आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

ग्राहकों को नए बीमा उत्पादों के मिलेंगे विकल्प

नई दिल्ली

Updated Thu, 11 Oct 2012 01:03 AM IST
Customers will have choice of new and affordable insurance products
बीमा क्षेत्र के विस्तार के लिए सरकार ने हाल ही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाने के फैसले के साथ ही कई कदमों की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि आम आदमी तक बीमा का फायदा पहुंचाने के लिए इसमें भारी निवेश के साथ ही निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने की भी जरूरत है।
रिलायंस इंश्योरेंस ने अपने नेटवर्क और कारोबार को बढ़ाने के लिए जहां इंश्योरेंस एडवाजरों को वेतन पर रखने की रणनीति अपनाई है, वहीं कई दूसरी योजनाओं के जरिये ग्राहकों को जोड़ने की कंपनी कोशिश कर रही है। कंपनी की विस्तार योजनाओं और रणनीति पर अमर उजाला के सीनियर एडिटर हरवीर सिंह ने रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस के प्रेसिडेंट और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मलय घोष से लंबी बातचीत की। पेश है मलय घोष के साथ इस बातचीत के मुख्य अंश:

हाल ही में सरकार ने जीवन बीमा कंपनियों के लिए 12 सूत्री पैकेज की घोषणा की है, क्या यह कदम इंडस्ट्री को नए आयाम देने में मददगार होंगे?
नए कदम निश्चित तौर से इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद होंगे। इनसे इंडस्ट्री की ग्रोथ में मदद मिलेगी। हालांकि, बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि फैसले कितनी तेजी से लागू होते हैं।

ग्राहकों पर इन फैसलों का क्या असर पड़ेगा?
ग्राहकों को पहले की तुलना में ज्यादा विकल्प मिलेंगे। इंडस्ट्री में नए उत्पाद तेजी से आएंगे। साथ ही प्रतिस्पर्धा बढ़ने से नए उत्पाद के साथ-साथ कम कीमत वाले उत्पाद आएंगे। साथ ही ग्राहकों को बेहतर सर्विस मिलेगी।

बैंक इंश्योरेंस चैनल पर किस तरह असर होगा?
बैंक को ब्रोकर के रूप में काम करने का मौका मिलने से ग्राहकों के सामने नए विकल्प आएंगे। बैंक के ग्राहक किसी से भी बीमा करा सकेंगे। नए नियम से बीमा कंपनियों को समान अवसर मिलेंगे। हमारे संयुक्त उद्यम साझेदार निपॉन लाइफ को जापान में इस तरह के बैंक इश्योरेंस कारोबार का अनुभव है, जिसके जरिए 21 फीसदी नए कारोबार कंपनी को मिले। ऐसे में बैंक इंश्योरेंस हमारे लिए एक नया प्लेटफार्म देगा।

कारोबार विस्तार के लिए रिलायंस लाइफ की नई योजना क्या है?
ग्राहक को नए अनुभव देकर हम उसे बेहतर अहसास कराते हैं। हमने लाइफ प्लस योजना लागू की है। इसके जरिए हम अपनी कंपनी को बीमा बेचने वाली कंपनी की जगह से सॉल्यूशन देने वाली कंपनी के रूप में अपनी पहचान देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हम सीधे ग्राहक के पास पहुंचेंगे। हमारे 95 लाख ग्राहक हैं। कंपनी के पास 15 हजार कर्मचारी है और एक लाख एजेंट हैं। हम अपने उत्पादों के साथ ग्राहकों को लाइफ प्लस का सदस्य बनाने की कोशिश करेंगे। हम ग्राहकों के पास जाएंगे, उसको बीमा की अहमियत के साथ-साथ उसकी मौजूदा फाइनेंशियल प्लानिंग के बारे में भी बताएंगे। ग्राहक के जीवन में बदलाव के साथ बीमा की बढ़ती अहमियत को समझाएंगे। इस प्रयास से ग्राहक को कम कीमत में बेहतर उत्पाद मिल सकेंगे।
 
