हैं कि पानीपत के बैंकों में 31 सितंबर 2011 तक 4,128 करोड़ रुपये जमा थे, मगर एक साल में 31 सितंबर 2012 में यह राशि बढ़कर 4,743 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। एक साल की अवधि में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा एक अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक यह राशि 4,960 करोड़ तक पहुंच गई। यानि की एक माह में 217 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।

जानकारों के अनुसार इनमें से करीब 45 फीसदी फिक्स, 25 सेविंग और 30 फीसदी चालू खातों में जमा हैं। कमोबेश ऐसी ही स्थिति डाक विभाग की है। जिले के सभी डाकघरों के बचत खातों में 31 अक्तूबर तक 396.81 करोड़  रुपये जमा हुए, जो पिछले साल इसी अवधि के तुलना में करीब 6 फीसदी अधिक है।

2002 से 2005 तक प्रापर्टी बूम में अच्छा खासा मुनाफा कमाने के बाद पहले की तरह पर्याप्त रिटर्न न मिल पाने के बाद अब निवेशकों ने इस ओर से मुंह मोड़ लिया है। हिन्दुस्तान प्रापर्टी कंसल्टेंट, मॉडल टाउन के संचालक कृष्ण देशवाल बताते हैं कि रीयल एस्टेट में एक साल में करीब 1,600 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जबकि पिछले साल यह निवेश करीब 10 फीसदी अधिक था।

उनका कहना है कि पिछले कई साल के दौरान पर्याप्त रिटर्न न मिलने के कारण निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
इक्विटी व कमोडिटी में निवेश कराने वाले मॉडल टाउन स्थित छाबड़ा कंसल्टेंट के संचालक दीपक छाबड़ा बताते हैं कि दो-ढ़ाई साल पहले तक की तुलना में शेयर बाजार में निवेश करने वालों की संख्या गिरकर 35 फीसदी रह गई है।

इस साल के दौरान शेयर बाजार में करीब 480 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जबकि कमोडिटी कारोबार तेेजी से बढ़ा है। पानीपत में सालाना करीब 2,200 से 2,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें हर साल करीब 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

काजोल ने रानी को किया इग्नोर, क्या रिश्तों में आ गई दरार?

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

टाटा का टॉप गियर, पिछड़ जाएंगी अन्य कंपनियां!

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

जिंदा लोगों को यहां कर दिया जाता है दफन, धूमधाम से होता है जश्न

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

करना चाहते हैं सरकारी नौकरी, तो HAL में करें अप्लाई

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

एलोवेरा को इस तरह करेंगे यूज तो हफ्ते भर में गायब हो जाएंगी झुर्रियां

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

Most Read

अब सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा ट्रांसपोर्ट अलाउंस

government employees not to get hike in transport allowances, hra to remain at 30 percent
  • बुधवार, 1 मार्च 2017
  • +

घर का सपना सच करेगा पीएफ अकाउंट, जानिए कैसे

pf account holders can withdraw 90 percent amount for buying home
  • बुधवार, 15 मार्च 2017
  • +

इन 7 तरीकों से आसान हो जाएगा पैसा जमा करना

7 ways by which cash deposit at banks will be hassle free
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

अब 15 दिन में मिल जाएगा जीपीएफ से पैसा

now in 15 days, get gpf payement as government bends rules
  • बुधवार, 8 मार्च 2017
  • +

ईपीएफ पर मिलेगा 8.65 फीसदी ब्याज, बनी सहमति

Labour Ministry AND Finance Ministry agree on 8.65% EPF interest SAYS Dattatreya
  • बुधवार, 15 फरवरी 2017
  • +

बजट में हो सकता है ऐलान, दो लाख तक पीएफ निकासी पर नहीं लगेगा टैक्स

Budget 2017: Govt may enhance PF withdrawal limit to 2 lac
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top