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पर्सनल लोन से आसान, पर महंगा है क्रेडिट कार्ड का लोन

हर्ष रूंगटा (सीईओ अपना पैसा डॉटकॉम)

Updated Mon, 01 Oct 2012 09:09 AM IST
credit card loans are more expensive than personal loan
अचानक पैसे की जरूरत पड़ने पर क्रेडिट कार्ड के जरिये लोन लेने का विकल्प कैसा रहेगा? क्या ऐसी जरूरत को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड से नकद निकासी (कैश विड्रॉल) भी किया जा सकता है? क्या यह उपाय अधिक उपयोगी या बेहतर साबित हो सकता है?  
क्रेडिट कार्ड से लोन लेना काफी कुछ पर्सनल लोन की ही तरह है, पर इसमें लोन लेने जितनी कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती क्योंकि क्रेडिट कार्ड पर लोन की सुविधा पहले से ही स्वीकृत (प्री अप्रूव्ड) रहती है। यदि ब्याज दरों की बात की जाए, तो क्रेडिट कार्ड पर लिए गए लोन की ब्याज दरें पर्सनल लोन से कहीं अधिक बैठती हैं। क्रेडिट कार्ड से नकद निकासी पर आपको इससे भी अधिक ब्याज चुकाना पड़ता है। दूसरी ओर क्रेडिट कार्ड पर लोन व नकद निकासी में एक बड़ा फर्क यह है कि लोन लेने पर अगर आप कर्ज का समय पूर्व (प्रीपेमेंट) करना चाहते हैं, तो इसपर आपको प्रीपेमेंट चार्ज देना पड़ सकता है, जबकि कार्ड से किए गए कैश विड्रॉल का भुगतान आप कभी भी कर सकते हैं और इसके लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना पड़ता। इसके बावजूद अगर आप कुछ ही दिनों में रकम का भुगतान कर सकने की स्थिति में आ सकते हैं, तो ऊंची ब्याज दरों के बावजूद क्रेडिट कार्ड से कैश विड्रॉल आपके लिए ज्यादा सुविधाजनक और आसान विकल्प हो सकता है।   

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर लोन लेना कैसा विकल्प है। यह सस्ता पड़ता है या महंगा?
अगर आप एफडी पर लोन लेते हैं, तो आपको पर्सनल लोन के मुकाबले काफी कम ब्याज चुकाना पड़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एफडी पर लोन सुरक्षित (सिक्योर्ड) लोन की श्रेणी में आता है, जबकि पर्सनल लोन को अपेक्षाकृत असुरक्षित माना जाता है। इसलिए आपको अचानक पैसों की जरूरत आ पड़ी है, तो पर्सनल लोन के बजाय हम एफडी पर लोन लेने की ही सलाह देंगे। इसके अलावा हम यह भी कहना चाहेंगे कि अगर एफडी आपकी अपनी है, तो आप इसपर लोन लेने के बजाय अपने एफडी को तोड़ने पर भी विचार कर सकते हैं, क्योंकि इससे आप पर किसी तरह की ब्याज की अदायगी का भार नहीं आएगा। हालांकि आपकी वित्तीय जरूरत अगर बहुत छोटे समय के लिए है या एफडी काफी बड़ी रकम का है और इसे बीच में या एफडी के कुछ भाग को तोड़ पाना संभव नहीं है, तो एफडी को बरकरार रखते हुए उसपर लोन लेना ही बेहतर होगा। इसके अलावा एफडी को मेच्योरिटी से पहले तोड़ने की लागत काफी ज्यादा बैठे तो भी इसे तोड़ने के बजाय एफडी पर लोन ले लेना आपके लिए उचित होगा।  

अगर मैं एजुकेशन लोन लोन लेता हूं, तो इसकी किस्तों के भुगतान पर क्या मुझे आयकर में किसी प्रकार की कोई छूट मिल सकती है?
आयकर अधिनियम की धारा 80 ई के तहत आपको किसी वित्तीय संस्थान या किसी स्वीकृत चैरिटेबल संस्था से लिए गए एजुकेशन लोन के ब्याज की अदायगी पर ही आयकर में छूट मिल सकती है। यह छूट खुद की अथवा अपने जीवनसाथी या बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु लिए गए एजुकेशन लोन के ब्याज की अदायगी पर प्राप्त की जा सकती है। इस तरह आप एजुकेशन लोन के मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) की अदायगी पर कोई करछूट नहीं पा सकते छूट केवल ब्याज के भुगतान पर मिलेगी। इसके अलावा यह भी याद रखने वाली बात है कि जबतक कि आप लोन के सह-आवेदक नहीं होंगे, आपको उपरोक्त लोगों के लिए एजुकेशन लोन लेने पर किसी प्रकार की करछूट नहीं मिलेगी, भले ही वास्तव में लोन का भुगतान आपके द्वारा किया जा रहा हो। अत: एजुकेशन लोन के ब्याज की अदायगी पर करछूट पाने के लिए आपका आवेदक या सह-आवेदक होना जरूरी है।

क्या किसी व्यक्ति के क्रेडिट स्‍कोर का होम लोन की मंजूरी से कोई संबंध होता है? वर्तमान में मैं क्रडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहा हूं, पर इससे खर्चे बढ़ते जाने के कारण मैं क्रेडिट कार्ड को वापस करना चाहता हूं। इसके अलावा मैं दो साल बाद होम लोन लेने के बारे में भी सोच रहा हूं। इसलिए मैं जानना चाहता हूं कि क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल का होम लोन की मंजूरी पर क्या कोई प्रभाव पड़ता है?
आपके क्रेडिट कार्ड संबंधी भुगतानों का रिकॉर्ड भविष्य में आपके किसी लोन की मंजूरी पर काफी गहरा असर डालता है। अगर आप क्रेडिट कार्ड भुगतान के मामले में डिफाल्टर रहे हैं, या भुगतान करने में देरी करते रहे हैं, तो सामान्यत: बैंक ऐसे ग्राहक को होम लोन या कोई अन्य लोन देने से बचते हैं। ऐसे ग्राहकों को केवल सिक्योर्ड लोन की श्रेणी में आने वाले कर्ज ही मिल पाते हैं, जैसे कि गोल्ड लोन, एफडी पर लोन या सिक्यूरिटी पर लोन, क्योंकि इस तरह के कर्ज की रिकवरी करना बैंकों के लिए आसान होता है। इसलिए हमारी सलाह यही है कि क्रेडिट कार्ड का भुगतान काफी तत्परता से और समय रहते कर देना चाहिए, ताकि आगे चल कर आपको बैंकों से लोन लेने में किसी तरह की कोई दिक्कत पेश न आए।
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