लाइफ प्लस के अलावा कंपनी की बड़ी योजना क्या है?
हम वितरण नेटवर्क पर फोकस कर रहे हैं, कैरियर एजेंट पर हमारा जोर है। इसके तहत हम फिक्सड वेतन पर लोगों को नियुक्त करेंगे। पिछले साल 20 शाखाओं में हमने पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत 400 लोगों को रखा था। चालू वित्तवर्ष में हम टियर-3 और टियर-4 शहरों में 220 शाखाओं में 5,500 लोगों की नियुक्ति करेंगे। इनको वेतन के अलावा इंसेटिव भी मिलेगा। इसके अलावा हम लाइफ प्लाजा के नाम से एक फेस टू फेस चैनल भी चला रहे हैं जिसके लिए महिला कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगे। इनको लाइफ प्लॉनिंग ऑफिसर कहा जाएगा। अभी तक 175 महिलाओं की नियुक्ति कर चुके हैं। इसे अभी सात जगहों में शुरू किया है, जिसे अगले साल 500 जगहों तक पहुंचाएंगे। लाइफ प्लाजा में काउंसलिंग और सलाह देने की सेवाएं देंगे। जिसे 189 शाखाओं में लागू कर रहे हैं।

कंपनी अगले दो से तीन साल में इंडस्ट्री में किस पायदान पर अपने को देखती है?
अगले तीन साल में निजी जीवन बीमा कंपनियों में पहली तीन कंपनियों में आने का हमारा लक्ष्य है।

निपॉन के साथ संयुक्त उपक्रम बनाने से कंपनी को क्या लाभ मिलेगा?
अगले चरण में जाने के लिए एक विश्वस्तर की कंपनी के दिशा-निर्देश की जरूरत थी। इसके लिए निपॉन से अच्छा कोई दूसरा साझेदार नहीं हो सकता है। समझौते के तहत प्रबंधन रिलायंस के पास रहेगा, पर किसी भी तकनीकी या दूसरी जरूरतों पर निपॉन बिना किसी रॉयल्टी के सहयोग देगी। साथ ही आईएफआरएस के लागू होने पर यह साझेदारी हमारे लिए काफी फायदेमंद रहेगी।

इंडस्ट्री के लिए क्या मौके हैं?
अर्थव्यवस्था में सुस्ती का असर बीमा उद्योग पर भी पड़ा है। ग्रोथ का सीधा जुड़ा विकास दर पर निर्भर करता है।

हाल ही में इरडा ने नए नियम दिए हैं, साथ ही क्या इंडस्ट्री ऐसा अनुभव कर रही है इरडा ज्यादा ग्राहकों के हितों पर जोर दे रहा है?
नए नियम लंबी अवधि को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं, ऐसे में कभी-कभार शुरुआती तौर पर थोड़ा इंडस्ट्री पर दबाव होता है, पर बाद में वह फायदेमंद ही होता है। इसी तरह साल 2008-09 में वैश्विक आर्थिक संकट के समय बैंकिंग सेक्टर पर पड़े असर की वजह से यह जरूरी है कि सावधानी भरे कदम उठाएं जाएं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

तो क्या देश के हर एक युवा के हाथ में होगा नोकिया 8 ?

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

उस रात बाहर सो रहा होता कोई गांव वाला तो नहीं बच पाती उसकी जान, देखें यह खौफनाक वीडियो

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

लैक्मे फैशन वीक में दिखा इन हसीनाओं का जलवा

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

नवरात्रि के 9 दिनों में करोड़पति बन जाती हैं फाल्गुनी पाठक, बॉलीवुड से अचानक हो गईं गायब

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

आर्मी जवान ने 'मैं तेरा ब्वॉयफ्रेंड' पर किया जबरदस्त डांस, पब्लिक बोली- 'सुपर से भी ऊपर'

  • गुरुवार, 17 अगस्त 2017
  • +

Most Read

RBI के सर्वे में खुलासा, मोदी सरकार से नाखुश हैं लोग

rbi survey shows youth not getting job, salary increment during three years of modi government
  • शुक्रवार, 11 अगस्त 2017
  • +

अब नहीं बदलेगा आपका पीएफ अकाउंट, UAN के बाद EPFO ने उठाया यह कदम

now your pf account will not be changed after changing job, epfo announces
  • शुक्रवार, 11 अगस्त 2017
  • +

PNB ग्राहकों पर पड़ी मार, 5 हजार से अधिक जमा करने पर देना होगा चार्ज

After SBI, PNB hike charges on deposit of more than 5 thousand rupees
  • सोमवार, 7 अगस्त 2017
  • +

आज रिटर्न फाइल करने का आखिरी दिन, नहीं किया फाइल तो भी होगा नुकसान

today is the last date for filing income tax return
  • शनिवार, 5 अगस्त 2017
  • +

रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती, अब 15 हजार की EMI पर होगी 333 रुपये की सेविंग

if taken loan than now you can save upto 1.26 lakh on home loan amount
  • बुधवार, 2 अगस्त 2017
  • +

RBI से मिल सकती है खुशखबरी, आज हो सकता है सस्ते कर्ज का ऐलान

rbi may announce cut in repo rate in its bi monthly policy
  • बुधवार, 2 अगस्त 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!